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Chandauli News: सुरक्षा, सफाई और शौचालय का अभाव पर्यटकों को कर रहा उदास
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प्राकृतिक सौंदर्य और मनमोहक वादियों के लिए पहचान रखने वाले मिर्जापुर के पर्यटन केंद्र बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। कभी बरसात के मौसम में सैलानियों से गुलजार रहने वाले सक्तेशगढ़, टांडा फॉल, कुशियरा फॉल, विंढम फॉल और लखनिया दरी जैसे पर्यटन स्थल विकास की बाट जोह रहे हैं। सड़क, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव का पर्यटकों को उदास कर रहा है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थलों तक पहुंचने वाले संपर्क मार्ग जर्जर हो चुके हैं। सार्वजनिक शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से विशेषकर महिलाओं और परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों को परेशानी उठानी पड़ती है। प्रकाश की व्यवस्था न होने से अधिकांश सैलानी कम समय बिताकर लौट जाते हैं। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि सुविधाओं के अभाव में पर्यटक अन्य विकसित स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। क्षेत्रीय नागरिकों का मानना है कि यदि प्रशासन सड़क सुधार, स्वच्छता व्यवस्था, सूचना केंद्र, आपातकालीन सेवाएं, पार्किंग और डिजिटल गाइडेंस जैसी सुविधाओं का विकास करे तो इन पर्यटन स्थलों की पहचान राष्ट्रीय स्तर तक बन सकती है। विंध्य क्षेत्र का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बाबा सिद्धनाथ दरी आज बदहाल है। करीब डेढ़ दशक पहले यहां दिनभर पर्यटकों की आवाजाही रहती थी। वहां अब टूटे ढांचे, उजड़ी सुविधाएं और सन्नाटा नजर आता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लगभग 16-17 वर्ष पूर्व यहां बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले और एक छोटा पार्क विकसित किया गया था। इसके चलते यह स्थल परिवारों और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया था। बरसात के मौसम में बड़ी संख्या में लोग यहां प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचते थे। जिले की सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल की पहल पर पर्यटकों के बैठने के लिए स्टैंड का निर्माण कराया गया था। साथ ही लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई थी। झूले गायब हो चुके हैं। पर्यटकों के बैठने के लिए बनाया गया स्टैंड जर्जर हो गया है। सिद्धनाथ दरी तक पहुंचने वाला मार्ग जर्जर हो गया है। वहीं सिरसी जलप्रपात पर सुरक्षा, साफ-सफाई, शौचालय और प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं बदहाल हैं।
जून माह आधा बीतने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं होने और तेज धूप के कारण अहरौरा व लालगंज क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थल वीरान पड़े हैं। सामान्यतः बरसात शुरू होते ही इन स्थलों पर पर्यटकों की चहल-पहल बढ़ जाती है, लेकिन इस बार अब तक सन्नाटा पसरा हुआ है। अहरौरा क्षेत्र के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में लखनिया दरी, चुना दरी, अंदर सुंदर, अहरौरा बांध और जरगो जलाशय शामिल हैं। सिद्धनाथ दरी का प्राकृतिक वातावरण लोगों को सुकून देता है, लेकिन राजगढ़-चुनार मार्ग से दरी तक पहुंचने वाली सड़क की खराब स्थिति और पार्किंग व्यवस्था के अभाव के कारण यहां आने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने सड़क और पार्किंग की बेहतर व्यवस्था की मांग की। -दीपक कुमार मिश्रा।
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-सूर्य कमल सिंह, बलुआ बजाहुर ने कहा कि पर्यटक। करीब 16-17 वर्ष पहले यहां बच्चों के झूले, पार्किंग और अन्य सुविधाएं मौजूद थीं, लेकिन समय के साथ अधिकांश व्यवस्थाएं समाप्त हो गईं। महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की समुचित व्यवस्था नहीं है। बरसात में पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर समस्याएं और गंभीर हो जाती हैं।
-सुशांत शर्मा, मुख्य वन संरक्षक मिर्जापुर वृत्त ने कहा कि सभी पर्यटक केंद्रों पर सफाई के बेहतर इंतजाम के साथ ही सैलानियों के सुविधाओं का ख्याल रखा जाएगा। इसके लिए संबंधित डीएफओ की तरफ से कई स्थानों पर कार्य भी शुरू करा दिया गया है। जहां कुछ कमियां हैं उसे दिखवाकर उसे भी दुरुस्त कराया जाएगा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लगभग 16-17 वर्ष पूर्व यहां बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले और एक छोटा पार्क विकसित किया गया था। इसके चलते यह स्थल परिवारों और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया था। बरसात के मौसम में बड़ी संख्या में लोग यहां प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचते थे। जिले की सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल की पहल पर पर्यटकों के बैठने के लिए स्टैंड का निर्माण कराया गया था। साथ ही लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई थी। झूले गायब हो चुके हैं। पर्यटकों के बैठने के लिए बनाया गया स्टैंड जर्जर हो गया है। सिद्धनाथ दरी तक पहुंचने वाला मार्ग जर्जर हो गया है। वहीं सिरसी जलप्रपात पर सुरक्षा, साफ-सफाई, शौचालय और प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं बदहाल हैं।
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जून माह आधा बीतने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं होने और तेज धूप के कारण अहरौरा व लालगंज क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थल वीरान पड़े हैं। सामान्यतः बरसात शुरू होते ही इन स्थलों पर पर्यटकों की चहल-पहल बढ़ जाती है, लेकिन इस बार अब तक सन्नाटा पसरा हुआ है। अहरौरा क्षेत्र के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में लखनिया दरी, चुना दरी, अंदर सुंदर, अहरौरा बांध और जरगो जलाशय शामिल हैं। सिद्धनाथ दरी का प्राकृतिक वातावरण लोगों को सुकून देता है, लेकिन राजगढ़-चुनार मार्ग से दरी तक पहुंचने वाली सड़क की खराब स्थिति और पार्किंग व्यवस्था के अभाव के कारण यहां आने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने सड़क और पार्किंग की बेहतर व्यवस्था की मांग की। -दीपक कुमार मिश्रा।
-सूर्य कमल सिंह, बलुआ बजाहुर ने कहा कि पर्यटक। करीब 16-17 वर्ष पहले यहां बच्चों के झूले, पार्किंग और अन्य सुविधाएं मौजूद थीं, लेकिन समय के साथ अधिकांश व्यवस्थाएं समाप्त हो गईं। महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की समुचित व्यवस्था नहीं है। बरसात में पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर समस्याएं और गंभीर हो जाती हैं।
-सुशांत शर्मा, मुख्य वन संरक्षक मिर्जापुर वृत्त ने कहा कि सभी पर्यटक केंद्रों पर सफाई के बेहतर इंतजाम के साथ ही सैलानियों के सुविधाओं का ख्याल रखा जाएगा। इसके लिए संबंधित डीएफओ की तरफ से कई स्थानों पर कार्य भी शुरू करा दिया गया है। जहां कुछ कमियां हैं उसे दिखवाकर उसे भी दुरुस्त कराया जाएगा।