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Jalaun News: बुंदेलखंड की पहली आईएसओ प्रमाणित जिला पंचायत बनी जालौन
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उरई। जिला पंचायत जालौन को आईएसओ 9001:2015 अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही जालौन बुंदेलखंड क्षेत्र की पहली जिला पंचायत बन गई है, जिसे यह प्रतिष्ठित प्रमाणन मिला है। इस उपलब्धि से जिले का नाम प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है।
आईएसओ 9001:2015 एक अंतरराष्ट्रीय मानक है, जो किसी संस्था की कार्यप्रणाली, सेवा गुणवत्ता, जवाबदेही, अभिलेख प्रबंधन, शिकायत निस्तारण और निरंतर सुधार व्यवस्था का मूल्यांकन करता है। इस प्रमाणन का अर्थ है कि जिला पंचायत जालौन ने अपने प्रशासनिक कार्यों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक संचालित किया है। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि जिला पंचायत में जनता की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है और विकास कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में सड़क निर्माण, नालों का विकास, मंदिरों एवं सार्वजनिक स्थलों पर प्रतीक्षालय, स्ट्रीट लाइटें, अंतेष्टि स्थल सहित कई विकास कार्य कराए गए हैं। इसके साथ ही अवैध कब्जों को हटवाकर नियोजित विकास पर जोर दिया गया है।
विस्तृत ऑडिट के बाद मिला प्रमाणन
जिला पंचायत के विभिन्न विभागों, विकास योजनाओं की निगरानी, वित्तीय पारदर्शिता, जन शिकायतों के निस्तारण, रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यालय संचालन प्रणाली का विस्तृत परीक्षण किया गया। स्वतंत्र ऑडिट एवं मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला पंचायत को यह प्रमाणन प्रदान किया गया।
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यह लाभ होंगे
विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
जनता की शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।
कार्यालयी कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।
सरकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन बेहतर होगा।
संसाधनों के उपयोग में दक्षता बढ़ेगी और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण लगेगा।
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आईएसओ 9001:2015 एक अंतरराष्ट्रीय मानक है, जो किसी संस्था की कार्यप्रणाली, सेवा गुणवत्ता, जवाबदेही, अभिलेख प्रबंधन, शिकायत निस्तारण और निरंतर सुधार व्यवस्था का मूल्यांकन करता है। इस प्रमाणन का अर्थ है कि जिला पंचायत जालौन ने अपने प्रशासनिक कार्यों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक संचालित किया है। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि जिला पंचायत में जनता की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है और विकास कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में सड़क निर्माण, नालों का विकास, मंदिरों एवं सार्वजनिक स्थलों पर प्रतीक्षालय, स्ट्रीट लाइटें, अंतेष्टि स्थल सहित कई विकास कार्य कराए गए हैं। इसके साथ ही अवैध कब्जों को हटवाकर नियोजित विकास पर जोर दिया गया है।
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विस्तृत ऑडिट के बाद मिला प्रमाणन
जिला पंचायत के विभिन्न विभागों, विकास योजनाओं की निगरानी, वित्तीय पारदर्शिता, जन शिकायतों के निस्तारण, रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यालय संचालन प्रणाली का विस्तृत परीक्षण किया गया। स्वतंत्र ऑडिट एवं मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला पंचायत को यह प्रमाणन प्रदान किया गया।
यह लाभ होंगे
विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
जनता की शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।
कार्यालयी कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।
सरकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन बेहतर होगा।
संसाधनों के उपयोग में दक्षता बढ़ेगी और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण लगेगा।