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हाथरस: किशोरी के साथ जबरन घर में घुसकर अपहरण-छेड़खानी व दुष्कर्म, आरोपी की जमानत याचिका खारिज
Sun, 30 Aug 2026 10:37 AM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sun, 30 Aug 2026 10:37 AM IST
सार
आरोप है कि आरोपी घर आए और दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खुलने पर आरोपी पीड़िता को जबरन उठाकर घर ले गए। वहां तीन आरोपियों ने बाहर का दरवाजा बंद कर पहरा दिया, जबकि एक आरोपी ने पीड़िता के मुंह में कपड़ा ठूंसकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
हाथरस के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) प्रथम हाथरस की अदालत ने सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत किशोरी के साथ जबरन घर में घुसकर अपहरण, छेड़खानी व सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी अंशु की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
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पीड़िता के पिता ने बताया था कि आठ अप्रैल 2026 की देर रात करीब तीन बजे आरोपी कन्हैया व अंशु उनके घर आए और दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खुलने पर आरोपी पीड़िता को जबरन उठाकर कन्हैया के घर ले गए। वहां आरोपी अंशु, वीकेश व सागर ने बाहर का दरवाजा बंद कर पहरा दिया, जबकि आरोपी कन्हैया ने पीड़िता के मुंह में कपड़ा ठूंसकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
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पुलिस ने शुरुआत में मामला बंधक बनाकर रखने व छेड़खानी में दर्ज किया था। बाद में पीड़िता के बयान के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं और न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। अंशु के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि पीड़िता के बयानों में अंशु पर दुष्कर्म का सीधा आरोप नहीं है और वह केवल मुख्य अभियुक्त के साथ मौजूद था।
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वहीं, राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए इसे जघन्य अपराध बताया।न्यायालय ने पत्रावली, साक्ष्यों और पीड़िता के बयानों का सूक्ष्मता से अवलोकन करने के बाद माना कि अभियुक्त पर गंभीर अपराध में संलिप्तता का आरोप है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि मामले के अन्य सह अभियुक्तों कन्हैया और वीकेश की जमानत याचिकाएं पूर्व में ही निरस्त की जा चुकी हैं। अपराध की गंभीरता को देखते हुए पॉक्सो कोर्ट ने अंशु की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।