विनीत राय हत्याकांड: कटरा गैंग की शिकायतों को दबाने वाले तत्कालीन कोतवाल, दरोगा निलंबित, डीआईजी ने की कार्रवाई
Ghazipur News: विनीत राय हत्याकांड में वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक वैभव कृष्ण ने बड़ी कार्रवाई की है। कटरा गैंग की शिकायतों को दबाने वाले तत्कालीन कोतवाल और दरोगा को निलंबित किया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गाजीपुर में युवा होटल व्यवसायी विनीत राय हत्याकांड में पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। घटना से पहले कटरा गैंग के खिलाफ दी गई शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई न करने और उदासीनता बरतने के मामले में शहर कोतवाली तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक (कोतवाल) दीनदयाल पांडेय और तत्कालीन हल्का प्रभारी उपनिरीक्षक चंद्रशंकर मिश्र को निलंबित कर दिया गया है। वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक वैभव कृष्ण ने यह कार्रवाई की है। साथ दोनों पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
क्या था पूरा मामला
गाजीपुर के थाना शहर कोतवाली क्षेत्र के अष्टभुजी कॉलोनी निवासी होटल व्यापारी आलोक राय के बेटे व युवा व्यवसायी विनीत राय की बीते 29 मई की रात में शंकर पाण्डेय, आलोक दुबे और अन्य अपराधियों ने हत्या कर दी थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह पूरा विवाद 8 दिसंबर 2023 से चली आ रही आपसी रंजिश का परिणाम था। इस मामले में थाना कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई।
मृतक के पिता आलोक राय ने गत 15 जुलाई को डीआईजी वाराणसी के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि घटना से पहले भी कटरा गैंग की गतिविधियों को लेकर कोतवाली पुलिस को कई बार शिकायती पत्र दिए गए थे, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस विधिक कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते यह दुस्साहसिक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई।
प्रारंभिक जांच में खुली पुलिस की पोल
डीआईजी वाराणसी ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) डॉ.राकेश कुमार मिश्रा से प्रारंभिक जांच कराई। जांच में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। अपनी जांच रिपोर्ट में एएसपी सिटी ने उल्लेख किया कि 08 दिसंबर 2023 की घटना के वीडियो साक्ष्य से स्पष्ट था कि दोनों पक्ष दोषी थे, लेकिन तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ने विपक्षी शंकर पाण्डेय की तहरीर पर एनसीआर दर्ज कर केवल शिकायतकर्ता पक्ष के खिलाफ ही कार्रवाई की।
मुख्य आरोपी शंकर पाण्डेय के खिलाफ वर्ष 2021 में ही गैंगेस्टर एक्ट और जिला स्तरीय पंजीकृत गैंग (डी-63) का मुकदमा दर्ज था। इसके बावजूद उसकी हरकतों को नजरअंदाज करते हुए गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की बजाय मात्र खानापूर्ति कर इतिश्री कर ली गई। इतना ही नहीं शंकर पाण्डेय और उसके गैंग के खिलाफ प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई न होने के कारण लगातार घटनाएं होती रहीं।
यहां तक कि 14 दिसंबर 2023 की घटना के दौरान मौके पर पहुंचने के बावजूद तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया गया। साथ ही शिकायतकर्ता द्वारा फरवरी और दिसंबर 2023 में दिए गए शिकायती पत्रों की जांच हल्का प्रभारी को सौंपी गई थी, जिन्होंने बिना किसी गहन पड़ताल के दोनों पत्रों पर घिसी-पिट्टी और समान आख्या लगाकर महीनों बाद जुलाई 2024 में एक साथ प्रेषित की।
अधिकारी बोले
वाराणसी परिक्षेत्र के जनपदों गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली में आम जनता व व्यापारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा तथा कर्तव्यों के प्रति किसी भी स्तर पर शिथिलता बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। परिक्षेत्र स्तर पर ऐसे मामलों की सतत निगरानी की जा रही है।
-वैभव कृष्ण, डीआईजी, वाराणसी परिक्षेत्र