{"_id":"6962997e189d9ca38e01cb06","slug":"state-of-the-art-central-molecular-lab-started-accurate-treatment-will-be-available-etawah-news-c-216-1-etw1002-136099-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: अत्याधुनिक सेंट्रल मॉलिक्यूलर लैब शुरू, मिलेगा सटीक इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: अत्याधुनिक सेंट्रल मॉलिक्यूलर लैब शुरू, मिलेगा सटीक इलाज
विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के मेडिकल कॉलेज परिसर में नवनिर्मित सेंट्रल मॉलिक्यूलर लैब का शुभारंभ कुलपति प्रोफेसर डॉ. अजय सिंह ने शनिवार को किया। कुलपति ने कहा कि यह लैब अनुसंधान, शोध और सटीक चिकित्सा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे मरीजों और सटीक इलाज मिल सकेगा।
कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह ने बताया कि सेंट्रल मॉलिक्यूलर लैब में अब महत्वपूर्ण संक्रामक रोगों और कैंसर की जांच मॉलिक्यूलर स्तर पर डीएनए/आरएनए आधारित परीक्षणों से की जा सकेगी। यह सुविधा बीमारियों के सूक्ष्म कारणों की पहचान को संभव बनाएगी जिससे प्रभावी उपचार का मार्ग प्रशस्त होगा। रोग को जड़ से समाप्त कर उनका वैज्ञानिक और प्रभावी उपचार किया जा सकेगा।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि लैब मेडिकल छात्रों के लिए उच्चस्तरीय अनुसंधान और शोध का एक सशक्त माध्यम सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि यह प्रयोगशाला पारंपरिक जांच विधियों की तुलना में कहीं अधिक संवेदनशील और तेज है। डॉ. वर्मा ने आगे जानकारी दी कि लैब में रियल टाइम पीसीआर जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जो संक्रामक रोगों और विभिन्न कैंसर विकारों के निदान में अत्यंत सहायक साबित होगी।
Trending Videos
कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह ने बताया कि सेंट्रल मॉलिक्यूलर लैब में अब महत्वपूर्ण संक्रामक रोगों और कैंसर की जांच मॉलिक्यूलर स्तर पर डीएनए/आरएनए आधारित परीक्षणों से की जा सकेगी। यह सुविधा बीमारियों के सूक्ष्म कारणों की पहचान को संभव बनाएगी जिससे प्रभावी उपचार का मार्ग प्रशस्त होगा। रोग को जड़ से समाप्त कर उनका वैज्ञानिक और प्रभावी उपचार किया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि लैब मेडिकल छात्रों के लिए उच्चस्तरीय अनुसंधान और शोध का एक सशक्त माध्यम सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि यह प्रयोगशाला पारंपरिक जांच विधियों की तुलना में कहीं अधिक संवेदनशील और तेज है। डॉ. वर्मा ने आगे जानकारी दी कि लैब में रियल टाइम पीसीआर जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जो संक्रामक रोगों और विभिन्न कैंसर विकारों के निदान में अत्यंत सहायक साबित होगी।