सूर्य ग्रहण हुआ समाप्त, 57 साल बाद एक सीध में आए थे छह ग्रह
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ग्रहण में क्या करें और क्या न करें
सूखे खाद्य पदार्थों में तिल या कुशा डालने की आवश्यकता नहीं है। ग्रहण के समय तथा ग्रहण की समाप्ति पर गर्म पानी से स्नान करना निषिद्ध है। ग्रहण काल में सोना, खाना- पीना, तैलमर्दन निषिद्ध है। नाखून भी नहीं काटना चाहिए।
गोरखपुर में ग्रहण
स्पर्श का समय आठ बजकर 23 मिनट 20 सेकेंड।
मध्यकाल नौ बजकर 41 मिनट 34 सेकेंड।
मोक्ष 11 बजकर 12 मिनट 50 सेकेंड।
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला में आंशिक सूर्यग्रहण की खगोलीय घटना को टेलीस्कोप और सूर्य ग्रहण सोलर चश्मों की मदद से दिखाया गया। इस दौरान सूर्य का लगभग 44.11 प्रतिशत भाग चन्द्रमा द्वारा ढक लिया। सुबह 11:12 बजे आंशिक सूर्यग्रहण समाप्त हुआ। क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय ने बताया कि नक्षत्रशाला पर दो दूरबीनों की स्थापना की गई।
इन में से दो दूरबीनों पर प्रोजेक्शन के माध्यम से आंशिक सूर्यग्रहण का अवलोकन कराया गया। दो सौर दूरबीनों पर फिल्टर लगाकर सूर्य ग्रहण दिखाया जाएगा। यह छल्लेदार (वलयाकार) सूर्यग्रहण है, जो कि भारतवर्ष के केरल एवं तमिलनाडु राज्यों में देखा जा सकेगा।