पड़ाव। क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में शिव महापुराण की कथा में मंगलवार को व्यास अखिलानंद महाराज ने शिवलिंग की पूजा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के लिंग और मूर्ति की स्थापना कर विधि विधान से पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
व्यास ने कहा कि शिवलिंग की पूजा से बड़े-बड़े संत और तपस्वी भी भव बंधन से मुक्त हो गए। शिव ही ब्रह्म रूप होने से निराकार कहे जाते हैं। वह सकल और निष्कल दोनों हैं। यही कारण है की लोग भगवान शिव की पूजा लिंग और मूर्ति दोनों रूपों में करते हैं। इस मौके कांति जायसवाल, शेखर जायसवाल, निधि जायसवाल, अनिल गुप्ता, ओमप्रकाश जायसवाल, अंजलि राठौड़, संतोष पाठक, नरेंद्र मिश्र आदि थे।