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स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी: चंदौली में सकलडीहा के पते पर पंजीकरण, चकिया में चल रहा था डायग्नोस्टिक सेंटर
Sat, 04 Jul 2026 06:25 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली।
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 06:25 PM IST
सार
चंदौली में स्वास्थ्य विभाग ने बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे संस्थानं पर चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई की। इस दौरान लालपुर स्थित केयर डायग्नोस्टिक सेंटर में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर उसे सील कर दिया गया।
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चकिया के पैथोलॉजी सेंटर की जांच करते स्वास्थ्य अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंदौली जिले के चकिया कस्बा और बाजारों में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को उप जिलाधिकारी के नेतृत्व में जांच अभियान चलाया। इस दौरान लालपुर स्थित केयर डायग्नोस्टिक सेंटर में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर उसे सील कर दिया गया। वहीं, तीन निजी अस्पतालों को बेसमेंट में संचालित सेवाएं बंद करने के लिए नोटिस जारी किया गया।
उप जिलाधिकारी विकास मित्तल, नोडल अधिकारी डॉ. संजय सिंह और पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विकास सिन्हा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम सबसे पहले लालपुर स्थित केयर डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंची। टीम को देखते ही वहां मौजूद तकनीशियन भाग गया।
सेंटर में कोई डॉक्टर भी नहीं मिला। जांच करने पर पता चला कि केंद्र का पंजीकरण सकलडीहा के पते पर कराया गया था, जबकि इसका संचालन चकिया क्षेत्र में किया जा रहा है। इस पर डायग्नोस्टिक सेंटर को सील कर दिया गया। इसके बाद टीम ने सहदुल्लापुर स्थित बाबा कीनाराम हॉस्पिटल पहुंची। यहां अस्पताल का शटर बंद था और कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था। लक्ष्मी चैरिटेबल हॉस्पिटल, हर्ष हॉस्पिटल और ओम साईं हॉस्पिटल की भी टीम ने जांच की।
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अस्पतालों के बेसमेंट में चिकित्सीय सेवाएं संचालित होती मिलीं। इस पर तीनों अस्पतालों को नोटिस जारी कर निर्देश दिया गया कि एक सप्ताह के भीतर बेसमेंट से सभी बेड और स्वास्थ्य सेवाएं हटा लें। अधिकारियों ने हिदायत दी कि आदेश का पालन नहीं किया गया तो अस्पतालों को सील कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से क्षेत्र में संचालित अस्पतालों और जांच केंद्रों के संचालकों में हड़कंप मच गया।
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उप जिलाधिकारी विकास मित्तल, नोडल अधिकारी डॉ. संजय सिंह और पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विकास सिन्हा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम सबसे पहले लालपुर स्थित केयर डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंची। टीम को देखते ही वहां मौजूद तकनीशियन भाग गया।
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सेंटर में कोई डॉक्टर भी नहीं मिला। जांच करने पर पता चला कि केंद्र का पंजीकरण सकलडीहा के पते पर कराया गया था, जबकि इसका संचालन चकिया क्षेत्र में किया जा रहा है। इस पर डायग्नोस्टिक सेंटर को सील कर दिया गया। इसके बाद टीम ने सहदुल्लापुर स्थित बाबा कीनाराम हॉस्पिटल पहुंची। यहां अस्पताल का शटर बंद था और कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था। लक्ष्मी चैरिटेबल हॉस्पिटल, हर्ष हॉस्पिटल और ओम साईं हॉस्पिटल की भी टीम ने जांच की।
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अस्पतालों के बेसमेंट में चिकित्सीय सेवाएं संचालित होती मिलीं। इस पर तीनों अस्पतालों को नोटिस जारी कर निर्देश दिया गया कि एक सप्ताह के भीतर बेसमेंट से सभी बेड और स्वास्थ्य सेवाएं हटा लें। अधिकारियों ने हिदायत दी कि आदेश का पालन नहीं किया गया तो अस्पतालों को सील कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से क्षेत्र में संचालित अस्पतालों और जांच केंद्रों के संचालकों में हड़कंप मच गया।