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Gonda News: निषाद जातियों को मिले अनुसूचित जाति का दर्जा
Mon, 31 Aug 2026 11:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 31 Aug 2026 11:20 PM IST
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नवाबगंज। निषाद वंश की उपजातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग तेज हो गई है। विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपर तहसीलदार न्यायिक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष राजकुमार निषाद के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में मांग की गई कि जातीय जनगणना में निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों (केवट, मल्लाह, बिंद, मंझवार, कश्यप, माझी, रैकवार आदि) को मंझवार के कॉलम में दर्ज किया जाए। इसके साथ ही विमुक्त जनजाति अंकित कर वास्तविक संख्या सामने लाई जाए। अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी इन जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल किया जाए। विमुक्त जनजातियों को शिक्षा, नौकरी और राजनीति में आरक्षण के साथ पेंशन की सुविधा भी दी जाए।
कार्यकर्ताओं ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए समाज के लोगों के गांवों को आदर्श शहीद गांव घोषित करने तथा परिजनों को स्वतंत्रता सेनानी सम्मान देने की मांग की। इस मौके पर रेनू निषाद, दिनेश निषाद, जयराम, दीपनारायण, पलकधारी, मनीता आदि मौजूद रहीं। (संवाद)
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जिलाध्यक्ष राजकुमार निषाद के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में मांग की गई कि जातीय जनगणना में निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों (केवट, मल्लाह, बिंद, मंझवार, कश्यप, माझी, रैकवार आदि) को मंझवार के कॉलम में दर्ज किया जाए। इसके साथ ही विमुक्त जनजाति अंकित कर वास्तविक संख्या सामने लाई जाए। अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी इन जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल किया जाए। विमुक्त जनजातियों को शिक्षा, नौकरी और राजनीति में आरक्षण के साथ पेंशन की सुविधा भी दी जाए।
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कार्यकर्ताओं ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए समाज के लोगों के गांवों को आदर्श शहीद गांव घोषित करने तथा परिजनों को स्वतंत्रता सेनानी सम्मान देने की मांग की। इस मौके पर रेनू निषाद, दिनेश निषाद, जयराम, दीपनारायण, पलकधारी, मनीता आदि मौजूद रहीं। (संवाद)
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