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Chitrakoot News: कवि सुनील सौम्य की अगर तुम कहो पुस्तक का विमोचन
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 24 Mar 2026 12:11 AM IST
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फोटो- 23सीकेटीपी 24 समारोह में गीतकार सुनील सौम्य की पुस्तक अगर तुम कहो का विमोचन करते अतिथि।
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चित्रकूट। रविवार देर शाम अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। इस दौरान कवि सुनील सौम्य की पुस्तक अगर तुम कहो का विमोचन किया गया। साहित्यकारों ने अपनी समसामयिक रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
यह समारोह सीतापुर के एक होटल में परहित सेवा संस्थान के बैनर तले हुआ। सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक जुगुल किशोर तिवारी, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह और विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने पुस्तक का विमोचन किया। तिवारी ने सुनील सौम्य को बुंदेलखंड का गौरव बताया। पुलिस अधीक्षक सिंह ने कहा कि सौम्य एक श्रेष्ठ रचनाकार हैं। उनकी कृति प्रेम और सामाजिक सरोकारों को परिभाषित करती है। उन्होंने चित्रकूट की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। गीतकार सौम्य ने बताया कि हर व्यक्ति में एक कवि हृदय छिपा होता है। भावनाओं की गहराई से कविता स्वयं बहने लगती है।
कवियों ने प्रस्तुत की रचनाएं
विमोचन के बाद कई कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाईं। प्रयागराज से वंदना शुक्ला और दिनेश पांडेय ने प्रस्तुति दी। लखनऊ की संध्या त्रिपाठी, गाजीपुर के फजीहत गहमरी और हेमंत निर्भीक भी शामिल थे। चित्रकूट के जय अवस्थी, प्रतापगढ़ के अनूप और पन्ना के सौरभ श्रीवास्तव ने भी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। वाराणसी के नागेश शांडिल्य सहित अन्य कवियों ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
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यह समारोह सीतापुर के एक होटल में परहित सेवा संस्थान के बैनर तले हुआ। सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक जुगुल किशोर तिवारी, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह और विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने पुस्तक का विमोचन किया। तिवारी ने सुनील सौम्य को बुंदेलखंड का गौरव बताया। पुलिस अधीक्षक सिंह ने कहा कि सौम्य एक श्रेष्ठ रचनाकार हैं। उनकी कृति प्रेम और सामाजिक सरोकारों को परिभाषित करती है। उन्होंने चित्रकूट की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। गीतकार सौम्य ने बताया कि हर व्यक्ति में एक कवि हृदय छिपा होता है। भावनाओं की गहराई से कविता स्वयं बहने लगती है।
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कवियों ने प्रस्तुत की रचनाएं
विमोचन के बाद कई कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाईं। प्रयागराज से वंदना शुक्ला और दिनेश पांडेय ने प्रस्तुति दी। लखनऊ की संध्या त्रिपाठी, गाजीपुर के फजीहत गहमरी और हेमंत निर्भीक भी शामिल थे। चित्रकूट के जय अवस्थी, प्रतापगढ़ के अनूप और पन्ना के सौरभ श्रीवास्तव ने भी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। वाराणसी के नागेश शांडिल्य सहित अन्य कवियों ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।