हाथरस: शहर के विकास का पहिया जाम, 17.10 करोड़ के प्रस्ताव तीन माह से शासन में अटके, नहीं लग सकी अंतिम मुहर
नगर पालिका प्रशासन ने शहर के चहुंमुखी विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की थी। इसके तहत जुलाई 2026 में कुल 17.10 करोड़ रुपये के विकास के प्रस्ताव शासन को मंजूरी के लिए भेजे गए थे। हालांकि, तीन महीने बीत जाने के बाद भी इन प्रस्तावों पर कोई अंतिम मुहर नहीं लग सकी है।
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प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी नव युग पालिका योजना के तहत हाथरस शहर के विकास के लिए भेजे गए 17.10 करोड़ रुपये के प्रस्तावों की फाइलें पिछले तीन महीनों से शासन स्तर पर अटकी हैं। इस कारण शहर के विकास का पहिया जाम हो गया है।
प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति न मिलने के कारण शहर के आधुनिकीकरण और स्मार्ट सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं कागजों में ही सिमटकर रह गई हैं। प्रदेश सरकार ने स्मार्ट सिटी की तर्ज पर छोटे और मध्यम श्रेणी के शहरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए इस योजना की शुरुआत की थी।
इसके प्रथम चरण में हाथरस नगर पालिका परिषद सहित प्रदेश के 58 नगर निकायों को शामिल किया गया था, जिसकी घोषणा मार्च 2026 में हुई थी। योजना के तहत निकायों को उनकी आबादी के आधार पर दो श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें 1.5 लाख से अधिक आबादी वाले निकायों को विकास कार्यों के लिए विशेष रूप से अधिक बजट और संसाधन उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है।
प्रस्ताव पास कराने के लिए लगातार पैरवी की जा रही है। इसे इस माह मंजूरी मिलने की संभावना है। प्रस्तावों के पास होते ही टेंडर व अन्य प्रक्रिया शुरू की जाएंगी। जल्द ही विकास कार्यों को पूरा कराया जाएगा।-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस
तीन माह पहले भेजे गए थे प्रस्ताव
योजना की घोषणा के बाद नगर पालिका प्रशासन ने शहर के चहुंमुखी विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की थी। इसके तहत जुलाई 2026 में कुल 17.10 करोड़ रुपये के विकास के प्रस्ताव शासन को मंजूरी के लिए भेजे गए थे। हालांकि, तीन महीने बीत जाने के बाद भी इन प्रस्तावों पर कोई अंतिम मुहर नहीं लग सकी है, जिससे शहरवासियों में मायूसी है।
इन विकास कार्यों पर लगा है ब्रेक
- डिजिटल लाइब्रेरी : युवाओं और विद्यार्थियों के लिए आधुनिक पठन-पाठन की सुविधा।
- ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन : प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए दो चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण।
- थीम पार्क : शहरवासियों के मनोरंजन और हरियाली के लिए पार्क का विकास।
- एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर : हाथरस में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उससे जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए छह करोड़ से जलेसर रोड पर सेंटर का निर्माण।
- गौरव पथ : मधुगढ़ी और मुरसान गेट मार्ग का सुंदरीकरण करते हुए इसे गौरव पथ में तब्दील किया जाएगा।
- चौराहों का कायाकल्प : शहर के प्रमुख चौराहों का सुंदरीकरण और आधुनिकीकरण।
- नागरिक सेवाएं : ऑनलाइन नागरिक सेवाओं को अधिक सुलभ और सशक्त बनाना।