सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Gaushala Sheds Sizzling... Neither Fans Nor Tarpaulins

Etawah News: तप रहे गोशालाओं के शेड...पंखे न तिरपाल

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2026 11:32 PM IST
विज्ञापन
Gaushala Sheds Sizzling... Neither Fans Nor Tarpaulins
विज्ञापन
- सुबह से नांद में भरा पानी दोपहर तक हो जाता गर्म, गोवंश मजबूरी में पीते

- 89 गोशालाओं में 18,435 गोवंश संरक्षित, कई जगह गर्मी से मवेशी बीमार
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। 44 डिग्री तापमान के बीच जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है। वहीं वन्यजीवों और गोवंश भी बेहाल हैं। तपती दोपहरी में गोशालाओं में रह रहे गोवंशों के लिए न शेड को तिरपाल से कवर किया गया है और न ही कूलर व पंखों का इंतजाम है। सुबह से नांद में भरा पानी दोपहर में तप जाने पर गोवंश मजबूरी में उसे ही पीने को मजबूर हैं।
जिले में 89 गोशालाएं संचालित हैं। इनमें लगभग 18,435 गोवंश संरक्षित हैं। भीषण गर्मी के बीच गोवंशों को भी गर्मी से बचाना चुनौती बना हुआ है। जिले की यदि कुछ गोशालाओं को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश में तपते टिनशेड के बीच गोवंश लू के थपेड़े झेल रहे हैं। उन्हें बचाने के लिए न तो तिरपाल लगाया गया है और न ही पंखे आदि की व्यवस्था की गई है। संवाद समाचार एजेंसी की टीम ने सोमवार को कुछ गोशालाओं की पड़ताल की इसमें सभी में बदइंतजामी मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन

फोटो 20::::टिनशेड के नीचे सूखा भूसा खाते गोवंश। संवाद
फोटो 21::::पानी की नांद में पड़ी काई। संवाद
कुअरा गांव में लू के थपेड़े खा रहे गोवंश

भरथना। कुअरा गांव में स्थित गोशाला में लगभग 55 गोवंश हैं। भीषण गर्मी से गोवंशों को बचाव के लिए कोई विशेष इंतजाम नहीं हैं। परिसर में लगे दो टिनशेड में गोवंशों को रखा जा रहा है। रविवार दोपहर कुछ गोवंश टिनशेड में बनी नांद में भूसा खा रहे थे जबकि कुछ गोवंश बाहर खुले में बैठे थे। लू के थपेड़ों से बचाने के लिए न तो तिरपाल, पन्नी व पंखे की व्यवस्था थी न ही ठंडे पानी का इंतजाम। पानी की नांद में भी काई जमी हुई थी। बीडीओ, सचिव को संवाददाता की ओर से कॉल की गई, लेकिन उनकी रिसीव नहीं हुई। संवाद
विज्ञापन
Trending Videos



फोटो 22::::बढ़पुरा गोशाला में टिनशेड के बीच खुले में भूसा खाते गोवंश। संवाद

बढ़पुरा गोशाला में सूखे भूसे का सहारा
उदी। बढ़पुरा गांव में संचालित गोशाला में लगभग 60 गोवंश हैं। इन्हें धूप और लू से बचाने के नाम पर परिसर में दो टिनशेड बने हुए हैं। यह चारों तरफ से खुले हुए हैं, तिरपाल या पन्नी का कोई इंतजाम नहीं है। पंखे भी नहीं लगवाए गए। गोवंश सूखा चारा खाकर पेट भर रहे हैं। पानी भी सुबह भर दिया गया था। दोपहर में उबलता पानी पीने को गोवंश मजबूर रहे। पड़ोस के घर में रहने वाले रमेश यादव ने बताया कि गोशाला से बदबू आती रहती है। लगता है जैसे साफ-सफाई ही नहीं होती है। कुछ गोवंश भी बीमार दिखाई देते हैं। पशु चिकित्सक डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि उन्हें गोवंश बीमार होने की कोई जानकारी नहीं है। एडीओ पंचायत अशोक कुमार ने बताया कि गोशाला एनजीओ के हवाले हैं। उन्होंने एनजीओ के जिम्मेदार का नंबर दिया, लेकिन उसपर बात नहीं हो सकी। संवाद


फोटो 23::::मोहरी गोशाला में टिनशेड के बाहर बैठे गोवंश। संवाद



मोहरी गोशाला में भी लू से बचाव के इंतजाम नहीं

ताखा। मोहरी गोशाला में लगभग 49 गोवंश हैं। इनके बैठने के लिए 10 फीट ऊंचे टिनशेड पड़े हैं, लेकिन 44 डिग्री तापमान के बीच गोवंशों को बचाने के लिए जूट या तिरपाल नहीं लगाया गया है। तीन टिनशेड बने हुए हैं, लेकिन बड़े गोवंश के हमलावर होने की वजह से छोटे गोवंश गर्मी में भी गर्मी में बैठने को मजबूर हैं। पानी उबलता हुआ रहता है। पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. रवि कुमार ने बताया कि गोवंशों को बचाने के लिए जूट के बोरे बंधवाने के लिए एसडीएम मैम ने निर्देशित किया है। इस संबंध में अधिकारियों से फिर वार्ता की जाएगी। बीडीओ को कॉल की गई, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed