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Firozabad News: आईपीटीवी गैंग का खुलासा, तीन गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 07 Apr 2026 02:59 AM IST
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फोटो 8 पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। संवाद
- फोटो : paragwal news
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फिरोजाबाद। साइबर की दुनिया में सेंध लगाकर रिलायंस और स्टार जैसी दिग्गज कंपनियों का कंटेंट चुराकर परोसने वाले आईपीटीवी गैंग का साइबर सेल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को इन्हें जेल भेज दिया गया। इस गैंग का जाल यूपी से लेकर पंजाब और राजस्थान तक फैला हुआ था। गिरोह के मास्टरमाइंड की पुलिस को तलाश है।साइबर थाने में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि सोमवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर साइबर पुलिस ने घेराबंदी कर विजयपुरा तिराहे से तीन सट्टेबाजोंनुमा डिजिटल अपराधियों को दबोचा। पकड़े गए अभियुक्तों में पदम सिंह निवासी नगला चूरा, बसई मोहम्मदपुर, फिरोजाबाद, अशोक धीमान निवासी मांडवी, संगरूर, पंजाब और जगदीश कुमार निवासी ददरेवा, थाना राजगढ़, जिला चुरु, राजस्थान को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 2 लैपटॉप, 3 मोबाइल और पोस्ट ऑफिस की 8 आरडी पासबुक समेत भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं।
इस प्रकार देते थे अपराध को अंजाम
एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ है कि यह गैंग बॉस आईपीटीवी नाम से एक अवैध प्लेटफॉर्म चला रहा था। व्हाट्सएप पर 900 से अधिक लोगों को जोड़ा गया था। ग्राहकों को एप का लिंक और आईडी-पासवर्ड देकर उनसे क्यूआर कोड के जरिए पैसा वसूला जाता था। अवैध कमाई को छिपाने के लिए बैंक खातों और पोस्ट ऑफिस के आरडी खातों में पैसे ट्रांसफर कर लेयरिंग की जा रही थी। पुलिस ने अभियुक्त जगदीश के बैंक खाते में मौजूद 20 लाख रुपये की रकम को फ्रीज करा दिया है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह अब तक करोड़ों रुपये का चूना लगा चुका है।
मास्टरमाइंड की तलाश जारी
गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में गिरोह के मुख्य संचालक विक्रम वफा समेत जसवंत सिंह, सोमवीर और हंसराज (राजस्थान) के नामों का खुलासा किया है। पुलिस की टीमें अब इन वांछित अभियुक्तों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही हैं। इस बड़ी सफलता में प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह, निरीक्षक तेजवीर सिंह, कांस्टेबल वृंदावन बिहारी पांडे और अंकित वर्मा की मुख्य भूमिका रही।
टी-20 विश्व कप 2026 का किया था लाइव प्रसारण
जिओ स्टार कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि हेमंत टंडन ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि यह गिरोह बॉस टीवी प्लेयर नाम से एक जाली एप के जरिए खेल, मनोरंजन और इन्फोटेनमेंट चैनलों का अवैध प्रसारण करता है। विशेष रूप से आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप 2026 के लाइव प्रसारण के अधिकार जो जिओ-स्टार के पास सुरक्षित थे, उन्हें यह गिरोह धड़ल्ले से स्ट्रीम कर रहा था। आरोपियों ने मात्र 400 रुपये में व्हाट्सएप के जरिए लॉगिन क्रेडेंशियल्स बेचकर करोड़ों की पायरेसी को अंजाम दिया। इस गैंग का जाल बहुत गहरा है। बॉस आईपीटीवी के डिजिटल पदचिह्नों की जांच करने पर पता चला कि इसके डोमेन अमेरिका और सर्वर लक्जमबर्ग में होस्ट किए गए हैं।
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इस प्रकार देते थे अपराध को अंजाम
एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ है कि यह गैंग बॉस आईपीटीवी नाम से एक अवैध प्लेटफॉर्म चला रहा था। व्हाट्सएप पर 900 से अधिक लोगों को जोड़ा गया था। ग्राहकों को एप का लिंक और आईडी-पासवर्ड देकर उनसे क्यूआर कोड के जरिए पैसा वसूला जाता था। अवैध कमाई को छिपाने के लिए बैंक खातों और पोस्ट ऑफिस के आरडी खातों में पैसे ट्रांसफर कर लेयरिंग की जा रही थी। पुलिस ने अभियुक्त जगदीश के बैंक खाते में मौजूद 20 लाख रुपये की रकम को फ्रीज करा दिया है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह अब तक करोड़ों रुपये का चूना लगा चुका है।
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मास्टरमाइंड की तलाश जारी
गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में गिरोह के मुख्य संचालक विक्रम वफा समेत जसवंत सिंह, सोमवीर और हंसराज (राजस्थान) के नामों का खुलासा किया है। पुलिस की टीमें अब इन वांछित अभियुक्तों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही हैं। इस बड़ी सफलता में प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह, निरीक्षक तेजवीर सिंह, कांस्टेबल वृंदावन बिहारी पांडे और अंकित वर्मा की मुख्य भूमिका रही।
टी-20 विश्व कप 2026 का किया था लाइव प्रसारण
जिओ स्टार कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि हेमंत टंडन ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि यह गिरोह बॉस टीवी प्लेयर नाम से एक जाली एप के जरिए खेल, मनोरंजन और इन्फोटेनमेंट चैनलों का अवैध प्रसारण करता है। विशेष रूप से आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप 2026 के लाइव प्रसारण के अधिकार जो जिओ-स्टार के पास सुरक्षित थे, उन्हें यह गिरोह धड़ल्ले से स्ट्रीम कर रहा था। आरोपियों ने मात्र 400 रुपये में व्हाट्सएप के जरिए लॉगिन क्रेडेंशियल्स बेचकर करोड़ों की पायरेसी को अंजाम दिया। इस गैंग का जाल बहुत गहरा है। बॉस आईपीटीवी के डिजिटल पदचिह्नों की जांच करने पर पता चला कि इसके डोमेन अमेरिका और सर्वर लक्जमबर्ग में होस्ट किए गए हैं।

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