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Hardoi News: जिलाध्यक्ष के वायरल वीडियो से घमासान, सपा की जिला कार्यकारिणी भंग
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फोटो-11- सपा कार्यालय में मौजूद पूर्व सांसद ऊषा वर्मा पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी पूर्व जिलाध्य
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हरदोई। सपा जिलाध्यक्ष (अब निवर्तमान) शराफत अली के कथित वायरल एक वीडियो और ऑडियो ने घमासान ला दिया है। वायरल वीडियो को प्रदेश अध्यक्ष ने संज्ञान लिया और पूरी की पूरी जिला कार्यकारिणी को ही भंग कर दिया है। वायरल वीडियो में पूर्व मंत्री ऊषा वर्मा और पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी सहित महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की गई है। वहीं टिप्पणी से आहत पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक पार्टी कार्यालय पर रो पड़ीं।
सपा के जिलाध्यक्ष रहे शराफत अली के एक कथित वीडियो और ऑडियो ने जिले की राजनीति में भूचाल ला दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में शराफत अली अपनी ही पार्टी की पूर्व सांसद पूर्व राज्यमंत्री ऊषा वर्मा, उनकी जेठानी पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी समेत महिला नेताओं को लेकर कथित तौर पर अभद्र, अमर्यादित और चारित्रिक टिप्पणियां करते सुनाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सपा के अंदर नाराजगी बढ़ गई है और मामला अब पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंच गया। हालांकि वायरल वीडियो और ऑडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है।
वायरल वीडियो में शराफत अली महिलाओं और बेटियों को लेकर भी आपत्तिजनक सोच जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं। फौज में भर्ती होने वाली लड़कियों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कथित तौर पर कहा कि महिलाओं को सेना में भर्ती नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यदि किसी युद्ध या हमले के दौरान वह दुश्मनों के कब्जे में चली गईं तो उनके साथ गलत व्यवहार हो सकता है। इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं और लोग इसे महिलाओं की क्षमता, साहस और सम्मान का अपमान बता रहे हैं।
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पूर्व सांसद पूर्व राज्यमंत्री ऊषा वर्मा शनिवार को मीडिया से संवाद के दौरान पार्टी कार्यालय पर भावुक हो गईं और आंखों में आंसू आ गए। कहा कि उनका परिवार वर्षों से समाजवादी आंदोलन से जुड़ा रहा है। किसी महिला के चरित्र पर इस तरह की टिप्पणी बेहद निंदनीय और शर्मनाक है। पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी ने भी इस बयानबाजी को महिलाओं की गरिमा पर हमला बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं शराफत अली ने इसे अपने खिलाफ साजिश बताया है। कुछ लोग उन्हें बदनाम करने और राजनीतिक नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से पुराने वीडियो और ऑडियो वायरल करा रहे हैं।
सपा के जिलाध्यक्ष रहे शराफत अली के एक कथित वीडियो और ऑडियो ने जिले की राजनीति में भूचाल ला दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में शराफत अली अपनी ही पार्टी की पूर्व सांसद पूर्व राज्यमंत्री ऊषा वर्मा, उनकी जेठानी पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी समेत महिला नेताओं को लेकर कथित तौर पर अभद्र, अमर्यादित और चारित्रिक टिप्पणियां करते सुनाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सपा के अंदर नाराजगी बढ़ गई है और मामला अब पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंच गया। हालांकि वायरल वीडियो और ऑडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है।
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वायरल वीडियो में शराफत अली महिलाओं और बेटियों को लेकर भी आपत्तिजनक सोच जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं। फौज में भर्ती होने वाली लड़कियों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कथित तौर पर कहा कि महिलाओं को सेना में भर्ती नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यदि किसी युद्ध या हमले के दौरान वह दुश्मनों के कब्जे में चली गईं तो उनके साथ गलत व्यवहार हो सकता है। इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं और लोग इसे महिलाओं की क्षमता, साहस और सम्मान का अपमान बता रहे हैं।
पूर्व सांसद पूर्व राज्यमंत्री ऊषा वर्मा शनिवार को मीडिया से संवाद के दौरान पार्टी कार्यालय पर भावुक हो गईं और आंखों में आंसू आ गए। कहा कि उनका परिवार वर्षों से समाजवादी आंदोलन से जुड़ा रहा है। किसी महिला के चरित्र पर इस तरह की टिप्पणी बेहद निंदनीय और शर्मनाक है। पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी ने भी इस बयानबाजी को महिलाओं की गरिमा पर हमला बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं शराफत अली ने इसे अपने खिलाफ साजिश बताया है। कुछ लोग उन्हें बदनाम करने और राजनीतिक नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से पुराने वीडियो और ऑडियो वायरल करा रहे हैं।