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Hathras News: आगरा व अन्य केंद्र एक-दूसरे को बचाने में चली गईं चार जिंदगियां
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 14 May 2026 02:42 AM IST
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हादसे से बचकर लौटा अंशुल। संवाद
- फोटो : Samvad
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यमुना नदी में हुए हादसे में बचकर लौटे अंशुल ने जब उस भयावह मंजर की कहानी सुनाई तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। अंशुल ने बताया कि सभी भाई-बहन और रिश्तेदार एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में बारी-बारी से नदी में डूबते चले गए।
हादसे में घायल अंशुल उपचार के बाद मंगलवार देर रात गांव कुंजलपुर लौट आया। उसने बताया कि भाई कान्हा सभी को यमुना नदी पर नहाने के लिए लेकर गया था। करीब एक घंटे तक सभी लोग नदी में नहाते रहे और हंसी-खुशी समय बिताते रहे। अंशुल के मुताबिक सबसे पहले मथुरा के गांव तारसी निवासी रिया नदी के एक गहरे गड्ढे में चली गई और डूबने लगी।
उसने मदद के लिए शोर मचाया तो उसे बचाने के लिए आगरा निवासी विक्की तुरंत नदी में कूद गया, लेकिन वह भी पानी और बालू में फंसकर डूबने लगा। विक्की को बचाने के लिए कान्हा नदी में उतरा, लेकिन वह भी नदी में समा गया। इसके बाद कान्हा को बचाने के लिए महक ने भी बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में छलांग लगा दी, लेकिन वह भी पानी की गहराई में चली गई।
अंशुल ने बताया कि अपने भाई-बहनों और दोस्तों को बचाने के लिए वह खुद भी नदी में कूद पड़ा, लेकिन तब तक सभी बेहोश हो चुके थे। अंशुल ने रुंधे गले से बताया कि जब उसे महसूस हुआ कि वह खुद भी डूबने वाला है, तब उसने किसी तरह डूब रहे लोगों के कंधों और पैरों का सहारा लेकर बाहर छलांग लगाई और जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाया।
उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। अंशुल ने बताया कि भाई गगन ने साहस दिखाते हुए बांस के सहारे काजल को बाहर निकाल लिया। इसके बाद सभी को आनन-फानन नदी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक महक, कान्हा, रिया और विक्की की सांसें थम चुकी थीं।
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हादसे में घायल अंशुल उपचार के बाद मंगलवार देर रात गांव कुंजलपुर लौट आया। उसने बताया कि भाई कान्हा सभी को यमुना नदी पर नहाने के लिए लेकर गया था। करीब एक घंटे तक सभी लोग नदी में नहाते रहे और हंसी-खुशी समय बिताते रहे। अंशुल के मुताबिक सबसे पहले मथुरा के गांव तारसी निवासी रिया नदी के एक गहरे गड्ढे में चली गई और डूबने लगी।
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उसने मदद के लिए शोर मचाया तो उसे बचाने के लिए आगरा निवासी विक्की तुरंत नदी में कूद गया, लेकिन वह भी पानी और बालू में फंसकर डूबने लगा। विक्की को बचाने के लिए कान्हा नदी में उतरा, लेकिन वह भी नदी में समा गया। इसके बाद कान्हा को बचाने के लिए महक ने भी बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में छलांग लगा दी, लेकिन वह भी पानी की गहराई में चली गई।
अंशुल ने बताया कि अपने भाई-बहनों और दोस्तों को बचाने के लिए वह खुद भी नदी में कूद पड़ा, लेकिन तब तक सभी बेहोश हो चुके थे। अंशुल ने रुंधे गले से बताया कि जब उसे महसूस हुआ कि वह खुद भी डूबने वाला है, तब उसने किसी तरह डूब रहे लोगों के कंधों और पैरों का सहारा लेकर बाहर छलांग लगाई और जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाया।
उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। अंशुल ने बताया कि भाई गगन ने साहस दिखाते हुए बांस के सहारे काजल को बाहर निकाल लिया। इसके बाद सभी को आनन-फानन नदी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक महक, कान्हा, रिया और विक्की की सांसें थम चुकी थीं।