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Chandauli News: ऑनलाइन गेमिंग के जरिये रकम दोगुनी करने का झांसा देकर करते थे ठगी, एक गिरफ्तार
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मुगलसराय कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में अंतर राज्यीय साइबर ठग। स्रोत:-जागरूक पाठक
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पीडीडीयू नगर। ऑनलाइन गेमिंग में निवेश पर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर आठ राज्यों में साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल की टीम ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास 21 डेबिट कार्ड, दो बैंक पासबुक, चार मोबाइल फोन, एक कूटरचित आधार कार्ड, एक सक्रिय सिम, चार खाली सिम पैकेट और 1200 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की 10 शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
सीओ पीडीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मुगलसराय कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम साइबर स्लेवरी व म्यूल बैंक खातों से जुड़े संदिग्धों की तलाश में रेलवे स्टेशन क्षेत्र में जांच कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि एक युवक स्टेशन के आसपास एटीएम से लगातार रुपये निकालने का प्रयास कर रहा है। इसके बाद टीम ने डीआरएम कार्यालय जाने वाले मार्ग पर घेराबंदी कर युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अंकित कुमार, निवासी ग्राम आजन, थाना मदनपुर, जिला औरंगाबाद (बिहार) बताया। उसके पास से 21 डेबिट कार्ड, दो बैंक पासबुक, चार मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड और अन्य सामान बरामद हुआ।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर जांच के दौरान दोनों बैंक खातों पर महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार, पंजाब और ओडिशा समेत विभिन्न राज्यों से 10 साइबर शिकायतें दर्ज मिलीं। डिजिटल जांच में आरोपी के मोबाइल से कई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, छह व्हाट्सएप ग्रुप, दो ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और एक वीडियो मिला है। सीओ ने बताया कि वीडियो में आरोपी अपने साथियों को साइबर ठगी की रकम को म्यूल खातों के जरिए निकालने का तरीका समझाता दिखाई दे रहा है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर बृहस्पतिवार को आरोपी को जेल भेज दिया।
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इनसेट
ऐसे चलता था ठगी का नेटवर्क
मुगलसराय कोतवाली प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से लोगों को ज्यादा मुनाफा और रकम दोगुनी करने का लालच दिया जाता था। निवेश की रकम अलग-अलग लोगों के नाम पर खोले गए म्यूल खातों में मंगाई जाती थी। इसके बाद डेबिट कार्ड के जरिए विभिन्न शहरों के एटीएम से रुपये निकालकर गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
इनसेट-2
कई राज्यों में फैला है ठगों का जाल
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि जांच के दौरान दोनों बैंक खातों से महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार, पंजाब और ओडिशा सहित कई राज्यों की साइबर शिकायतें जुड़ी मिलीं। बताया कि मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। संवाद
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सीओ पीडीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मुगलसराय कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम साइबर स्लेवरी व म्यूल बैंक खातों से जुड़े संदिग्धों की तलाश में रेलवे स्टेशन क्षेत्र में जांच कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि एक युवक स्टेशन के आसपास एटीएम से लगातार रुपये निकालने का प्रयास कर रहा है। इसके बाद टीम ने डीआरएम कार्यालय जाने वाले मार्ग पर घेराबंदी कर युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अंकित कुमार, निवासी ग्राम आजन, थाना मदनपुर, जिला औरंगाबाद (बिहार) बताया। उसके पास से 21 डेबिट कार्ड, दो बैंक पासबुक, चार मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड और अन्य सामान बरामद हुआ।
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उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर जांच के दौरान दोनों बैंक खातों पर महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार, पंजाब और ओडिशा समेत विभिन्न राज्यों से 10 साइबर शिकायतें दर्ज मिलीं। डिजिटल जांच में आरोपी के मोबाइल से कई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, छह व्हाट्सएप ग्रुप, दो ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और एक वीडियो मिला है। सीओ ने बताया कि वीडियो में आरोपी अपने साथियों को साइबर ठगी की रकम को म्यूल खातों के जरिए निकालने का तरीका समझाता दिखाई दे रहा है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर बृहस्पतिवार को आरोपी को जेल भेज दिया।
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ऐसे चलता था ठगी का नेटवर्क
मुगलसराय कोतवाली प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से लोगों को ज्यादा मुनाफा और रकम दोगुनी करने का लालच दिया जाता था। निवेश की रकम अलग-अलग लोगों के नाम पर खोले गए म्यूल खातों में मंगाई जाती थी। इसके बाद डेबिट कार्ड के जरिए विभिन्न शहरों के एटीएम से रुपये निकालकर गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
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कई राज्यों में फैला है ठगों का जाल
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि जांच के दौरान दोनों बैंक खातों से महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार, पंजाब और ओडिशा सहित कई राज्यों की साइबर शिकायतें जुड़ी मिलीं। बताया कि मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। संवाद