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Ghazipur News: तीन साल में 54 करोड़ खर्च, फिर भी बांस-बल्ली पर टिकी बिजली आपूर्ति

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2026 12:27 AM IST
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54 crore rupees spent in three years, yet electricity supply depends on bamboo poles
जगदीशपुर विद्यापति गांव में बांस के सहारे गुजरता बिजली का तार। संवाद
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गाजीपुर। बिजली निगम की ओर से जिले में जर्जर तारों को बदलने व नए बिजली के खंभे लगाने के नाम पर तीन वर्षों में 54 करोड़ रुपये खर्च किया गया। बिजली निगम की ओर से दावा किया गया कि जनपद में बेहतर बिजली आपूर्ति व्यवस्था व लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कवायद की गई है। लेकिन, बांस-बल्ली के सहारे खींचे गए बिजली के तार दावे की खंभे खोल रहे हैं। जबकि मानसून का समय नजदीक आ चुका है। ऐसे में बरसात में करंट बांस-बल्ली में उतरने से राहगीरों की जान पर खतरा मंडराने वाला है। एक वर्ष में करंट से आठ से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।

आरडीएसएस योजना (पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना) के तहत बिजली निगम ने 2022 से 2025 तक 54 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। दावा है कि जिले में 2553 किमी बिजली के तारों को बदला गया है। साथ ही सामान्य खंभों 16831, 11,000 के खंभे 5350 व 33 केवी के 687 खंभे बदले गए हैं। इन दावों के बीच अभी कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां बांस व बल्लियों के सहारे बिजली आपूर्ति हो रही है।
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केस एक
परवा में डेढ़ किलोमीटर तक बांस-बल्ली के सहारे बिजली का तार खींचा गया। खींचे गए तार काफी जर्जर हैं। तेज हवा चलने पर तारों के आपस में सटने से स्पार्किंग होती है। स्पार्किंग से निकलने वाली चिंगारी से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीण इसकी शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने पहल करने की जरूरत नहीं समझी।
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केस दो
जगदीशपुर विद्यापति में 11 हजार के तार बांस-बल्ली से खींचे गए हैं। आंधी-बारिश का समय नजदीक है। 20 दिनों में तीन बार आंधी आ चुकी है। संयोग अच्छा रहा कि कोई अब तक यहां पर हादसा नहीं हुआ है। लेकिन, आंधी व बरसात में जब बांस-बल्ली तार समेत उखड़ेंगे, तो बड़े हादसे की संभावना है।
करंट से हुई मौत के आंकड़े-
- वर्ष 2026 में मुहम्मदाबाद के हुस्सेपुर में करंट से युवक की मौत हो गई।
- मई 2026 में नंदगंज के सौरम मोड़ पर करंट से युवक की मौत हो गई।
- मई 2025 में सैदपुर के महमूदपुर हथिनी में करंट से युवक की मौत हो गई।
- मई 2025 में मरदह के नरवर में काशीदास पूजन की तैयारी के दौरान हाईटेंशन तार की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई थी।
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आजादी के इतने वर्षों बाद भी बांस-बल्ली के सहारे खींचे गए तार बिजली निगम की बदहाल व्यवस्था की कहानी को बयां करते हैं। - धर्मेंद्र यादव, मड़ही
निगम को केवल बिल वसूलने की चिंता रहती है। उसे बांस बल्ली के सहारे आपूर्ति में बदलाव करने का इंतजाम करने पर ध्यान देना चाहिए।- अनिल यादव, नसीरुद्दीनपुर
बांस-बल्ली के सहारे खींचे गए तार से हादसे की संभावना बनी रहती है। साथ ही सामान्य दिनों में इसके कारण लोकल फॉल्ट में इजाफा होता है। - विशाल सिंह, फुलवारी
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निगम की ओर से लगातार नए बिजली के खंभे लगाए जा रहे हैं। कई जगहों पर खंभे लगाए गए हैं। ऐसे जगहों को चिह्नित करके खंभे लगाने का कार्य किया जाएगा। - पीके तिवारी, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड जंगीपुर

जगदीशपुर विद्यापति गांव में बांस के सहारे गुजरता बिजली का तार। संवाद

जगदीशपुर विद्यापति गांव में बांस के सहारे गुजरता बिजली का तार। संवाद

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