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Jaunpur News: बारिश थमी, उमस बढ़ी<bha>;</bha> आसपास की बारिश से गोमती का जलस्तर चढ़ने लगा
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गोमती नदी में बढ़ा पानी। संवाद
- फोटो : School
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जौनपुर। जिले में पिछले पांच दिनों से अच्छी बारिश नहीं होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। आसमान में बादल छा रहे हैं, लेकिन बूंदाबांदी के बाद ही मौसम साफ हो जा रहा है। शनिवार को दोपहर बाद हुई हल्की बारिश के बाद उमस और बढ़ गई। वहीं, आसपास के क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण गोमती नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है।
बारिश के अभाव में खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है। किसान खेतों में नमी की कमी से परेशान हैं, जबकि आम लोग भी चिपचिपी गर्मी से बेहाल हैं। जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है।
उधर, गोमती नदी में पानी बढ़ने के बावजूद अभी जलस्तर घाटों के नीचे ही है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। पिछले वर्षों में बाढ़ केंद्रों पर पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से प्रशासन को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
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बरसात के मौसम में गोमती नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। चंदवक, केराकत और जफराबाद क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। बाढ़ आने पर ग्रामीणों को गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है और फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचता है।
जब नदी का पानी शाहीपुल स्थित गोमतेश्वर नाथ मंदिर तक पहुंचता है तो आसपास के क्षेत्रों में खतरा बढ़ जाता है। वहीं, चकप्यार अली और बलुआ घाट के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश में जर्जर बारजा गिरा, टला बड़ा हादसा
खेतासराय। नगर में शुक्रवार की शाम हुई तेज बारिश के दौरान एक पुराने मकान का जर्जर बारजा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। संयोगवश घटना के समय बारजे पर कोई मौजूद नहीं था। नगर निवासी रजनीश गुप्ता ने बताया कि उनके पुराने मकान का बारजा काफी समय से जर्जर अवस्था में था। शुक्रवार शाम तेज बारिश के बीच अचानक बारजा ढह गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि मकान का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
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बारिश के अभाव में खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है। किसान खेतों में नमी की कमी से परेशान हैं, जबकि आम लोग भी चिपचिपी गर्मी से बेहाल हैं। जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है।
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उधर, गोमती नदी में पानी बढ़ने के बावजूद अभी जलस्तर घाटों के नीचे ही है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। पिछले वर्षों में बाढ़ केंद्रों पर पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से प्रशासन को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
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बरसात के मौसम में गोमती नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। चंदवक, केराकत और जफराबाद क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। बाढ़ आने पर ग्रामीणों को गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है और फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचता है।
जब नदी का पानी शाहीपुल स्थित गोमतेश्वर नाथ मंदिर तक पहुंचता है तो आसपास के क्षेत्रों में खतरा बढ़ जाता है। वहीं, चकप्यार अली और बलुआ घाट के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश में जर्जर बारजा गिरा, टला बड़ा हादसा
खेतासराय। नगर में शुक्रवार की शाम हुई तेज बारिश के दौरान एक पुराने मकान का जर्जर बारजा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। संयोगवश घटना के समय बारजे पर कोई मौजूद नहीं था। नगर निवासी रजनीश गुप्ता ने बताया कि उनके पुराने मकान का बारजा काफी समय से जर्जर अवस्था में था। शुक्रवार शाम तेज बारिश के बीच अचानक बारजा ढह गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि मकान का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।