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Chitrakoot News: कांशीराम आवासों की बदहाली पर हरकत में आया प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 27 Apr 2026 12:35 AM IST
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फोटो 26 सीकेटीपी-10-24 अप्रैल को प्रकाशित खबर।
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चित्रकूट। कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत बने मकानों की बदहाली की खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। डूडा ने संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब कर अधूरे कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
मानिकपुर में बने 336 आवासों के सत्यापन और हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज की जा रही है। डूडा के परियोजना अधिकारी ने उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अधिशासी अभियंता को इस संबंध में पत्र जारी किया है। अमर उजाला में 24 अप्रैल को प्रकाशित खबर के अनुसार, 22 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कांशीराम कॉलोनी खंडहर में तब्दील हो रही है।
परिसर में झाड़ियां उग आई हैं और कई मकानों के दरवाजे-खिड़कियां तक गायब हो चुके हैं। बाउंड्री होने के बावजूद परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का अभाव है। डूडा की रिपोर्ट के अनुसार, मानिकपुर के 336 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। हालांकि, बिजली और पानी की व्यवस्था न होने के कारण अब तक इनका आवंटन नहीं हो पाया है। बाहरी जलापूर्ति और विद्युतीकरण के लिए संबंधित विभागों को पहले ही पत्र भेजे जा चुके हैं।
मानिकपुर में 336 आवासों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इन आवासों के सत्यापन और हस्तांतरण की प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली और पानी की मूलभूत व्यवस्था न होने के कारण अब तक इनका आवंटन नहीं हो पाया है। डूडा ने बाहरी जलापूर्ति और विद्युतीकरण के लिए संबंधित विभागों को पहले ही पत्र भेजे हैं।
दूसरी ओर, राजापुर में 408 आवासों का निर्माण इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित मामले के कारण अधूरा है। आवास एवं विकास परिषद इस कानूनी मामले में पैरवी कर रहा है। परियोजना अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सभी अधूरे कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने आवासों की स्थिति का भौतिक सत्यापन कराने और निर्माण कार्य पूरा कर लाभार्थियों को आवास हस्तांतरित किए जाने के निर्देश दिए हैं।
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मानिकपुर में बने 336 आवासों के सत्यापन और हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज की जा रही है। डूडा के परियोजना अधिकारी ने उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अधिशासी अभियंता को इस संबंध में पत्र जारी किया है। अमर उजाला में 24 अप्रैल को प्रकाशित खबर के अनुसार, 22 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कांशीराम कॉलोनी खंडहर में तब्दील हो रही है।
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परिसर में झाड़ियां उग आई हैं और कई मकानों के दरवाजे-खिड़कियां तक गायब हो चुके हैं। बाउंड्री होने के बावजूद परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का अभाव है। डूडा की रिपोर्ट के अनुसार, मानिकपुर के 336 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। हालांकि, बिजली और पानी की व्यवस्था न होने के कारण अब तक इनका आवंटन नहीं हो पाया है। बाहरी जलापूर्ति और विद्युतीकरण के लिए संबंधित विभागों को पहले ही पत्र भेजे जा चुके हैं।
मानिकपुर में 336 आवासों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इन आवासों के सत्यापन और हस्तांतरण की प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली और पानी की मूलभूत व्यवस्था न होने के कारण अब तक इनका आवंटन नहीं हो पाया है। डूडा ने बाहरी जलापूर्ति और विद्युतीकरण के लिए संबंधित विभागों को पहले ही पत्र भेजे हैं।
दूसरी ओर, राजापुर में 408 आवासों का निर्माण इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित मामले के कारण अधूरा है। आवास एवं विकास परिषद इस कानूनी मामले में पैरवी कर रहा है। परियोजना अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सभी अधूरे कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने आवासों की स्थिति का भौतिक सत्यापन कराने और निर्माण कार्य पूरा कर लाभार्थियों को आवास हस्तांतरित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

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