{"_id":"69b1d648751b8bc3d9090ff1","slug":"the-condemned-emergency-will-be-replaced-by-a-sparkling-mncu-hathras-news-c-56-1-hts1004-145660-2026-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: कंडम इमरजेंसी की जगह बनेगा चमचमाता एमएनसीयू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: कंडम इमरजेंसी की जगह बनेगा चमचमाता एमएनसीयू
विज्ञापन
बागला जिला अस्पताल परिसर में स्थित पुरानी इमरजेंसी का भवन। संवाद
- फोटो : Samvad
विज्ञापन
बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय में नवजात शिशुओं के बेहतर इलाज के लिए एसएनसीयू वार्ड का विस्तार किया जाएगा। अस्पताल परिसर के खाली और निष्प्रयोज्य हो चुके पुरानी इमरजेंसी के भवन को ढहाकर अब वहां नया चमचमाता एमएनसीयू वार्ड बनाया जाएगा।
वर्ष 2008 में स्थापित हुए बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय में मरीजों के लिए जगह कम पड़ने लगी है। विभिन्न वार्डों के बनने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इस कारण जिला महिला अस्पताल अभी तक केवल 30 बेड का ही है, जबकि यहां रोजाना प्रसव का औसत 15 से 20 है।
जिला महिला अस्पताल में अभी तक बड़ा एमएनसीयू (मदर न्यू बॉर्न केयर यूनिट) नहीं बन सका है। यहां पर संचालित 12 बेड के एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट) में भी जगह की काफी कमी है। दो महीने पहले डीएम अतुल वत्स को निरीक्षण के दौरान यहां खामियां मिली थीं, जिन्हें दूर करने के लिए वार्ड का विस्तार करने पर विचार किया गया था।
पुरानी इमरजेंसी होगी जमींदोज
नया भवन बनने से पहले जिला महिला अस्पताल के पीछे जिला होम्योपैथी चिकित्सालय के पास बने भवन में इमरजेंसी चलती थी। लगभग 50 वर्ष पुराना यह भवन पिछले 18 वर्षों से खाली पड़ा है तथा निष्प्रयोज्य घोषित हो चुका है। जगह की कमी के चलते अब इसे गिराने की तैयारी की जा रही है। ध्वस्तीकरण और पुराने मलबे की नीलामी के लिए तकनीकी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मलबे की कीमत तय होने के बाद इस भवन को नीलाम किया जाएगा।
एसएनसीयू और एमएनसीयू वार्ड बनेगा
यहां पर एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट) के विस्तार और नया एमएनसीयू (मदर न्यू बॉर्न केयर यूनिट) वार्ड बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इससे अधिक से अधिक नवजात बच्चों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
जगह की कमी के कारण पुरानी इमरजेंसी के ध्वस्तीकरण के लिए एस्टीमेट तैयार कराया गया है। इसके बाद एसएनसीयू वार्ड का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही एमएनसीयू वार्ड का भी निर्माण होगा, ताकि मां के साथ नवजात बच्चों को बेहतर उपचार दिया जा सके।
डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस।
Trending Videos
वर्ष 2008 में स्थापित हुए बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय में मरीजों के लिए जगह कम पड़ने लगी है। विभिन्न वार्डों के बनने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इस कारण जिला महिला अस्पताल अभी तक केवल 30 बेड का ही है, जबकि यहां रोजाना प्रसव का औसत 15 से 20 है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल में अभी तक बड़ा एमएनसीयू (मदर न्यू बॉर्न केयर यूनिट) नहीं बन सका है। यहां पर संचालित 12 बेड के एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट) में भी जगह की काफी कमी है। दो महीने पहले डीएम अतुल वत्स को निरीक्षण के दौरान यहां खामियां मिली थीं, जिन्हें दूर करने के लिए वार्ड का विस्तार करने पर विचार किया गया था।
पुरानी इमरजेंसी होगी जमींदोज
नया भवन बनने से पहले जिला महिला अस्पताल के पीछे जिला होम्योपैथी चिकित्सालय के पास बने भवन में इमरजेंसी चलती थी। लगभग 50 वर्ष पुराना यह भवन पिछले 18 वर्षों से खाली पड़ा है तथा निष्प्रयोज्य घोषित हो चुका है। जगह की कमी के चलते अब इसे गिराने की तैयारी की जा रही है। ध्वस्तीकरण और पुराने मलबे की नीलामी के लिए तकनीकी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मलबे की कीमत तय होने के बाद इस भवन को नीलाम किया जाएगा।
एसएनसीयू और एमएनसीयू वार्ड बनेगा
यहां पर एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट) के विस्तार और नया एमएनसीयू (मदर न्यू बॉर्न केयर यूनिट) वार्ड बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इससे अधिक से अधिक नवजात बच्चों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
जगह की कमी के कारण पुरानी इमरजेंसी के ध्वस्तीकरण के लिए एस्टीमेट तैयार कराया गया है। इसके बाद एसएनसीयू वार्ड का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही एमएनसीयू वार्ड का भी निर्माण होगा, ताकि मां के साथ नवजात बच्चों को बेहतर उपचार दिया जा सके।
डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस।