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Ghazipur News: छुट्टी के दिन भी खुला कोषागार, बजट खपाने की रही होड़
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गाजीपुर। अवकाश होने के बावजूद जिला कोषागार कार्यालय मंगलवार को खुला रहा। इसकी वजह वित्तीय वर्ष 2025-2026 का समाप्ति का दिन रहा। विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारी सुबह से लेकर देर रात तक जिला कोषागार में डटे रहे। वहीं कोषागार के कर्मी भी अपनी ड्यूटी में मुस्तैद नजर आए।
सुबह जिला कोषागार कार्यालय खुलते ही विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मियों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। जैसे-जैसे दिन ढलता रहा, वैसे-वैसे गहमागहमी बढ़ती गई। इस दौरान उन सरकारी विभागों के कर्मियों के चेहरे के ऊपर दबाव का भाव स्पष्ट रूप से नजर आया, जिनके यहां बजट अभी तक पूरी तरह से खर्च नहीं हो पाया था। कर्मचारी अपने-अपने विभाग का बिल-वाउचर लेकर जिला कोषागार पहुंचे थे। आम दिनों की अपेक्षा फुर्सत में दिखने वाले जिला कोषागार के कर्मी भी काम के अतिरिक्त दबाव के कारण अपने-अपने कार्य में व्यस्त नजर आए। शाम चार बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न सरकारी विभागों को दो हजार 455 करोड़ 89 लाख 524 रुपये आवंटित हुआ था। इसमें से उन्होंने दो हजार 388 करोड़ 80 हजार 44 रुपये खर्च कर दिए गए थे। जबकि शेष धनराशि को समायोजित करने की कवायद देर रात तक चलती रही।
यह रही विभागों की स्थिति
गाजीपुर। कृषि विभाग को 17 करोड़ नौ लाख 16 हजार 107 रुपये आवंटित हुए थे। इसमें से 16 करोड़ 10 लाख 71 हजार 184 रुपये खर्च किए गए। पुलिस प्रशासन को दो अरब 95 करोड़ 47 लाख 21 हजार 937 रुपये आवंटित हुए थे। 288 करोड़ 41 लाख 83 हजार 433 रुपये खर्च हुए। माध्यमिक शिक्षा के दो अरब 79 करोड़ 23 लाख 43 हजार 845 रुपये खर्च हुए हैं। पंचायती राज विभाग को एक अरब 38 करोड़ 59 हजार 905 रुपये आवंटित किया गया है। एक अरब 36 करोड़ 76 लाख 41 हजार 797 रुपये खर्च किए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग को 10 अरब 30 करोड़ 70 लाख 31 हजार सात रुपये आवंटित हुए हैं। 10 अरब 25 करोड़ 71 लाख 69 हजार 427 रुपये खर्च किए गए हैं।
दो-तीन रातों से नहीं सो पाए हैं कर्मी
गाजीपुर। विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों के ऊपर वित्तीय वर्ष समाप्ति का दबाव एक सप्ताह पूर्व से ही दिखने लगा था। सरकारी विभागों में बजट से संबंधित कार्यों को निपटाने को लेकर वरीयता दिया जाना साफतौर पर दिख रहा था। कई विभागों के अहम पटल संभालने वाले बाबू दो-तीन रात से जगे हुए थे। वह दिन-रात बजट से संबंधित कार्य कर रहे थे।
वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए कार्यालय में देर रात तक कार्य चला। सुबह से ही कर्मी अपने-अपने कार्यों में मुस्तैदी से लगे रहे। - मंगलेश सिंह पालीवाल, जिला वरिष्ठ कोषाधिकारी
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यह रही विभागों की स्थिति
गाजीपुर। कृषि विभाग को 17 करोड़ नौ लाख 16 हजार 107 रुपये आवंटित हुए थे। इसमें से 16 करोड़ 10 लाख 71 हजार 184 रुपये खर्च किए गए। पुलिस प्रशासन को दो अरब 95 करोड़ 47 लाख 21 हजार 937 रुपये आवंटित हुए थे। 288 करोड़ 41 लाख 83 हजार 433 रुपये खर्च हुए। माध्यमिक शिक्षा के दो अरब 79 करोड़ 23 लाख 43 हजार 845 रुपये खर्च हुए हैं। पंचायती राज विभाग को एक अरब 38 करोड़ 59 हजार 905 रुपये आवंटित किया गया है। एक अरब 36 करोड़ 76 लाख 41 हजार 797 रुपये खर्च किए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग को 10 अरब 30 करोड़ 70 लाख 31 हजार सात रुपये आवंटित हुए हैं। 10 अरब 25 करोड़ 71 लाख 69 हजार 427 रुपये खर्च किए गए हैं।
दो-तीन रातों से नहीं सो पाए हैं कर्मी
गाजीपुर। विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों के ऊपर वित्तीय वर्ष समाप्ति का दबाव एक सप्ताह पूर्व से ही दिखने लगा था। सरकारी विभागों में बजट से संबंधित कार्यों को निपटाने को लेकर वरीयता दिया जाना साफतौर पर दिख रहा था। कई विभागों के अहम पटल संभालने वाले बाबू दो-तीन रात से जगे हुए थे। वह दिन-रात बजट से संबंधित कार्य कर रहे थे।
वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए कार्यालय में देर रात तक कार्य चला। सुबह से ही कर्मी अपने-अपने कार्यों में मुस्तैदी से लगे रहे। - मंगलेश सिंह पालीवाल, जिला वरिष्ठ कोषाधिकारी