{"_id":"6aa6f767fcc4bdcddd037477","slug":"manish-murder-case-two-arrested-prime-accused-china-injured-in-an-encounter-deoria-news-c-208-1-sgkp1013-191707-2026-09-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मनीष हत्याकांड : दरोगा की रिवॉल्वर छीनकर भाग रहा था, मुख्य आरोपी 'चाइना' मुठभेड़ में घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनीष हत्याकांड : दरोगा की रिवॉल्वर छीनकर भाग रहा था, मुख्य आरोपी 'चाइना' मुठभेड़ में घायल
Mon, 14 Sep 2026 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 14 Sep 2026 12:50 AM IST
सार
चाइन अंसारी एक दरोगा की रिवाल्वार छीनकर भागने लगा। उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। घायल चाइना अंसारी को मेडिकल कॉलेज देवरिया में भर्ती कराया गया है। अंबुज विश्वकर्मा को रविवार की शाम को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
मुठभेड़ में घायल बदमाश चाइना
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भलुअनी कस्बे के गांधीनगर निवासी मनीष सिंह उर्फ मोनू की हत्या के दो आरोपी चाइना अंसारी और अंबुज विश्वकर्मा को पुलिस ने शनिवार की देर रात भलुअनी कस्बे के शहीद चौक से गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी चाइना अंसारी को लेकर पुलिस टीम रविवार की सुबह सोनाड़ी मोड़ के पास आला कत्ल बरामद कर लौट रही थी।
विज्ञापन
इस दौरान चाइन अंसारी एक दरोगा की रिवाल्वार छीनकर भागने लगा। उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। घायल चाइना अंसारी को मेडिकल कॉलेज देवरिया में भर्ती कराया गया है। अंबुज विश्वकर्मा को रविवार की शाम को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उधर आरोपियों के फुल एनकाउंटर की मांग को लेकर लोग थाने पहुंचे थे। पुलिस ने समझाकर भेज दिया। मनीष उर्फ मोनू सिंह की बृहस्पतिवार रात में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। मोनू के भाई की तहरीर पर पुलिस ने चाइना अंसारी, अंबुज उर्फ आशीष विश्वकर्मा सहित चार लोगों पर हत्या आदि धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
आरोपियों की धरपकड़ के लिए अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी बरहज रंजना सचान के नेतृत्व में पांच टीमें लगाई गई हैं। इसमें पुलिस ने चाइना और अंबुज को शनिवार की देर रात शहीद चौक से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में चाइना अंसारी ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त चाकू सोनाड़ी रोड के किनारे एक जगह छिपाया है।
आरोपी के निशानदेही पर रविवार की सुबह पुलिस सोनाड़ी मोड़ से चाकू बरामद कर वापस थाने आ रही थी। इस बीच गाड़ी के सामने अचानक नील गाय आ गई। उसे बचने की कोशिश में गाड़ी फिसलकर सड़क के किनारे कीचड़ में फंस गई। पुलिसकर्मी गाड़ी निकलवाने में लग गए। मौका देख चाइना अंसारी एक दरोगा की रिवाल्वर लेकर भागने लगा।
चाइना अंसारी की निशानदेही पर पुलिस हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर थाने आ रही थी। रास्ते में अचानक गाड़ी के सामने नील गाय आ गई, जिससे गाड़ी फिसलकर कीचड़ में फंस गई। गाड़ी निकाले जाने के दौरान मुख्य आरोपी चाइना अंसारी एक दरोगा की रिवाल्वर लेकर भागने लगा। उसने पुलिस पर फायरिंग भी की। जवाबी फायरिंग में चाइना अंसारी के दाहिने पैर में गोली लगी है:अभिजीत आर शंकर, एसपी देवरिया
फुल एनकाउंटर की मांग करने पहुंचे लोगों ने थाने में की नारेबाजी
बरहज। मनीष सिंह उर्फ मोनू हत्याकांड के मुख्य आरोपी चाइना अंसारी के मुठभेड़ में घायल होने की जानकारी मिलने पर मृतक के परिजन और करीब 500 से अधिक लोग रविवार को भलुअनी थाने पहुंच गए। सभी लोग आरोपियों के फुल एनकाउंटर की मांग कर रहे थे। लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। अधिकारियों के समझाने के बाद शांत हो गए।
बरहज। मनीष सिंह उर्फ मोनू हत्याकांड के मुख्य आरोपी चाइना अंसारी के मुठभेड़ में घायल होने की जानकारी मिलने पर मृतक के परिजन और करीब 500 से अधिक लोग रविवार को भलुअनी थाने पहुंच गए। सभी लोग आरोपियों के फुल एनकाउंटर की मांग कर रहे थे। लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। अधिकारियों के समझाने के बाद शांत हो गए।
रविवार की सुबह चाइना अंसारी के फुल की जगह हॉफ एनकाउंटर की खबर फैली तो पीड़ित परिवार के साथ तमाम लोग थाने की ओर चल पड़े। रास्ते में लोगों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। थाने पहुंचे लोगों ने पकड़े गए आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की।
कुछ देर के लिए थाना परिसर में माहौल गरम हो गया था। लोग पुलिस को किसी के प्रभाव में आकर काम करने का आरोप लगाने लगे। एसओ दिनेश मिश्रा ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।