इटावा। फास्ट ट्रैक प्रथम कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश रूपेन्द्र सिंह टोंगर ने हत्या के उकसावे के मामले में आरोपी महिला पर हत्या का अतिरिक्त आरोप तय करने की अभियोजन पक्ष की अर्जी को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने तर्क दिया कि आरोप में बदलाव करने का कोई न्यायोचित आधार नहीं है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए चार जुलाई की तिथि निर्धारित की है।
मामला सहसों थाना क्षेत्र के रानीपुरा गांव का है। अभिषेक यादव ने 28 फरवरी 2020 को पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि सुबह करीब चार बजे बदमाशों ने उनके पिता राजकुमार उर्फ राजू को गोली मार दी थी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी महिला लक्ष्मी देवी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था, जिस पर कोर्ट ने 12 अगस्त 2021 को आरोप तय किए थे। कोर्ट में चली बहस के दौरान गवाह अमोल सिंह ने आरोपी महिला को मृतक पर फायर करते हुए देखने की बात कही। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि यह पूरी कहानी कानूनी राय लेकर बनाई गई है। यदि इन रिश्तेदारों ने घटना देखी थी, तो एफआईआर में अज्ञात बदमाशों की जगह आरोपी महिला को नामजद क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष के पास धारा-302 के तहत आरोप तय करने के लिए कोई भी ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं है, इसलिए अर्जी खारिज की जाती है।