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Jaunpur News: जीन विज्ञान से बदलेगी चिकित्सा की दिशा, विशेषज्ञों ने बताए शोध के नए आयाम

Sun, 19 Jul 2026 01:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 01:28 AM IST
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Genetics to transform the direction of medicine; experts outline new dimensions of research.
सिकरारा के कलवारी स्थित डॉ. लालजी सिंह रिसर्च सेंटर पर जीव विज्ञानी डॉ कात्यायनी एस पाठक (पीला
सिकरारा। डीएनए वैज्ञानिक प्रो. लालजी सिंह के पैतृक गांव कलवारी स्थित डॉ. लालजी सिंह रिसर्च सेंटर में शनिवार को जीन विज्ञान एवं आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें यूरोप के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों ने आनुवंशिकी, हृदय रोगों और विभिन्न बीमारियों में जीन की भूमिका पर अपने शोध और अनुभव साझा किए।
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कार्यक्रम की मुख्य वक्ता स्वीडन के करोलिंस्का इंस्टीट्यूट की वैज्ञानिक एवं एस्टोनिया के टार्टू यूनिवर्सिटी की विजिटिंग रिसर्चर डॉ. कात्यायनी एस. पाठक ने कोरोनरी आर्टरी डिजीज में पुरुष और महिला के लिए सिंगल सेल (आरएनए) आधारित जेनेटिक विश्लेषण विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि सिंगल सेल (आरएनए) तकनीक के माध्यम से हृदय रोगों के आनुवंशिक कारणों को गहराई से समझा जा सकता है। इससे भविष्य में बीमारी की जल्द पहचान और मरीज के अनुसार व्यक्तिगत उपचार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
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वहीं, कैथोलिक यूनिवर्सिटी बेल्जियम और टार्टू यूनिवर्सिटी एस्टोनिया से जुड़े वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अजय पाठक ने जीन के प्रभाव, आधुनिक जीनोमिक्स अनुसंधान और चिकित्सा क्षेत्र में आनुवंशिक तकनीकों के बढ़ते महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीन आधारित शोध भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत आधारशिला बनने जा रहे हैं। इनके माध्यम से जटिल और आनुवंशिक बीमारियों के उपचार में नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं।
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कार्यक्रम में रिसर्च सेंटर के शोध छात्रों ने विशेषज्ञों से संवाद कर जीन विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान से जुड़े सवालों के जवाब प्राप्त किए। कार्यक्रम संयोजक एवं रिसर्च सेंटर के कोऑर्डिनेटर डॉ. आशीष सिंह ने अतिथियों को स्मृति चिह्न और अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. एके श्रीवास्तव, डॉ. धर्मेंद्र यादव, अरुण कुमार, अजय विश्वकर्मा, राजेश यादव, रमेश सिंह, प्रकाश सिंह, प्रशांत सिंह सहित शिक्षाविद और शोधार्थी मौजूद रहे।
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