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Deoria News: बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 09 Jun 2026 12:14 AM IST
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रुद्रपुर। पचलड़ी फीडर से जुड़े 104 गांवों की जर्जर बिजली व्यवस्था चौपट होने से उपभोक्ताओं में गुस्सा है। सोमवार को पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह और अष्टभुजा शुक्ला ने उपभोक्ताओं के साथ तहसील पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार अनिल तिवारी को सौंपा।
उन्होंने कहा कि पचलाड़ी फीडर की बिजली व्यवस्था करीब 50 वर्ष पुरानी हो चुकी है। फीडर पर आज भी कई स्थानों पर लकड़ी के खंभे, जर्जर हाई और एलटी तार तथा पुराने ज्वाइंटर लगे हुए हैं।
खंभों के बीच अधिक दूरी होने के कारण हल्की हवा या बारिश में भी तार टूटकर गिर जाते हैं। इससे घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
कहा कि पूरे फीडर पर केवल चार एसएसओ और छह संविदाकर्मी तैनात हैं। कर्मचारियों की कमी के चलते खराबी दूर करने में काफी समय लग जाता है। वहीं लाइन के किनारे उगे झाड़-झंकारों की सफाई न होने से आए दिन फाॅल्ट की समस्या बनी रहती है। गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा , लेकिन आठ घंटे भी नियमित बिजली नहीं मिल पा रही है।
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ज्ञापन में जर्जर तार और खंभे बदलने, अतिरिक्त खंभे लगाने, पुराने तकनीकी उपकरणों को बदलने, कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने तथा हर तीन किमी पर ज्वाइंटर फ्यूज लगाने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि यदि 15 दिन के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र के लोग बेमियादी भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
उन्होंने कहा कि पचलाड़ी फीडर की बिजली व्यवस्था करीब 50 वर्ष पुरानी हो चुकी है। फीडर पर आज भी कई स्थानों पर लकड़ी के खंभे, जर्जर हाई और एलटी तार तथा पुराने ज्वाइंटर लगे हुए हैं।
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खंभों के बीच अधिक दूरी होने के कारण हल्की हवा या बारिश में भी तार टूटकर गिर जाते हैं। इससे घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
कहा कि पूरे फीडर पर केवल चार एसएसओ और छह संविदाकर्मी तैनात हैं। कर्मचारियों की कमी के चलते खराबी दूर करने में काफी समय लग जाता है। वहीं लाइन के किनारे उगे झाड़-झंकारों की सफाई न होने से आए दिन फाॅल्ट की समस्या बनी रहती है। गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा , लेकिन आठ घंटे भी नियमित बिजली नहीं मिल पा रही है।
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ज्ञापन में जर्जर तार और खंभे बदलने, अतिरिक्त खंभे लगाने, पुराने तकनीकी उपकरणों को बदलने, कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने तथा हर तीन किमी पर ज्वाइंटर फ्यूज लगाने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि यदि 15 दिन के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र के लोग बेमियादी भूख हड़ताल शुरू करेंगे।