{"_id":"6956c0050aae9b77a102c654","slug":"when-the-mla-objected-the-administration-banned-the-urs-ceremony-at-the-shrine-deoria-news-c-208-1-sgkp1012-171556-2026-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: विधायक ने जताई आपत्ति तो प्रशासन ने मजार पर उर्स के आयोजन पर लगाई रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: विधायक ने जताई आपत्ति तो प्रशासन ने मजार पर उर्स के आयोजन पर लगाई रोक
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 02 Jan 2026 12:12 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। गोरखपुर ओवरब्रिज के पास स्थित मजार पर तीन और चार जनवरी को प्रस्तावित उर्स के आयोजन की अनुमति नहीं मिली है। सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने आयोजन पर आपत्ति जताते हुए प्रमुख सचिव गृह से शिकायत की थी।
विधायक का कहना है उक्त स्थल पर अवैध रूप से मजार बनी हुई है। अब उस जमीन का नामांतरण भी बंजर भूमि के रूप में हो चुका है। वहां तीन व चार जनवरी को बड़े इस्लामिक आयोजन की तैयारी की जा रही है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।
विधायक ने बताया कि इस संबंध में प्रमुख सचिव गृह को पत्र भेजकर तत्काल कार्यक्रम पर रोक लगाने और अवैध मजार को ध्वस्त कराने की मांग की गई है। विधायक के पत्र जारी होते ही जिला प्रशासन सख्ती में आ गया। आनन-फानन में अनुमति के लिए आए उर्स कार्यक्रम कराने के लिए अनुमति नहीं दी।
जानकारी के मुताबिक देवरिया–गोरखपुर मार्ग स्थित कुर्न नाला के पास आस्ताना हजरत शहीद सैय्यद अब्दुल गनी शाह बाबा पर प्रस्तावित उर्स आयोजन को लेकर प्रशासन से अनुमति मांगी गई है।
दरगाह कमेटी की ओर से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) को दिए गए आवेदन में बताया गया था कि तीन और चार जनवरी 2026 को वार्षिक उर्स का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है। पत्र में कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन देते हुए आवश्यक अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया गया था। इसकी जानकारी होते ही सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने प्रमुख सचिव गृह को पत्र भेजकर तत्काल कार्यक्रम पर रोक लगाने और अवैध मजार को ध्वस्त कराने की मांग की गई है।
विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी का कहना है कि संबंधित भूमि पूरी तरह सरकारी बंजर है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा आयोजन की अनुमति की प्रक्रिया शुरू किया जाना गंभीर विषय है।
उन्होंने इसे अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक ने स्व. रामनगीना यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने इस मजार के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी और उस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
विधायक ने कहा कि प्रस्तावित आयोजन को किसी भी स्थिति में होने नहीं दिया जाएगा और पूरे मामले में कानून के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने नागरिकों से भी शांति बनाए रखते हुए कानून सम्मत तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की है।
विधायक के पत्र जारी होते ही जिला प्रशासन सख्ती में आ गया। आनन-फानन में अनुमति के लिए आए उर्स कार्यक्रम कराने के लिए अनुमति नहीं दी।
Trending Videos
विधायक का कहना है उक्त स्थल पर अवैध रूप से मजार बनी हुई है। अब उस जमीन का नामांतरण भी बंजर भूमि के रूप में हो चुका है। वहां तीन व चार जनवरी को बड़े इस्लामिक आयोजन की तैयारी की जा रही है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विधायक ने बताया कि इस संबंध में प्रमुख सचिव गृह को पत्र भेजकर तत्काल कार्यक्रम पर रोक लगाने और अवैध मजार को ध्वस्त कराने की मांग की गई है। विधायक के पत्र जारी होते ही जिला प्रशासन सख्ती में आ गया। आनन-फानन में अनुमति के लिए आए उर्स कार्यक्रम कराने के लिए अनुमति नहीं दी।
जानकारी के मुताबिक देवरिया–गोरखपुर मार्ग स्थित कुर्न नाला के पास आस्ताना हजरत शहीद सैय्यद अब्दुल गनी शाह बाबा पर प्रस्तावित उर्स आयोजन को लेकर प्रशासन से अनुमति मांगी गई है।
दरगाह कमेटी की ओर से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) को दिए गए आवेदन में बताया गया था कि तीन और चार जनवरी 2026 को वार्षिक उर्स का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है। पत्र में कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन देते हुए आवश्यक अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया गया था। इसकी जानकारी होते ही सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने प्रमुख सचिव गृह को पत्र भेजकर तत्काल कार्यक्रम पर रोक लगाने और अवैध मजार को ध्वस्त कराने की मांग की गई है।
विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी का कहना है कि संबंधित भूमि पूरी तरह सरकारी बंजर है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा आयोजन की अनुमति की प्रक्रिया शुरू किया जाना गंभीर विषय है।
उन्होंने इसे अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक ने स्व. रामनगीना यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने इस मजार के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी और उस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
विधायक ने कहा कि प्रस्तावित आयोजन को किसी भी स्थिति में होने नहीं दिया जाएगा और पूरे मामले में कानून के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने नागरिकों से भी शांति बनाए रखते हुए कानून सम्मत तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की है।
विधायक के पत्र जारी होते ही जिला प्रशासन सख्ती में आ गया। आनन-फानन में अनुमति के लिए आए उर्स कार्यक्रम कराने के लिए अनुमति नहीं दी।
