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Hathras News: विकास की प्रत्यंचा पर चढ़ेगा वादों का तीर, निशाना 2027
Sun, 28 Jun 2026 01:28 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 28 Jun 2026 01:28 AM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : Archive
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कमल वार्ष्णेय
हाथरास। प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। विकास की प्रत्यंचा पर वादों का तीर चढ़ाकर सीधे जनता के दिलों पर निशाना साधने की तैयारी है। इस महारणनीति का केंद्र बिंदु बना है हाथरस का सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र, जहां से उठने वाली विकास की गूंज सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका सीधा असर पूरे जिले की सियासी हवा पर पड़ने वाला है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलेमपुर आगमन को इसी बड़े सियासी और विकासात्मक कैनवास से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल सरकारी घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिये जिले की तीनों महत्वपूर्ण विधानसभा सीट हाथरस, सिकंदराराऊ और सादाबाद के मतदाताओं के जेहन में उतरने की एक सोची-समझी कोशिश है। संवाद
सलेमपुर से साधेंगे तीनों विधानसभाओं का समीकरण
राजनीतिक पंडितों की मानें तो सलेमपुर की धरती से जो विकास का रोडमैप तैयार किया जा रहा है, वह एक तीर से कई निशाने साधेगा।
हाथरस विधानसभा : जिला मुख्यालय और शहरी क्षेत्र होने के कारण यहां के मतदाता आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यापारिक सहूलियतों को प्राथमिकता देते हैं। हाथरस विकास प्राधिकरण के गठन की सुगबुगाहट और सलेमपुर के मेगा प्रोजेक्ट्स से इस सीट पर पकड़ मजबूत होगी।
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सिकंदराराऊ विधानसभा : इस क्षेत्र के ग्रामीण और अर्ध-शहरी मतदाताओं को जोड़ने के लिए संपर्क मार्गों का चौड़ीकरण (जैसे आलमपुर-लिहा-वाजिदपुर मार्ग) और सलेमपुर में बड़े उद्योगों से पैदा होने वाले रोजगार को मुद्दा बनाया जा रहा है।
सादाबाद विधानसभा : आलू बेल्ट और कोल्ड स्टोरों के इस गढ़ को नए औद्योगिक गलियारे से सीधा फायदा पहुंचने की उम्मीद है। सादाबाद के किसानों और युवाओं को बेहतर बाजार व रोजगार का भरोसा देकर उनके जेहन में अपनी जगह पक्की करने की तैयारी है।
करोड़ों की सौगात से साधी जा रही चुनावी बिसात
सलेमपुर में आयोजित होने वाली जनसभा के मंच से करोड़ों रुपये की 125 से अधिक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जा रहा है। लगभग 548 करोड़ रुपये की इन योजनाओं में चमचमाती सड़कें, बेहतर बिजली आपूर्ति, पेयजल और ड्रेनेज सिस्टम शामिल हैं। सरकार का यह कदम साफ संदेश देता है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में विकास ही सबसे बड़ा एजेंडा रहने वाला है।
सरकार ने खेला रोजगार का दांव
सलेमपुर में लगभग 499 एकड़ में बस रहा नया औद्योगिक क्षेत्र हाथरस की पुरानी औद्योगिक पहचान को वापस लौटाने का जरिया बन रहा है। यहां बड़े निवेश और हजारों प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों की नींव रखी जा रही है। युवाओं को रोजगार और उद्यमियों को सहूलियत का यह दांव सीधे तौर पर जनता को प्रभावित करेगा।
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हाथरास। प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। विकास की प्रत्यंचा पर वादों का तीर चढ़ाकर सीधे जनता के दिलों पर निशाना साधने की तैयारी है। इस महारणनीति का केंद्र बिंदु बना है हाथरस का सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र, जहां से उठने वाली विकास की गूंज सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका सीधा असर पूरे जिले की सियासी हवा पर पड़ने वाला है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलेमपुर आगमन को इसी बड़े सियासी और विकासात्मक कैनवास से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल सरकारी घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिये जिले की तीनों महत्वपूर्ण विधानसभा सीट हाथरस, सिकंदराराऊ और सादाबाद के मतदाताओं के जेहन में उतरने की एक सोची-समझी कोशिश है। संवाद
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सलेमपुर से साधेंगे तीनों विधानसभाओं का समीकरण
राजनीतिक पंडितों की मानें तो सलेमपुर की धरती से जो विकास का रोडमैप तैयार किया जा रहा है, वह एक तीर से कई निशाने साधेगा।
हाथरस विधानसभा : जिला मुख्यालय और शहरी क्षेत्र होने के कारण यहां के मतदाता आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यापारिक सहूलियतों को प्राथमिकता देते हैं। हाथरस विकास प्राधिकरण के गठन की सुगबुगाहट और सलेमपुर के मेगा प्रोजेक्ट्स से इस सीट पर पकड़ मजबूत होगी।
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सिकंदराराऊ विधानसभा : इस क्षेत्र के ग्रामीण और अर्ध-शहरी मतदाताओं को जोड़ने के लिए संपर्क मार्गों का चौड़ीकरण (जैसे आलमपुर-लिहा-वाजिदपुर मार्ग) और सलेमपुर में बड़े उद्योगों से पैदा होने वाले रोजगार को मुद्दा बनाया जा रहा है।
सादाबाद विधानसभा : आलू बेल्ट और कोल्ड स्टोरों के इस गढ़ को नए औद्योगिक गलियारे से सीधा फायदा पहुंचने की उम्मीद है। सादाबाद के किसानों और युवाओं को बेहतर बाजार व रोजगार का भरोसा देकर उनके जेहन में अपनी जगह पक्की करने की तैयारी है।
करोड़ों की सौगात से साधी जा रही चुनावी बिसात
सलेमपुर में आयोजित होने वाली जनसभा के मंच से करोड़ों रुपये की 125 से अधिक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जा रहा है। लगभग 548 करोड़ रुपये की इन योजनाओं में चमचमाती सड़कें, बेहतर बिजली आपूर्ति, पेयजल और ड्रेनेज सिस्टम शामिल हैं। सरकार का यह कदम साफ संदेश देता है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में विकास ही सबसे बड़ा एजेंडा रहने वाला है।
सरकार ने खेला रोजगार का दांव
सलेमपुर में लगभग 499 एकड़ में बस रहा नया औद्योगिक क्षेत्र हाथरस की पुरानी औद्योगिक पहचान को वापस लौटाने का जरिया बन रहा है। यहां बड़े निवेश और हजारों प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों की नींव रखी जा रही है। युवाओं को रोजगार और उद्यमियों को सहूलियत का यह दांव सीधे तौर पर जनता को प्रभावित करेगा।