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Etawah News: आयुर्विज्ञान विवि के कुलसचिव पर अभद्रता का आरोप

Sun, 18 Oct 2026 11:22 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Sun, 18 Oct 2026 11:22 PM IST
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Allegations of indecorous behavior against the Registrar of the University of Medical Sciences
सैफई। आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में कुलसचिव दीपक वर्मा पर फैकल्टी एसोसिएशन ने अभद्रता का आरोप लगाया है। इस संबंध में उनके कथित दुर्व्यवहार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय की फैकल्टी एसोसिएशन ने कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह को पत्र लिखा है। एसोसिएशन ने कुलसचिव से सात दिन में लिखित माफी की मांग की है।
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शिकायती पत्र में फैकल्टी एसोसिएशन ने बताया कि कुलसचिव दीपक वर्मा की ओर से 26 सितंबर 2026 में नेशनल मेडिकल काउंसिल के निरीक्षण के कारण पीजी सीटों से संबंधित विभागों के अवकाश रद किए गए थे। संकाय सदस्यों को बिना कुलपति की अनुमति के मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं थी। हाल ही में, 60 से 70 फैकल्टी सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल कुलपति प्रो. अजय सिंह से मिलने उनके कार्यालय गया।
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वहां पहले से मौजूद कुलसचिव दीपक वर्मा ने संकाय सदस्यों से अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। इससे माहौल गरमा गया और गहमागहमी में बदल गया। फैकल्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा इरी और सचिव राघवेंद्र सिंह ने कुलपति को भेजे पत्र में कुलसचिव की कार्यशैली पर सवाल उठाए। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि कुलसचिव ने वरिष्ठ शिक्षकों और महिला प्रोफेसरों को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया।
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एसोसिएशन के अनुसार, कुलसचिव ने शिक्षकों से कथित तौर पर कहा, आप सभी को कुछ तो शर्म आनी चाहिए। एसोसिएशन ने इस टिप्पणी को संकाय सदस्यों की गरिमा के विरुद्ध बताया। उन्होंने कुलसचिव दीपक वर्मा से सात दिनों के भीतर बिना शर्त लिखित माफी मांगने को कहा है। एसोसिएशन ने भविष्य में कुलसचिव दीपक वर्मा और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी केबी अग्रवाल की बैठकों में उपस्थिति पर प्रतिबंध की भी मांग की है।

कुलसचिव दीपक वर्मा ने 17 अक्तूबर को अपने पूर्व आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। अब संकाय सदस्य नेशनल मेडिकल काउंसिल निरीक्षण अवधि के बीच नए सिरे से अवकाश के लिए आवेदन कर सकते हैं। फैकल्टी एसोसिएशन ने कुलपति से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। अब देखना होगा कि कुलपति प्रो. अजय सिंह जांच समिति गठित करते हैं या मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचता है।


पीजी सीटों के संबंध में नेशनल मेडिकल काउंसिल का निरीक्षण होना प्रस्तावित था। ऐसे में उन संकाय विभागों के संकाय सदस्यों को उपस्थित रहने के लिए पत्र लिखा गया था। ताकि काउंसिल की टीम को सही जानकारी दी जा सके। विषम परिस्थितियों में कुलपति महोदय के अनुमोदन के बाद अवकाश देने की बात भी पत्र लिखी गई थी। किसी भी तरह की कोई अभद्रता नहीं की गई है। शनिवार को मीटिंग के दौरान 60-70 फैकल्टी कुलपति महोदय के कक्ष में अचानक आ गई थी। इस पर मैंने सिर्फ यह कहा था कि आप लोगों एक साथ आने की जगह पर दो-तीन लोगों के प्रतिनिधिमंडल से अपनी बात रखवानी चाहिए थी। मैंने नियमों के अनुसार ही आदेश जारी किया था। जांच में सभी चीजें स्पष्ट हो जाएंगी।

दीपक वर्मा, कुलसचिव, आयुर्विज्ञान विवि, सैफई
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