'कातिल' मां की करतूत: पांच माह के दुधमुंहे बच्चे की पेट को नुकीले पत्थर से फाड़ा, पत्ते के नीचे छिपाया शव
Jaunpur News: जौनपुर जिले में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। जिले से सटे जंघई क्षेत्र के सरायममरेज थाना के पिलखिनी गांव में एक मां ने अपने पांच माह के बच्चे के पेट को फाड़ डाला, जिससे उसकी मौत हो गई।
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जौनपुर जिले की सीमा से सटे जंघई क्षेत्र के सरायममरेज थाना के पिलखिनी गांव के पूरे जयसिंह बस्ती में एक महिला ने अपने दुधमुहे बच्चे के पेट को नुकीले पत्थर से फाड़ डाला। इसके बाद शव को महुआ के पत्ते के नीचे छिपा दिया। इस घटना को महिला ने पारिवारिक कलह से तंग आकर अंजाम दिया।
क्या है पूरा मामला
सरायममरेज थाना के पिलखिनी गांव निवासी संतोष यादव मजदूरी करके जीवन यापन करता है। उसकी पत्नी मनोरमा अपने दुधमुहे बच्चे ईश्वर (पांच माह) के साथ रहती है। बुधवार की शाम संतोष मजदूरी करके घर आया तो देखा कि उसका बच्चा मौके पर नहीं है। उसने पत्नी से पूछा की बच्चा कहां है? पत्नी मनोरमा गुस्से में बोली उसे मारकर तालाब के पास फेंक दिया।
इसके बाद संतोष अपने बच्चे को खोजने तालाब के पास गया। जहां बच्चे का कुछ पता नहीं चल सका। घर लौटकर पत्नी से कड़ाई से पूछा तो मनोरमा ने सच्चाई उगल दी। बताया कि पशुशाला में महुआ के पत्ते के नीचे शव को छिपाया है, जिसके बाद संतोष मौके पर पहुंचा और शव देख कर हैरान रह गया।
बुधवार रात को घटना की सूचना मिलने पर सरायममरेज थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा, जंघई चौकी इंचार्ज शरद सिंह मौके पर पहुंचे। मृत बच्चे के शव को कब्जे में ले लिया। घटना के बाद मनोरमा का पति पुलिस के डर से भाग गया। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस मनोरमा को पकड़कर थाने ले गई।
ग्रामीणों का कहना है कि पति-पत्नी में रोज कहासुनी होती रहती थी। दोनों की शादी दो साल पहले ही हुई थी। मनोरमा संतोष यादव की दूसरी पत्नी है। थानाध्यक्ष सरायममरेज अतुल कुमार मिश्र का कहना है पारिवारिक कलह से आजीज आकर महिला ने अपने बच्चे को मौत के घाट उतार दिया। पति-पत्नी में अक्सर विवाद होता था। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।