{"_id":"6a849e0517891cdea70af4d1","slug":"mandakinis-water-level-recedes-but-troubles-persist-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1001-135174-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: मंदाकिनी का पानी उतरा पर मुसीबतें बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: मंदाकिनी का पानी उतरा पर मुसीबतें बरकरार
Tue, 18 Aug 2026 11:31 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:31 PM IST
विज्ञापन
फोटो 18 सीकेटीपी 20 रामघाट पर मंदाकिनी में स्नान करते श्रद्धालु व बैठे लोग। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। सोमवार की बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का पानी उतर गया है। लेकिन रामघाट की सीढ़ियों पर जमा कीचड़ से श्रद्धालुओं की परेशानी कम नहीं हुई।
सोमवार को तेज बारिश के कारण मंदाकिनी नदी खतरे के निशान 126.500 मीटर को पार कर गई थी। इस बाढ़ में पूरा रामघाट डूब गया था और दुकानें भी आधी जलमग्न हो गई थीं। नागपंचमी के दिन मंदाकिनी नदी में स्नान पर पाबंदी रही। सोमवार रात से जलस्तर में गिरावट आने लगी और मंगलवार सुबह तक पानी रामघाट से उतर गया।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद रामघाट समेत अन्य घाटों पर गंदगी और कीचड़ छोड़ गया। सतना से आए राजेश सिंह और पन्ना से आए सोनू मिश्र ने बताया कि वे मतगजेंद्र नाथ मंदिर में जलाभिषेक करने आए थे। नदी का पानी उतर गया है, लेकिन रामघाट में कीचड़ भरा है। उसी पानी से आचमन किया और दूसरे रास्ते से मंदिर पहुंचे।
वर्जन
बारिश के पानी से उफनाई मंदाकिनी अब शांत हो गई ओर बाढ़ का पानी भी नदी में पूरी तरह से सिमट गया है। - एसके प्रसाद, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग।
वर्जन
मंदाकिनी के जलस्तर में कमी आने के बाद रामघाट समेत सभी घाटों को साफ-सुथरा करने के लिए सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। जल्द सफाई हो जाएगी। - लालजी यादव, ईओ, नगर पालिका चित्रकूटधाम।
विज्ञापन
-- -
बाढ़ से दुकानदारों को हर साल होता नुकसान
रामघाट में पूजा सामग्री बेचने वाले राजेश पाटकर, दीपू, मूलचंद्र, भरतलाल, पीयूष सोनी ने बताया कि हर साल बाढ़ से व्यापार प्रभावित होता है। तीन साल पहले अचानक बाढ़ आने से दुकानों का सामान खराब हो गया था। एक दुकानदार माल निकालते समय डूब गया था। प्रशासन ने तब सर्वे कर मुआवजा दिया था।
-- -- -- -- -- -
बरदहा नदी का पानी रपटे पर, ग्रामीणों का आवागमन ठप
मानिकपुर। बरदहा नदी में जलस्तर बढ़ने से चमरौहा गांव के पास बने रपटे पर पानी बह रहा है। इससे आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों का आवागमन मंगलवार को बाधित रहा। हालांकि, मंगलवार देर शाम से नदी का पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है। लेकिन रपटे के ऊपर से पानी का बहाव अभी भी जारी है।
मानिकपुर क्षेत्र के रामलखन ने बताया कि भारी बारिश के कारण बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। इससे रपटा पानी में डूब जाता है औरमऊ, गुरदरी, पयासी का पुरवा और चमरौहा जैसे कई गांवों के निवासियों का संपर्क टूट जाता है। उन्होंने बताया कि मंगलवार दोपहर तक पानी कम नहीं हुआ था पर शाम को उतरने लगा।
विज्ञापन
सोमवार को तेज बारिश के कारण मंदाकिनी नदी खतरे के निशान 126.500 मीटर को पार कर गई थी। इस बाढ़ में पूरा रामघाट डूब गया था और दुकानें भी आधी जलमग्न हो गई थीं। नागपंचमी के दिन मंदाकिनी नदी में स्नान पर पाबंदी रही। सोमवार रात से जलस्तर में गिरावट आने लगी और मंगलवार सुबह तक पानी रामघाट से उतर गया।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद रामघाट समेत अन्य घाटों पर गंदगी और कीचड़ छोड़ गया। सतना से आए राजेश सिंह और पन्ना से आए सोनू मिश्र ने बताया कि वे मतगजेंद्र नाथ मंदिर में जलाभिषेक करने आए थे। नदी का पानी उतर गया है, लेकिन रामघाट में कीचड़ भरा है। उसी पानी से आचमन किया और दूसरे रास्ते से मंदिर पहुंचे।
विज्ञापन
वर्जन
बारिश के पानी से उफनाई मंदाकिनी अब शांत हो गई ओर बाढ़ का पानी भी नदी में पूरी तरह से सिमट गया है। - एसके प्रसाद, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग।
वर्जन
मंदाकिनी के जलस्तर में कमी आने के बाद रामघाट समेत सभी घाटों को साफ-सुथरा करने के लिए सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। जल्द सफाई हो जाएगी। - लालजी यादव, ईओ, नगर पालिका चित्रकूटधाम।
विज्ञापन
बाढ़ से दुकानदारों को हर साल होता नुकसान
रामघाट में पूजा सामग्री बेचने वाले राजेश पाटकर, दीपू, मूलचंद्र, भरतलाल, पीयूष सोनी ने बताया कि हर साल बाढ़ से व्यापार प्रभावित होता है। तीन साल पहले अचानक बाढ़ आने से दुकानों का सामान खराब हो गया था। एक दुकानदार माल निकालते समय डूब गया था। प्रशासन ने तब सर्वे कर मुआवजा दिया था।
बरदहा नदी का पानी रपटे पर, ग्रामीणों का आवागमन ठप
मानिकपुर। बरदहा नदी में जलस्तर बढ़ने से चमरौहा गांव के पास बने रपटे पर पानी बह रहा है। इससे आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों का आवागमन मंगलवार को बाधित रहा। हालांकि, मंगलवार देर शाम से नदी का पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है। लेकिन रपटे के ऊपर से पानी का बहाव अभी भी जारी है।
मानिकपुर क्षेत्र के रामलखन ने बताया कि भारी बारिश के कारण बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। इससे रपटा पानी में डूब जाता है औरमऊ, गुरदरी, पयासी का पुरवा और चमरौहा जैसे कई गांवों के निवासियों का संपर्क टूट जाता है। उन्होंने बताया कि मंगलवार दोपहर तक पानी कम नहीं हुआ था पर शाम को उतरने लगा।