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Hamirpur News: जनता जनार्दन पी रही दूषित पानी, दो साल से टंकियों की नहीं हुई सफाई

संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Updated Mon, 12 Jan 2026 12:56 AM IST
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The public is drinking contaminated water, the tanks have not been cleaned for two years.
फोटो 11 एचएएमपी 18- सुमेरपुर कस्बा में बना ओवरहेड टैंक। संवाद
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भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। इंदौर में दूषित पानी पीने के बाद हुई मौतों के बाद भी जिम्मेदार सबक नहीं ले रहे हैं। यहां भी कई टंकियों की सफाई कई सालों से नहीं हुई हैं। हालत यह कि जलकल विभाग के पास कौन सी टंकी कब साफ हुई इसकी जानकारी ही नहीं है। अगर सालों से इनकी सफाई नहीं हुई तो क्यों? इन सबका कोई रिकार्ड ही नहीं है।
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कस्बे की 70 हजार की आबादी की प्यास बुझाने के लिए कुल 15 नलकूप स्थापित हैं। इन नलकूपों में जल शुद्धिकरण के लिए क्लोरीन डोजर की मशीनें तो लगाई गई हैं, लेकिन हकीकत यह है कि लंबे समय से इन मशीनों के माध्यम से क्लोरीन की आपूर्ति नहीं हो रही है। नतीजा बिना क्लोरीन मिला पानी सीधे ओवरहेड टैंक और घरों तक पहुंच रहा है। क्लोरीन न मिलने से पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और कीटाणु नष्ट नहीं हो पा रहे हैं। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। वहीं, शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए ओवर हेड टैंक की बीते दो वर्षों से सफाई नहीं कराई गई है। टंकी में जमी गंदगी और काई के कारण पानी की गुणवत्ता पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोग मजबूरी में इसी पानी का प्रयोग करते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरा बनता जा रहा है।
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कस्बावासियों का कहना है कि दूषित पानी के कारण बच्चों और बुजुर्गों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और त्वचा संबंधी बीमारियों की शिकायतें बढ़ रही हैं। कई मोहल्लों में पानी से बदबू आने और रंग मटमैला होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी केवल आश्वासन देकर जिम्मेदारी से बचते नजर आ रहे हैं।
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ये है नियम

- ओवरहेड टैंक की साल में कम से कम एक बार या 3-6 माह में सफाई करनी चाहिए।
- टंकी खाली करने के बाद सफाई हो।
- टंकी में भरा मलवा आदि निकालना चाहिए।
- दीवारों और फर्श में जमा गंदगी और काई साफ करनी चाहिए।
- ब्लीच या पोटेशियम परमैग्नेट से टंकी कीटाणु रहित करना चाहिए।
- टंकी का ढक्कन हमेशा बंद और सुरक्षित रहे, ताकि धूल और कीड़े न जाएं।

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फोटो 11 एचएएमपी 19- राजेंद्र निगम। संवाद

दो साल से टैंक की नहीं हुई सफाई

ओवरहेड टैंक की नियमित सफाई और नलकूपों में क्लोरीन की व्यवस्था सुनिश्चित करना विभाग की मूल जिम्मेदारी है, लेकिन लापरवाही के चलते कस्बे की बड़ी आबादी का स्वास्थ्य दांव पर लगा हुआ है। दो साल से टैंक की सफाई तक नहीं कराई गई है। - राजेंद्र निगम, पूर्व सभासद सुमेरपुर।
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नियमित डाली जाए क्लोरीन और पानी की हो जांच

सभी नलकूपों में नियमित रूप से क्लोरीन डोजिंग शुरू की जाए और पानी की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच कराई जाए। समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में जलजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है। - स्पर्श, कस्बावासी।

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ओवरहेड टैंक में तारीख पुरानी पड़ी है। हालांकि बीते 6 जनवरी को टंकी की सफाई कराई गई थी। पहले जो क्लोरीन लिक्विड आता था, वह इस समय नहीं मिल रहा है। इससे वॉल्वो के माध्यम से क्लोरिन डाला जाता है।
- आशीष यादव, अवर अभियंता-जल संस्थान।
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