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Chitrakoot News: नमामि गंगे से मंदाकिनी सफाई की उम्मीद, समाजसेवी अभी से जुटे
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 12 May 2026 11:33 PM IST
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फोटो 12 सीकेटीपी 38 दो मई को छपी खबर।
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चित्रकूट। मंदाकिनी नदी इन दिनों गंदगी से जूझ रही है। प्रशासन की ओर से ठोस पहल का इंतजार किए बिना, स्थानीय समाजसेवियों ने नदी की सफाई का बीड़ा उठाया है। बुंदेली सेना के नेतृत्व में छेड़े गए सफाई अभियान में स्थानीय लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, नदी को स्वच्छ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मंदाकिनी नदी को अविरल बनाने के लिए अमर उजाला में इसे अभियान चलाया और इसमें गिरे सीवर और गंदगी की कई प्रमुख खबरें प्रकाशित की थीं। खबर प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। हाल ही में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने मंदाकिनी नदी का जायजा लेते हुए वहां की बदहाल व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए थे। इसी बीच बुंदेली सेना ने अपने संसाधनों से नदी को स्वच्छ बनाने का फैसला लिया और मंगलवार से नदी को साफ करने की मुहिम भी छेड़ दी है।
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बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह के नेतृत्व में समाजसेवियों ने रामघाट में नयागांव छोटे पुल से बूढ़े हनुमानजी मंदिर तक सफाई अभियान चलाया। उन्होंने मंदाकिनी में ग्रास कार्प मछली डलवानी की मांग की है।
इनसेट
नदी में गिरते दो दर्जन से ज्यादा नाले
चित्रकूट के रामघाट से कर्वी शहर तक करीब दो दर्जन से अधिक नाले सीधे मंदाकिनी नदी में गिरते हैं, इससे इसका पानी अत्यधिक प्रदूषित हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, 15 दिनों से सीवर की गंदगी भी नदी में उड़ेली जा रही है, जिस पर तत्काल रोक लगाने की आवश्यकता है।
1995 में मंदाकिनी को निर्मल बनाने की छिड़ी थी मुहिम
गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक डॉ. राम नारायण त्रिपाठी ने भी मंदाकिनी की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की और कहा कि धर्मनगरी की इस जीवनदायिनी नदी को निर्मल और अविरल बनाने का कार्य 1995 में शुरू हुआ था, लेकिन अब तक इसका सार्थक परिणाम नहीं दिख रहा है।

फोटो 12 सीकेटीपी 38 दो मई को छपी खबर।