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Fatehpur News: फिर लौटा कोहरा, हवा से बढ़ने लगी ठिठुरन
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फोटो-16-कानपुर-प्रयागराज हाइवे पर शनिवार सुबह छह बजे लाइट जलाकर गुजरता वाहन। संवाद
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फतेहपुर। एक सप्ताह तक सामान्य रहे मौसम का मिजाज शुक्रवार रात अचानक बदल गया। शनिवार की भोर में आसमान कोहरे की चादर में ढका हुआ था। सुबह आठ बजे तक कोहरा छंट गया और हालात सामान्य हुए। दोपहर में धूप निकलने से सर्दी कुछ कम हुई। शाम होते ही फिर गलन बढ़ गई।
कोहरे के कारण रेल और सड़क यातायात प्रभावित रहा। सुबह चार से सात बजे तक कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर वाहन चालक लाइट जलाकर धीमी रफ्तार से चले। ठंडी हवा की वजह से लोगों को फिर ठिठुरन महसूस हुई।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. वसीम खान ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव हुआ है। अगले दो-तीन दिन और परिवर्तन की संभावना है। पछुआ हवा और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण गलन और ठंड बढ़ सकती है। शनिवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान सात डिग्री पर स्थिर है।
किसानों की फिर बढ़ी चिंता
जनवरी माह के पहले पखवारे में कोहरे और शीतलहर की वजह से किसानों को खेतों में बोई गई फसलों में पाला और माहू रोग लगने की चिंता सता रही थी। किसानों ने कृषि विशेषज्ञ और जिला कृषि अधिकारी नरोत्तम कुमार की सलाह पर कीटनाशक घोल का छिड़काव करते हुए सरसों की फसल को माहू रोग से बचाया। खेतों के चारों कोनों पर धुआं कर आलू की फसल को पाला से बचाया। मौसम साफ होने के बाद किसान गदगद नजर आ रहे थे। शनिवार भोर में एक बार फिर कोहरे के दस्तक देने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञ जगदीशचंद्र किशोर ने कहा कि अबकी बार अगर मौसम का मिजाज कई दिनों तक ऐसा रहा तो दलहनी और तिलहनी फसलों के साथ ही आलू की फसल को भी नुकसान हो सकता है।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. वसीम खान ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव हुआ है। अगले दो-तीन दिन और परिवर्तन की संभावना है। पछुआ हवा और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण गलन और ठंड बढ़ सकती है। शनिवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान सात डिग्री पर स्थिर है।
किसानों की फिर बढ़ी चिंता
जनवरी माह के पहले पखवारे में कोहरे और शीतलहर की वजह से किसानों को खेतों में बोई गई फसलों में पाला और माहू रोग लगने की चिंता सता रही थी। किसानों ने कृषि विशेषज्ञ और जिला कृषि अधिकारी नरोत्तम कुमार की सलाह पर कीटनाशक घोल का छिड़काव करते हुए सरसों की फसल को माहू रोग से बचाया। खेतों के चारों कोनों पर धुआं कर आलू की फसल को पाला से बचाया। मौसम साफ होने के बाद किसान गदगद नजर आ रहे थे। शनिवार भोर में एक बार फिर कोहरे के दस्तक देने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञ जगदीशचंद्र किशोर ने कहा कि अबकी बार अगर मौसम का मिजाज कई दिनों तक ऐसा रहा तो दलहनी और तिलहनी फसलों के साथ ही आलू की फसल को भी नुकसान हो सकता है।

फोटो-16-कानपुर-प्रयागराज हाइवे पर शनिवार सुबह छह बजे लाइट जलाकर गुजरता वाहन। संवाद
