{"_id":"6a7b7c726afdccb3a601cce3","slug":"municipal-council-chairperson-moves-high-court-against-government-order-hathras-news-c-56-1-hts1004-152647-2026-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: शासन आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचीं नगर पालिका अध्यक्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: शासन आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचीं नगर पालिका अध्यक्ष
Wed, 12 Aug 2026 01:18 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 12 Aug 2026 01:18 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज होने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी शासन आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट चली गई हैं। उन्होंने शासन व स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को पार्टी बनाते हुए रिट दायर की है। उन्होंने प्रमुख सचिव के अलावा जिलाधिकारी तथा जांच अधिकारी रहे उप जिलाधिकारी व वरिष्ठ कोषाधिकारी को पार्टी बनाया है।
नगर पालिका परिषद हाथरस में दो साल पहले डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी। सभासद मनीष अग्रवाल उर्फ पीपा व सुनील अग्निहोत्री ने टेंडर प्रक्रिया के बारे में डीएम से शिकायत की थी। डीएम ने दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाई, जिसने आठ जनवरी 2025 को जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट सौंपी।
रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि हुई और शासन को अवगत कराया गया। शासन ने प्रकरण में 22 अगस्त 2025 को राजस्व हानि की वसूली के लिए समानुपातिक वसूली रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, साथ ही पालिकाध्यक्ष को पहला कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
विज्ञापन
कार्रवाई की धीमी रफ्तार पर मनीष अग्रवाल ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की। इस पर नौ दिसंबर 2025 को कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए शासन को मामला निस्तारित करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया था। इस बीच शासन ने नोटिस प्रक्रिया को पूर्ण किया और फिर चार अगस्त को नगर पालिका अध्यक्ष के अधिकार सीज करने के आदेश जारी किए। पालिकाध्यक्ष की ओर से सात अगस्त को रिट दायर की गई थी, जिसे 11 अगस्त को दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
नगर पालिका परिषद हाथरस में दो साल पहले डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी। सभासद मनीष अग्रवाल उर्फ पीपा व सुनील अग्निहोत्री ने टेंडर प्रक्रिया के बारे में डीएम से शिकायत की थी। डीएम ने दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाई, जिसने आठ जनवरी 2025 को जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट सौंपी।
विज्ञापन
रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि हुई और शासन को अवगत कराया गया। शासन ने प्रकरण में 22 अगस्त 2025 को राजस्व हानि की वसूली के लिए समानुपातिक वसूली रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, साथ ही पालिकाध्यक्ष को पहला कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
विज्ञापन
कार्रवाई की धीमी रफ्तार पर मनीष अग्रवाल ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की। इस पर नौ दिसंबर 2025 को कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए शासन को मामला निस्तारित करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया था। इस बीच शासन ने नोटिस प्रक्रिया को पूर्ण किया और फिर चार अगस्त को नगर पालिका अध्यक्ष के अधिकार सीज करने के आदेश जारी किए। पालिकाध्यक्ष की ओर से सात अगस्त को रिट दायर की गई थी, जिसे 11 अगस्त को दर्ज कर लिया है।