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Hapur News: रेतवाली मंढैया में तेंदुए ने किशोर और नीलगाय पर किया हमला
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 28 Jan 2026 10:26 PM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। खादर क्षेत्र के गांव रेतवाली मंढैया में मंगलवार देर शाम तेंदुए के हमले से गांव में अफरा-तफरी मच गई। तेंदुए ने पहले खेतों में नीलगाय पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद गांव की ओर आ रहे एक किशोर पर झपट्टा मार दिया। हमले में अनुज घायल हो गया। इसी दौरान कूड़ा डालने गई युवती ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। इसके कारण तेंदुआ वहां से जंगल की ओर भाग गया।
ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए ने पहले नीलगाय पर हमला किया था। तभी वहां से ग्राम निवासी अनुज साइकिल से गुजर रहा था। तेंदुए ने उस पर भी हमला कर दिया। घटना की सूचना वन विभाग को दी गई, लेकिन आरोप है कि करीब 12 घंटे तक भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई। तेंदुए की दहशत इतनी ज्यादा है कि ग्रामीण खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं। कई लोगों ने अपने रोजमर्रा के रास्ते तक बदल लिए हैं। बच्चों और महिलाओं को घर से बाहर निकलने से रोका जा रहा है। गांव में रात के समय सन्नाटा पसरा रहता है और लोग लाठी-डंडे लेकर पहरा देने को मजबूर हैं। वन विभाग के दारोगा ने ग्रामीणों से बातचीत में बताया कि यह क्षेत्र सेंचुरी क्षेत्र में आता है, इसलिए तेंदुओं की आवाजाही स्वाभाविक है। उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी कि यदि रास्ते में तेंदुआ दिखाई दे तो उसे घेरने का प्रयास न करें और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें।
वनक्षेत्राधिकारी करन सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया है। क्षेत्र में तेंदुए के पंजों के निशान लिए जा रहे हैं और लगातार गश्त कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए ने पहले नीलगाय पर हमला किया था। तभी वहां से ग्राम निवासी अनुज साइकिल से गुजर रहा था। तेंदुए ने उस पर भी हमला कर दिया। घटना की सूचना वन विभाग को दी गई, लेकिन आरोप है कि करीब 12 घंटे तक भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई। तेंदुए की दहशत इतनी ज्यादा है कि ग्रामीण खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं। कई लोगों ने अपने रोजमर्रा के रास्ते तक बदल लिए हैं। बच्चों और महिलाओं को घर से बाहर निकलने से रोका जा रहा है। गांव में रात के समय सन्नाटा पसरा रहता है और लोग लाठी-डंडे लेकर पहरा देने को मजबूर हैं। वन विभाग के दारोगा ने ग्रामीणों से बातचीत में बताया कि यह क्षेत्र सेंचुरी क्षेत्र में आता है, इसलिए तेंदुओं की आवाजाही स्वाभाविक है। उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी कि यदि रास्ते में तेंदुआ दिखाई दे तो उसे घेरने का प्रयास न करें और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें।
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वनक्षेत्राधिकारी करन सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया है। क्षेत्र में तेंदुए के पंजों के निशान लिए जा रहे हैं और लगातार गश्त कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
