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Deoria News: 33 हजार वोल्ट की मेन लाइन में आया फॉल्ट, आठ घंटे ठप रही बिजली आपूर्ति
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लार। 33 हजार वोल्ट की मेन लाइन में अचानक खराबी आने से लार क्षेत्र की बिजली आपूर्ति दोपहर से ठप रही। बिजली निगम के दस से अधिक कर्मचारी करीब आठ घंटे तक फॉल्ट तलाशते रहे लेकिन देर शाम तक खराबी का पता नहीं चल सका। उमस भरी गर्मी में चार लाख से अधिक की आबादी परेशान रही। बिजली आपूर्ति ठप होने से घरों में लगे विद्युत उपकरण भी बंद हो गए।
लार उपकेंद्र को सलेमपुर केंद्र से 33 हजार वोल्ट की बिजली आपूर्ति मिलती है। यहां से चार फीडरों के माध्यम से रामनगर, रावतपार रघेन, मटियारा जगदीश, बरडीहा दलपत, बरडीहा परशुराम और भागलपुर समेत नेमा आदि 150 से अधिक गांवों और फरियांव, डीह खेमादेई उपकेंद्र को बिजली आपूर्ति की जाती है।
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे तक बिजली आपूर्ति सामान्य थी। अचानक मेन लाइन के तार में खराबी आ गई और आपूर्ति ठप हो गई। इसके बाद बिजली निगम के 10 से अधिक कर्मचारी फॉल्ट तलाशने में जुट गए। कर्मचारियों ने करीब 15 किलोमीटर तक पैदल चलकर मेन लाइन के तारों की जांच की, लेकिन देर शाम तक खराबी का पता नहीं चल सका। वहीं, स्विच यार्ड में भी कर्मचारियों की टीम फॉल्ट तलाशती रही।
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शाम सात बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने पर 50 से अधिक गांवों के लोग उपकेंद्र पहुंच गए और आपूर्ति जल्द बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी सीयूजी फोन स्विच ऑफ कर देते हैं।
इससे आपात स्थिति में संपर्क नहीं हो पाता और बिजली आपूर्ति में आई खराबी की जानकारी भी समय से नहीं मिलती। ग्रामीणों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात एसएसओ ने फॉल्ट की जानकारी करीब दो घंटे बाद दी। इससे फाल्ट तलाशने में परेशानी हुई। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग की। अवर अभियंता अविनाश कुमार गौतम ने बताया कि फॉल्ट तलाशने के लिए दस से अधिक कर्मचारी लगाए गए हैं। मेन लाइन में खराबी कहां है, इसकी जांच की जा रही है। फॉल्ट मिलते ही उसे ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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लार उपकेंद्र को सलेमपुर केंद्र से 33 हजार वोल्ट की बिजली आपूर्ति मिलती है। यहां से चार फीडरों के माध्यम से रामनगर, रावतपार रघेन, मटियारा जगदीश, बरडीहा दलपत, बरडीहा परशुराम और भागलपुर समेत नेमा आदि 150 से अधिक गांवों और फरियांव, डीह खेमादेई उपकेंद्र को बिजली आपूर्ति की जाती है।
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बुधवार दोपहर करीब 12 बजे तक बिजली आपूर्ति सामान्य थी। अचानक मेन लाइन के तार में खराबी आ गई और आपूर्ति ठप हो गई। इसके बाद बिजली निगम के 10 से अधिक कर्मचारी फॉल्ट तलाशने में जुट गए। कर्मचारियों ने करीब 15 किलोमीटर तक पैदल चलकर मेन लाइन के तारों की जांच की, लेकिन देर शाम तक खराबी का पता नहीं चल सका। वहीं, स्विच यार्ड में भी कर्मचारियों की टीम फॉल्ट तलाशती रही।
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शाम सात बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने पर 50 से अधिक गांवों के लोग उपकेंद्र पहुंच गए और आपूर्ति जल्द बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी सीयूजी फोन स्विच ऑफ कर देते हैं।
इससे आपात स्थिति में संपर्क नहीं हो पाता और बिजली आपूर्ति में आई खराबी की जानकारी भी समय से नहीं मिलती। ग्रामीणों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात एसएसओ ने फॉल्ट की जानकारी करीब दो घंटे बाद दी। इससे फाल्ट तलाशने में परेशानी हुई। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग की। अवर अभियंता अविनाश कुमार गौतम ने बताया कि फॉल्ट तलाशने के लिए दस से अधिक कर्मचारी लगाए गए हैं। मेन लाइन में खराबी कहां है, इसकी जांच की जा रही है। फॉल्ट मिलते ही उसे ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।