{"_id":"696142bc2bd60e483d04447d","slug":"vehicle-fitness-fee-is-rs-1350-but-rs-6000-to-7000-are-being-charged-etah-news-c-163-1-eta1001-144647-2026-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: वाहन फिटनेस शुल्क 1350, वसूले जा रहे 6000 से 7000 तक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: वाहन फिटनेस शुल्क 1350, वसूले जा रहे 6000 से 7000 तक
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:32 PM IST
विज्ञापन
बाल सुरक्षा के लिए पुलिस लाइन स्थित सभागार में एएचटी और एसजेपीयू की समीक्षा बैठक में मौजूद अध
विज्ञापन
एटा। परिवहन विभाग की और से निजी कंपनी को कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस का काम मिला है। इसके लिए एनएच-34 पर गांव छछैना के पास एटीएस (ऑटोमैटेड टेस्टिंग स्टेशन) बनाया गया है। अधिकारियों को यहां जांच के दौरान काफी अनियमितता मिली हैं। इसकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। यहां तकनीकी रूप से अक्षम कर्मचारी काम कर रहे हैं। शुल्क 1350 रुपये है और छह से सात हजार रुपये तक की वसूली की जा रही है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सतेंद्र कुमार ने बताया कि एटीएस (ऑटोमैटेड टेस्टिंग स्टेशन) पर अनियमितताओं की लगातार शिकायत मिल रही थीं। इसके बाद आरटीओ प्रशासन दीपक कुमार शाह व अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर यहां की जांच-पड़ताल की। इसमें सामने आया कि यहां जो कर्मचारी वाहनों की फिटनेस जांच के लिए लगाए गए हैं वह तकनीकी रूप से पूरी तरह अक्षम हैं। शासन की ओर से वाहनों की फिटनेस का शुल्क 1350 रुपये निर्धारित किया गया है जबकि यहां 6000 से 7000 रुपये तक की वसूली की जा रही है।
इतना ही नहीं वाहन चालक को यह लोग अंदर नहीं जाने देते, यह लोग खुद ही वाहन को ले जाते हैं। इसकी वजह से पता ही नहीं चलता कि कौन सी गाड़ी की फिटनेस सही है और किसकी गलत की गई है। इसके अलावा परिवहन विभाग को इनकी ओर से कोई साइट एक्सेस नहीं दी गई है। इसके कारण पता ही नहीं लग पाता कि कितनी गाड़ियों की सर्विस हो गई और कितनी बाकी हैं। जांच के बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
Trending Videos
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सतेंद्र कुमार ने बताया कि एटीएस (ऑटोमैटेड टेस्टिंग स्टेशन) पर अनियमितताओं की लगातार शिकायत मिल रही थीं। इसके बाद आरटीओ प्रशासन दीपक कुमार शाह व अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर यहां की जांच-पड़ताल की। इसमें सामने आया कि यहां जो कर्मचारी वाहनों की फिटनेस जांच के लिए लगाए गए हैं वह तकनीकी रूप से पूरी तरह अक्षम हैं। शासन की ओर से वाहनों की फिटनेस का शुल्क 1350 रुपये निर्धारित किया गया है जबकि यहां 6000 से 7000 रुपये तक की वसूली की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इतना ही नहीं वाहन चालक को यह लोग अंदर नहीं जाने देते, यह लोग खुद ही वाहन को ले जाते हैं। इसकी वजह से पता ही नहीं चलता कि कौन सी गाड़ी की फिटनेस सही है और किसकी गलत की गई है। इसके अलावा परिवहन विभाग को इनकी ओर से कोई साइट एक्सेस नहीं दी गई है। इसके कारण पता ही नहीं लग पाता कि कितनी गाड़ियों की सर्विस हो गई और कितनी बाकी हैं। जांच के बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।