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Firozabad News: पति-पत्नी और वो... खराब रिश्तों की भेंट चढ़ गया मयंक
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फोटो 10 मयंक का शव गांव में पहुंचने के बाद विलाप करतीं परिवार की महिलाएं व अन्य ग्रामीण। संवाद
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फिरोजाबाद। राजेश राजपूत की शादी 28 नवंबर 2004 को नगला इमलिया, पाढ़म (जसराना) निवासी उर्मिला देवी से हुई थी। राजेश इंटरमीडिएट तक पढ़ा था और उसकी सराफा की दुकान थी, जबकि उर्मिला एमए तक पढ़ी थी। दोनों के बीच पहले शैक्षणिक स्तर पर अहम का विवाद था।
उर्मिला निजी स्कूल में पढ़ाने जाती थी। वह जिस कॉलेज में पढ़ाती थी, वहीं उसके मामा का दामाद सुरेश (काल्पनिक नाम) भी पढ़ाता था। राजेश इन दोनों पर शक करता था। 2007 में उर्मिला ने एक एलआईसी कराई थी, जिसमें उसने राजेश के बजाय अपने पिता को नॉमिनी बनाया था। यहां से विवाद और गहरा गया। कुछ समय बाद उर्मिला उससे अलग रहने लगी। वर्ष 2010 में बेटी और 2012 में बेटे मयंक का जन्म हुआ। बच्चों का जन्म भी माता-पिता के संबंधों को सुधार नहीं सका।
वर्ष 2015 में उर्मिला की तबीयत अधिक खराब हुई, जिसमें राजेश का काफी पैसा खर्च हुआ। इसके बाद राजेश को अपनी सराफा की दुकान भी बंद करनी पड़ी और वह सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने लगा। यह बात उर्मिला को अखरने लगी थी, वह उसे दूसरा काम करने को कहती थी। दोनों फिर से अलग-अलग रहने लगे।
सुरेश और अपनी पत्नी पर शक के चलते राजेश उसके कॉलेज एक-दो बार गया, तो उर्मिला ने उसे वहाँ आने से साफ मना कर दिया। इसी दौरान राजेश ने पत्नी के पोस्टपेड मोबाइल नंबर की सीडीआर निकलवा ली। इसमें उसे कुछ नंबरों पर लगातार बात करना अखरा और उसने पत्नी को रोका-टोका। इसी बीच कोविड के समय लॉकडाउन में राजेश के भाई विकास की शादी हुई। शादी में उर्मिला आई थी, इस दौरान भी उनके बीच शक के चलते विवाद हुआ था।
राजेश ने पुलिस को बताया कि पत्नी उर्मिला ने बेटी और बेटे को अपनी तरफ कर लिया था। वे दोनों भी मां की बात मानते और पिता से नफरत करने लगे थे। राजेश ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उर्मिला और उसके बीच कई बार बच्चों का डीएनए कराने तक की बात हुई थी।
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उर्मिला निजी स्कूल में पढ़ाने जाती थी। वह जिस कॉलेज में पढ़ाती थी, वहीं उसके मामा का दामाद सुरेश (काल्पनिक नाम) भी पढ़ाता था। राजेश इन दोनों पर शक करता था। 2007 में उर्मिला ने एक एलआईसी कराई थी, जिसमें उसने राजेश के बजाय अपने पिता को नॉमिनी बनाया था। यहां से विवाद और गहरा गया। कुछ समय बाद उर्मिला उससे अलग रहने लगी। वर्ष 2010 में बेटी और 2012 में बेटे मयंक का जन्म हुआ। बच्चों का जन्म भी माता-पिता के संबंधों को सुधार नहीं सका।
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वर्ष 2015 में उर्मिला की तबीयत अधिक खराब हुई, जिसमें राजेश का काफी पैसा खर्च हुआ। इसके बाद राजेश को अपनी सराफा की दुकान भी बंद करनी पड़ी और वह सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने लगा। यह बात उर्मिला को अखरने लगी थी, वह उसे दूसरा काम करने को कहती थी। दोनों फिर से अलग-अलग रहने लगे।
सुरेश और अपनी पत्नी पर शक के चलते राजेश उसके कॉलेज एक-दो बार गया, तो उर्मिला ने उसे वहाँ आने से साफ मना कर दिया। इसी दौरान राजेश ने पत्नी के पोस्टपेड मोबाइल नंबर की सीडीआर निकलवा ली। इसमें उसे कुछ नंबरों पर लगातार बात करना अखरा और उसने पत्नी को रोका-टोका। इसी बीच कोविड के समय लॉकडाउन में राजेश के भाई विकास की शादी हुई। शादी में उर्मिला आई थी, इस दौरान भी उनके बीच शक के चलते विवाद हुआ था।
राजेश ने पुलिस को बताया कि पत्नी उर्मिला ने बेटी और बेटे को अपनी तरफ कर लिया था। वे दोनों भी मां की बात मानते और पिता से नफरत करने लगे थे। राजेश ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उर्मिला और उसके बीच कई बार बच्चों का डीएनए कराने तक की बात हुई थी।
