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Ghazipur News: निवेश मित्र पर लंबित फाइलों का अंबार, अधिकारियों को फटकार
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गाजीपुर। जिले में निवेश को बढ़ावा देने के दावों के बीच हकीकत कुछ और ही सामने आ रही है। जिले के राइफल क्लब सभागार में सोमवार को आयोजित जिला उद्योग बन्धु/एमओयू क्रियान्वयन समिति की बैठक में विभागों की सुस्ती उजागर हो गई। खासकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में समय सीमा पार होने के बावजूद एक प्रकरण लंबित रहने पर क्षेत्रीय अधिकारी को दो दिन में समाधान करने का अल्टीमेटम दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में हुई समीक्षा में सामने आया कि निवेश मित्र पोर्टल पर अभी भी कई मामलों का निस्तारण समय से नहीं हो पा रहा है।
बीते फरवरी के आंकड़ों के अनुसार कृषि विभाग में सबसे ज्यादा 20 प्रकरण लंबित हैं, जबकि राजस्व विभाग में 17, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में 5, एमएसएमई विभाग में 4 और यूपीपीसीएल में 3 मामले अटके हैं। इसके अलावा श्रम, अग्निशमन, रजिस्ट्रार फर्म सोसाइटीज और बाट-माप विभाग में भी एक-एक फाइलें लंबित हैं। इस लापरवाही पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी और समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उधर, उद्यमियों की समस्याएं भी बैठक में जस की तस नजर आईं। एक कारोबारी द्वारा बिजली बिल में गलत बकाया और लगातार सरचार्ज लगाए जाने की शिकायत उठाई गई, जिस पर भी कोई तत्काल राहत नहीं मिल सकी। मामला जांच के लिए भेज दिया गया है। वहीं, शहर में सीवर लाइन के लिए खोदी गई सड़कों की बदहाली का मुद्दा भी फिर उठा। अधिकारियों के दावों के बावजूद कई स्थानों पर सड़कें अब तक ठीक नहीं हो सकी हैं। लालदरवाजा क्षेत्र में सड़क पुनर्स्थापना का कार्य अभी भी अधूरा बताया गया।
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मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में हुई समीक्षा में सामने आया कि निवेश मित्र पोर्टल पर अभी भी कई मामलों का निस्तारण समय से नहीं हो पा रहा है।
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बीते फरवरी के आंकड़ों के अनुसार कृषि विभाग में सबसे ज्यादा 20 प्रकरण लंबित हैं, जबकि राजस्व विभाग में 17, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में 5, एमएसएमई विभाग में 4 और यूपीपीसीएल में 3 मामले अटके हैं। इसके अलावा श्रम, अग्निशमन, रजिस्ट्रार फर्म सोसाइटीज और बाट-माप विभाग में भी एक-एक फाइलें लंबित हैं। इस लापरवाही पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी और समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उधर, उद्यमियों की समस्याएं भी बैठक में जस की तस नजर आईं। एक कारोबारी द्वारा बिजली बिल में गलत बकाया और लगातार सरचार्ज लगाए जाने की शिकायत उठाई गई, जिस पर भी कोई तत्काल राहत नहीं मिल सकी। मामला जांच के लिए भेज दिया गया है। वहीं, शहर में सीवर लाइन के लिए खोदी गई सड़कों की बदहाली का मुद्दा भी फिर उठा। अधिकारियों के दावों के बावजूद कई स्थानों पर सड़कें अब तक ठीक नहीं हो सकी हैं। लालदरवाजा क्षेत्र में सड़क पुनर्स्थापना का कार्य अभी भी अधूरा बताया गया।