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Deoria News: तेजी से बदल रहा मौसम, बीमार हो रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 30 Jan 2026 12:03 AM IST
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सलेमपुर। लगातार बदलते मौसम ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। सुबह-शाम कड़ाके की ठंड, जबकि दोपहर में तेज धूप और हल्की गर्मी से तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रोजाना इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों की भीड़ बढ़ गई है, जिसमें सबसे अधिक बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार अचानक बदलते तापमान से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ रही है, जिससे वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
सुबह ठंडी हवा के बीच लोग काम पर निकलते हैं, जबकि दोपहर में गर्मी के कारण लोग गर्म को शरीर से उतार दे रहे हैं। यही कारण है कि लोग समय पर कपड़ों में बदलाव नहीं कर पाते और बीमार पड़ रहे हैं। हालांकि चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दे रहे है कि वे हल्के गर्म कपड़े पहनें, ठंड से बचाव करें और ठंडे पानी से परहेज करें।
उधर शाम ढलते ही तापमान में गिरावट आने से बाजारों और चौराहों पर फिर से अलाव जलने लगे हैं। खासकर बुजुर्गों और रिक्शा-टेंपो चालकों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में भी लोग शाम होते ही घरों के बाहर आग जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। मौसम के इस मिजाज से स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी असर पड़ रहा है।
अभिभावक बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. अतुल कुमार ने बताया कि मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बीमारी की लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और घरेलू इलाज पर निर्भर न रहें, ताकि बीमारी गंभीर रूप न ले सके।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रोजाना इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों की भीड़ बढ़ गई है, जिसमें सबसे अधिक बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार अचानक बदलते तापमान से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ रही है, जिससे वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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सुबह ठंडी हवा के बीच लोग काम पर निकलते हैं, जबकि दोपहर में गर्मी के कारण लोग गर्म को शरीर से उतार दे रहे हैं। यही कारण है कि लोग समय पर कपड़ों में बदलाव नहीं कर पाते और बीमार पड़ रहे हैं। हालांकि चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दे रहे है कि वे हल्के गर्म कपड़े पहनें, ठंड से बचाव करें और ठंडे पानी से परहेज करें।
उधर शाम ढलते ही तापमान में गिरावट आने से बाजारों और चौराहों पर फिर से अलाव जलने लगे हैं। खासकर बुजुर्गों और रिक्शा-टेंपो चालकों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में भी लोग शाम होते ही घरों के बाहर आग जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। मौसम के इस मिजाज से स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी असर पड़ रहा है।
अभिभावक बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. अतुल कुमार ने बताया कि मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बीमारी की लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और घरेलू इलाज पर निर्भर न रहें, ताकि बीमारी गंभीर रूप न ले सके।
