{"_id":"6a7f5d51f9d30d9c410a1a7b","slug":"rain-reopens-the-wounds-of-the-unpaved-road-childrens-path-mired-in-mud-hamirpur-news-c-223-1-ham1013-143818-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: बारिश ने फिर खोले कच्ची सड़क के जख्म, कीचड़ में फंसी बच्चों की राह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: बारिश ने फिर खोले कच्ची सड़क के जख्म, कीचड़ में फंसी बच्चों की राह
विज्ञापन
फोटो14एचएएमपी 17- सिटी फॉरेस्ट के पास सड़क में पसरा कीचड़। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
== लोगो फालोअप का ==
फोटो14एचएएमपी 17- सिटी फॉरेस्ट के पास सड़क में पसरा कीचड़। संवाद
= बारिश ने बढ़ाई मुसीबत, सिटी फॉरेस्ट के पास जलभराव
= बारिश बंद होते ही फिर जुटा प्रशासन, डलवाए ईंटा-रोरा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। चंदूपुर मार्ग की बदहाली दूर करने की कवायद पर बारिश ने एक बार फिर पानी फेर दिया। प्रशासन के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग की टीम ने कच्चे मार्ग पर काम कराकर आवागमन आसान करने की कोशिश की थी, लेकिन शुक्रवार दोपहर हुई बारिश ने सिटी फॉरेस्ट के पास सड़क की सूरत फिर बिगाड़ दी। कच्चा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो गया और स्कूली बच्चों की मुश्किलें दोबारा बढ़ गईं।
चंदूपुर ग्राम पंचायत के गुसांईबाबा का डेरा, पचुआ का डेरा, बच्ची का डेरा, चिनकू का डेरा और भिखुआ का डेरा के अलावा नगर पालिका परिषद हमीरपुर क्षेत्र में आने वाले बनवासी का डेरा और ब्रह्मा का डेरा इलाके के स्कूली बच्चों और अभिभावकों के आंदोलन के बाद प्रशासन ने मार्ग को चलने लायक बनाने की कवायद शुरू की थी। एसडीएम अभिषेक कुमार की अगुवाई में पीडब्ल्यूडी की टीम मौके पर पहुंची। बुधवार से लगातार काम कर सड़क को चलने लायक बनाने का प्रयास किया जा रहा था। इससे लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब आवागमन में राहत मिलेगी। मगर शुक्रवार की बारिश ने एक बार फिर हालात चुनौतीपूर्ण कर दिए। तकरीबन 30 मिनट की बारिश ने चंदूपुर से हमीरपुर मार्ग में सिटी फॉरेस्ट के पास इस कदर कीचड़ और फिसलन हो गई जिससे पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। गंगुआ के डेरा निवासी अशोक निषाद का कहना है कि अस्थायी इंतजाम से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान पक्की सड़क बनने से ही होगा। प्रशासन के प्रयास की सराहना की कहा कि इतनी तेजी अगर पहले के अधिकारियों ने दिखाई होती तो अभी तक पक्की सड़क बनकर तैयार हो जाती।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
फोटो14एचएएमपी 18- नेहा देवी।
बारिश होते ही कीचड़ हो जाता है
नेहा देवी का कहना है कि अधिकारियों का प्रयास सराहनीय है, लेकिन समस्या का समाधान पक्की सड़क ही है। बारिश में उनकी परेशानी खत्म नहीं होगी। बारिश होते ही सड़क पर कीचड़ हो जाता है। जहां ईंटे पड़े वहां नहीं तो दूसरी जगह कीचड़ हो गया। गांवके बुजुर्ग भी जाते है और अगर वह गिर गए तो इलाज में अलग से पैसा खर्च करना पड़ेगा।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- --
फोटो14एचएएमपी 19- अंजलि।
पक्की सड़क बनने पर मिलेगी राहत
अंजलि का कहना है कि हमारे गांव से तो हर कोई शहर पैदल या दो पहिया वाहनों से जाता है। पढ़ने के लिए हम पैदल जाते है, वह कीचड़ में अक्सर फिसल जाते है। आज की बारिश ने फिर कीचड़ कर दिया। अधिकारियों ने काम तो कराया है, लेकिन बारिश परेशानी खड़ी कर रही है। पक्की सड़क के बाद ही राहत मिलेगी।
विज्ञापन
फोटो14एचएएमपी 17- सिटी फॉरेस्ट के पास सड़क में पसरा कीचड़। संवाद
= बारिश ने बढ़ाई मुसीबत, सिटी फॉरेस्ट के पास जलभराव
= बारिश बंद होते ही फिर जुटा प्रशासन, डलवाए ईंटा-रोरा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। चंदूपुर मार्ग की बदहाली दूर करने की कवायद पर बारिश ने एक बार फिर पानी फेर दिया। प्रशासन के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग की टीम ने कच्चे मार्ग पर काम कराकर आवागमन आसान करने की कोशिश की थी, लेकिन शुक्रवार दोपहर हुई बारिश ने सिटी फॉरेस्ट के पास सड़क की सूरत फिर बिगाड़ दी। कच्चा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो गया और स्कूली बच्चों की मुश्किलें दोबारा बढ़ गईं।
चंदूपुर ग्राम पंचायत के गुसांईबाबा का डेरा, पचुआ का डेरा, बच्ची का डेरा, चिनकू का डेरा और भिखुआ का डेरा के अलावा नगर पालिका परिषद हमीरपुर क्षेत्र में आने वाले बनवासी का डेरा और ब्रह्मा का डेरा इलाके के स्कूली बच्चों और अभिभावकों के आंदोलन के बाद प्रशासन ने मार्ग को चलने लायक बनाने की कवायद शुरू की थी। एसडीएम अभिषेक कुमार की अगुवाई में पीडब्ल्यूडी की टीम मौके पर पहुंची। बुधवार से लगातार काम कर सड़क को चलने लायक बनाने का प्रयास किया जा रहा था। इससे लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब आवागमन में राहत मिलेगी। मगर शुक्रवार की बारिश ने एक बार फिर हालात चुनौतीपूर्ण कर दिए। तकरीबन 30 मिनट की बारिश ने चंदूपुर से हमीरपुर मार्ग में सिटी फॉरेस्ट के पास इस कदर कीचड़ और फिसलन हो गई जिससे पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। गंगुआ के डेरा निवासी अशोक निषाद का कहना है कि अस्थायी इंतजाम से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान पक्की सड़क बनने से ही होगा। प्रशासन के प्रयास की सराहना की कहा कि इतनी तेजी अगर पहले के अधिकारियों ने दिखाई होती तो अभी तक पक्की सड़क बनकर तैयार हो जाती।
विज्ञापन
फोटो14एचएएमपी 18- नेहा देवी।
बारिश होते ही कीचड़ हो जाता है
नेहा देवी का कहना है कि अधिकारियों का प्रयास सराहनीय है, लेकिन समस्या का समाधान पक्की सड़क ही है। बारिश में उनकी परेशानी खत्म नहीं होगी। बारिश होते ही सड़क पर कीचड़ हो जाता है। जहां ईंटे पड़े वहां नहीं तो दूसरी जगह कीचड़ हो गया। गांवके बुजुर्ग भी जाते है और अगर वह गिर गए तो इलाज में अलग से पैसा खर्च करना पड़ेगा।
विज्ञापन
फोटो14एचएएमपी 19- अंजलि।
पक्की सड़क बनने पर मिलेगी राहत
अंजलि का कहना है कि हमारे गांव से तो हर कोई शहर पैदल या दो पहिया वाहनों से जाता है। पढ़ने के लिए हम पैदल जाते है, वह कीचड़ में अक्सर फिसल जाते है। आज की बारिश ने फिर कीचड़ कर दिया। अधिकारियों ने काम तो कराया है, लेकिन बारिश परेशानी खड़ी कर रही है। पक्की सड़क के बाद ही राहत मिलेगी।

फोटो14एचएएमपी 17- सिटी फॉरेस्ट के पास सड़क में पसरा कीचड़। संवाद

फोटो14एचएएमपी 17- सिटी फॉरेस्ट के पास सड़क में पसरा कीचड़। संवाद