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Ghazipur News: बैंककर्मियों की हड़ताल से 150 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित
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गाजीपुर। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार को बैंककर्मी हड़ताल पर रहे, जिससे 350 बैंक शाखाओं व 400 एटीएम में करीब 150 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। वहीं, हड़ताली बैंक कर्मियों ने भारतीय बैंक संघ (आईबीए) एवं यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले प्रदर्शन किया। वहीं बैंक बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल में सभी बैंकों के सभी कर्मचारी शामिल हुए। हड़ताल के कारण के एक ओर बैंकों पर ताला लटका रहा तो दूसरी तरफ एटीएम के शटर भी बंद रहे और बैंककर्मी सड़कों पर प्रदर्शन करते नजर आए। यूएफबीयू के जिला संयोजक व यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिला मंत्री सत्येंद्र गुप्ता ने कहा कि सात दिसंबर वर्ष 2023 को जारी एमओयू व आठ मार्च वर्ष 2024 को जारी संयुक्त सेटलमेंट/जॉइंट नोट में सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने का प्रावधान है।
इसके बावजूद इसका क्रियान्वयन न किया जाना न केवल वैधानिक समझौते की अवहेलना है, बल्कि बैंककर्मियों के साथ अन्याय भी है।
उन्होंने कहा कि हड़ताल में एक हजार से अधिक बैंक अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए हैं। हड़ताल से 150 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। बैंककर्मियों पर कार्य दबाव लगातार बढ़ रहा है। कर्मियों की कमी और कार्य जीवन संतुलन के अभाव में अब पांच दिवसीय बैकिंग व्यवस्था अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है।
वैधानिक समझौते को लागू न करना बैंककर्मियों के अधिकारों का हनन है, जिससे औद्योगिक शांति व कार्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। बैंककर्मी लंबे समय से धैर्यपूर्वक समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन बार-बार की जा रही देरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। घटक दल एकजुट होकर वैधानिक समझौतों के पूर्ण क्रियान्वयन तक संघर्ष जारी रखेंगे। इस मौके पर राकेश यादव, संतोष राय, रामजी, सुनील यादव आदि मौजूद रहे। बहादुरगंज : बैंककर्मियों की हड़ताल के कारण नगर समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में सभी बैंक पूर्ण रूप से बंद रहे। इसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक पंकज प्रसून ने बताया कि यह हड़ताल देशव्यापी है। बैंक कर्मी सप्ताह में पांच दिन वर्किंग डे के रूप में काम करना चाहते हैं। कर्मचारियों की मांग है कि केंद्र सरकार के कर्मियों की तरह बैंककर्मियों को भी सप्ताह में पांच दिन ही वर्किंग ऑवर में रखा जाए।
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इसके बावजूद इसका क्रियान्वयन न किया जाना न केवल वैधानिक समझौते की अवहेलना है, बल्कि बैंककर्मियों के साथ अन्याय भी है।
उन्होंने कहा कि हड़ताल में एक हजार से अधिक बैंक अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए हैं। हड़ताल से 150 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। बैंककर्मियों पर कार्य दबाव लगातार बढ़ रहा है। कर्मियों की कमी और कार्य जीवन संतुलन के अभाव में अब पांच दिवसीय बैकिंग व्यवस्था अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है।
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वैधानिक समझौते को लागू न करना बैंककर्मियों के अधिकारों का हनन है, जिससे औद्योगिक शांति व कार्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। बैंककर्मी लंबे समय से धैर्यपूर्वक समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन बार-बार की जा रही देरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। घटक दल एकजुट होकर वैधानिक समझौतों के पूर्ण क्रियान्वयन तक संघर्ष जारी रखेंगे। इस मौके पर राकेश यादव, संतोष राय, रामजी, सुनील यादव आदि मौजूद रहे। बहादुरगंज : बैंककर्मियों की हड़ताल के कारण नगर समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में सभी बैंक पूर्ण रूप से बंद रहे। इसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक पंकज प्रसून ने बताया कि यह हड़ताल देशव्यापी है। बैंक कर्मी सप्ताह में पांच दिन वर्किंग डे के रूप में काम करना चाहते हैं। कर्मचारियों की मांग है कि केंद्र सरकार के कर्मियों की तरह बैंककर्मियों को भी सप्ताह में पांच दिन ही वर्किंग ऑवर में रखा जाए।
