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सूर्य ग्रहण हुआ समाप्त, 57 साल बाद एक सीध में आए थे छह ग्रह
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Thu, 26 Dec 2019 01:08 PM IST
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वीर बहादुर सिंह नक्षत्र शाला में सूर्य ग्रहण देखने पहुंचे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
साल का आखिरी कंकण सूर्य ग्रहण गोरखपुर में बृहस्पतिवार को सुबह 8.23 बजे से शुरू होकर सुबह 11.12 बजे समाप्त हो गया। इस सूर्य ग्रहण के दौरान छह ग्रह एक सीध में थे। ऐसा योग 57 साल बाद बन रहा है। इससे पहले 1962 में सूर्यग्रहण के दौरान सात ग्रह एक सीध में आए थे।
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ग्रहण में क्या करें और क्या न करें
सूर्य ग्रहण देखने पहुंचे बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय विद्वत समिति के महामंत्री डॉ. जोखन पांडेय, पंडित घनश्याम पांडेय और पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि सूर्य ग्रहण में भगवान सूर्य की पूजा, आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्याष्टक स्तोत्र आदि सूर्य स्तोत्रों का पाठ करना चाहिए। पका हुआ अन्न, कटी हुई सब्जी ग्रहण काल में दूषित हो जाते हैं। परन्तु तेल, घी, दूध, दही, लस्सी, मक्खन, पनीर, चटनी, मुरब्बा आदि में तिल या कुशातृण रख देने से ये ग्रहण काल में दूषित नही होते हैं।
सूखे खाद्य पदार्थों में तिल या कुशा डालने की आवश्यकता नहीं है। ग्रहण के समय तथा ग्रहण की समाप्ति पर गर्म पानी से स्नान करना निषिद्ध है। ग्रहण काल में सोना, खाना- पीना, तैलमर्दन निषिद्ध है। नाखून भी नहीं काटना चाहिए।
सूखे खाद्य पदार्थों में तिल या कुशा डालने की आवश्यकता नहीं है। ग्रहण के समय तथा ग्रहण की समाप्ति पर गर्म पानी से स्नान करना निषिद्ध है। ग्रहण काल में सोना, खाना- पीना, तैलमर्दन निषिद्ध है। नाखून भी नहीं काटना चाहिए।
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गोरखपुर में ग्रहण
solar eclipse
- फोटो : demo
स्पर्श का समय आठ बजकर 23 मिनट 20 सेकेंड।
मध्यकाल नौ बजकर 41 मिनट 34 सेकेंड।
मोक्ष 11 बजकर 12 मिनट 50 सेकेंड।
सूर्य ग्रहण देखने पहुंचे बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
नक्षत्रशाला में टेलीस्कोप से देखा गया सूर्यग्रहण
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला में आंशिक सूर्यग्रहण की खगोलीय घटना को टेलीस्कोप और सूर्य ग्रहण सोलर चश्मों की मदद से दिखाया गया। इस दौरान सूर्य का लगभग 44.11 प्रतिशत भाग चन्द्रमा द्वारा ढक लिया। सुबह 11:12 बजे आंशिक सूर्यग्रहण समाप्त हुआ। क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय ने बताया कि नक्षत्रशाला पर दो दूरबीनों की स्थापना की गई।
इन में से दो दूरबीनों पर प्रोजेक्शन के माध्यम से आंशिक सूर्यग्रहण का अवलोकन कराया गया। दो सौर दूरबीनों पर फिल्टर लगाकर सूर्य ग्रहण दिखाया जाएगा। यह छल्लेदार (वलयाकार) सूर्यग्रहण है, जो कि भारतवर्ष के केरल एवं तमिलनाडु राज्यों में देखा जा सकेगा।
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला में आंशिक सूर्यग्रहण की खगोलीय घटना को टेलीस्कोप और सूर्य ग्रहण सोलर चश्मों की मदद से दिखाया गया। इस दौरान सूर्य का लगभग 44.11 प्रतिशत भाग चन्द्रमा द्वारा ढक लिया। सुबह 11:12 बजे आंशिक सूर्यग्रहण समाप्त हुआ। क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय ने बताया कि नक्षत्रशाला पर दो दूरबीनों की स्थापना की गई।
इन में से दो दूरबीनों पर प्रोजेक्शन के माध्यम से आंशिक सूर्यग्रहण का अवलोकन कराया गया। दो सौर दूरबीनों पर फिल्टर लगाकर सूर्य ग्रहण दिखाया जाएगा। यह छल्लेदार (वलयाकार) सूर्यग्रहण है, जो कि भारतवर्ष के केरल एवं तमिलनाडु राज्यों में देखा जा सकेगा।