LPG Crisis: गैस गोदामों पर लंबी कतारें, शादियों और और भोज पर संकट; पूर्वांचल के 10 जिलों में ऐसे हैं हालात
LPG Gas cylinder Crisis: वैश्विक आपूर्ति बाधित होने के कारण उत्पन्न एलपीजी संकट के बीच यूपी सहित देशभर में लोग चिंतित हैं। वहीं पूर्वांचल के वाराणसी समेत 10 जिलों में गैस गोदामों पर लंबी कतारें लग रही हैं। वहीं ऑनलाइन बुकिंग बंद होने से लोग काफी परेशान हैं। आइए जानते हैं इन शहरों के हालात
विस्तार
1- बलिया: गुजरे दिन याद आए... गैस गोदामों पर दोपहर तक कतार
घरेलू गैस के लिए लोग परेशान हो रहे हैं। मंगलवार को गैस गोदामों पर लगी लंबी कतारों ने गुजरे दिनों की याद दिला दी। सुबह चार बजे से ही लोग गैस गोदामों के बाहर कतार में लग गए। बाइक और कार से सिलिंडर लेकर लोग इस गोदाम से उस गोदाम तक भटकते रहे। जिला पूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर भी गोदाम व एजेंसियों का निरीक्षण करते रहे। जिनके घरों में शादी के कार्यक्रम हैं वह लोग ज्यादा परेशान हैं। जीराबस्ती, सहरसपाली व शंकरपुर गैस गोदामों पर उपभोक्ता घंटों कतार में लगे रहे। शाम होते ही फिर कतार लग गई।
बेल्थरारोड संवाददाता के अनुसार ग्रामसभा कुशहाभाड़ स्थित एचपी गैस गोदाम पर गैस सिलिंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं की भारी भीड़ रही। स्थिति यह रही कि कई उपभोक्ताओं को चार से पांच घंटे तक कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। शासन व गैस कंपनियों ने हर हाल में बिना ओटीपी के गैस वितरण पर रोक लगा दी है। इससे एजेंसी संचालक चाहकर भी वितरण में मनमानी नहीं कर पाएंगे। क्योंकि उपभोक्ताओं के मोबाइल पर भेजे गए ओटीपी के माध्यम से ही गैस सिलिंडर का वितरण होगा। जिला पूर्ति अधिकारी देव मणि मिश्रा ने बताया कि बुधवार की रात को ऑनलाइन बैठक में ओटीपी अनिवार्य कर दिया गया है। उसके बाद ही एजेंसी संचालक का स्टॉक खारिज होगा।
ऑनलाइन बुकिंग बंद होने से बढ़ी परेशानी
रसोई गैस की किल्लत को देखते हुए ग्राहकों ने ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी थी लेकिन एक सप्ताह से ऑनलाइन बुकिंग भी बंद है। बैरिया के गैस गोदाम के कर्मचारी ने बताया कि यदि पिछली बुकिंग से 25 दिन हो जाते हैं तो उन्हें सिलिंडर मिलेगा। गैस एजेंसी संचालक ने बताया कि कई एलपीजी एजेंसियों ने व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति रोक दी है। कंपनियों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में घरेलू उपयोग के लिए सिलिंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करना पहली प्राथमिकता है।
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2- भदोही: 12 साल बाद गैस गोदामों पर 500 मीटर तक लगी लंबी कतार
ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच कालीन नगरी में एलपीजी घरेलू गैस सिलिंडर की मांग तीन गुना बढ़ गई है। व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति बंद होने के बाद होटल, ढाबा और मिठाई दुकानदार अब घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं। 12 साल बाद एक बार फिर एजेंसियों के गोदामों पर 500 मीटर लंबी कतार देखने को मिली। ऑनलाइन बुकिंग का सर्वर फेल होने के कारण उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। एजेंसी संचालकों के मोबाइल नॉट रिचएबल बता रहा है।
जिले में भारत गैस, इंडियन ऑयल और एचपी की 40 एजेंसियां हैं। इससे 2.07 लाख उज्ज्वला और तीन लाख सामान्य उपभोक्ता जुड़े हैं। युद्ध के कारण विश्व में गैस, तेल की आपूर्ति प्रभावित होने का अंदेशा है। सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ते ही आपूर्ति कम होने के पहले बुधवार को ज्ञानपुर नगर में स्थित एक एजेंसी पर ग्राहकों की लंबी कतार लग गई। कुछ लोगों को ही सिलिंडर मिला। कुछ लोग बिना लिए ही वापस लौट गए। कुछ इसी तरह गोपीगंज, अभोली, भदोही स्थित एजेंसियों पर दिखा। एजेंसी संचालकों ने बताया कि पहले एक दिन में 400 से 500 सिलिंडरों की मांग होती थी। बीते चार-पांच दिनों से मांग एक हजार तक पहुंच गई है। मांग में बढ़ोतरी के सापेक्ष आपूर्ति 50 फीसदी तक ही हो रही है। गोपीगंज नगर में बुधवार को बेबी बानो, करीम, शिवशंकर चौबे, रवि गुप्ता ने बताया कि करीब एक सप्ताह के इंतजार के बाद भी गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा है।
जिले में फिलहाल सिलिंडर आपूर्ति में कोई संकट नहीं है। लोग पैनिक होकर बुकिंग कर रहे हैं। पांच मार्च तक की बुकिंग वाले ग्राहकों को सिलिंडर मिल चुका है। व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति शासन से बंद कर दी गई है। कई एजेंसियों पर नजर रखी जा रही है ताकि कालाबाजारी न हो सके। -सुनील कुमार, डीएसओ
3- वाराणसी: एजेंसियों पर लाइन, शादी से मिड-डे मील तक असर
वाराणसी जिले में गैस सिलिंडर की किल्लत बढ़ रही है। शादी-समारोह से लेकर मिड-डे मील तक यह संकट असर डाल रहा है। बड़े कार्यक्रमों में लोग सिलिंडर के साथ-साथ लकड़ी और कोयले की भी खरीदारी शुरू कर रहे हैं। कई एजेंसियों पर नोकझोंक की भी शिकायतें आ रही हैं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि किल्लत नहीं है। अगर कहीं कोई कालाबाजारी करेगा तो कार्रवाई की जाएगी। इधर जिले में लंबे समय बाद कई एजेंसियों पर सुबह से ही लंबी लाइनें लगी दिखाई दीं। चौबेपुर इलाके में गैस की किल्लत चार दिनों से बढ़ी है। बुधवार को 600 सिलेंडरों की मांग थी और मात्र 342 सिलेंडर पांचवें दिन पहुंचे। सांई गैस एजेंसी चौबेपुर के प्रियांशु चतुर्वेदी ने बताया कि प्रतिदिन 300 सिलेंडर की खपत होती है। अभी अचानक मांग बढ़ गई है। रामनगर क्षेत्र में शादी वाले परिवारों ने 1200 रुपये देकर सिलेंडर लिया है। रामकिशोर ने बताया कि बुकिंग हो नहीं पाई, एजेंसी पर भी आसानी से सिलिंडर नहीं मिल पाया, तो 1200 रुपये देकर सिलिंडर खरीदा। कुछ फास्ट फूड का रेस्टोरेंट चलाने वाले दुकानदारों ने बताया कि अभी उनके पास कुछ दिन का स्टॉक है।
4- आजमगढ़: व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति ठप, शादियों और भोज पर संकट
घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए सरकार ने व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति पर अस्थायी रोक लगा दी है। इससे शादी, भंडारे और सामाजिक आयोजनों के लिए संकट खड़ा हो गया है। जिले में गैस की कमी की अफवाह के चलते उपभोक्ताओं में भी असमंजस है। एजेंसियों के गोदाम के सामने लंबी कतारें लग रही हैं। होटल और रेस्टोरेंट्स संचालकों ने बताया कि 15 दिनों का ही स्टॉक बचा है। आंकड़ों के अनुसार जिले में 12 लाख 60 हजार 932 गैस उपभोक्ता हैं। इसमें सामान्य उपभोक्ताओं की संख्या 9 लाख 59 हजार 560 और उज्जवला योजना के कनेक्शनधारियों की संख्या दो लाख 97 हजार 757 है। इसके अलावा 3615 व्यावसायिक गैस उपभोक्ता हैं।
जिले में 83 गैस एजेंसियों के जरिए इनकी जरूरतें पूरी की जाती हैं। वहीं जिले में 250 पेट्रोल पंप हैं। जिनके जरिए लोगों को पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की जाती है। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि उनके पास फिलहाल व्यावसायिक सिलिंडरों का स्टॉक नहीं है। ऐसे में होटल और रेस्तरां संचालक होटल में स्टॉक कर रखे स्टॉक सिलिंडरों के सहारे काम चला रहे हैं। जब यह स्टॉक खत्म होगा तो उनके समक्ष समस्या खड़ी हो जाएगी। बुधवार को जनपद की लगभग हर गैस एजेंसी पर सिलिंडर लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी रही। शहर से लेकर गांव तक सिलिंडर को भरवाने के लिए लोगों की लंबी कतार देखने को मिली। हालांकि गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि जिले में गैस की किल्लत नहीं है सिर्फ लोगों को मोबाइल से गैस बुक करना है। अगर किसी की ई-केवाईसी नहीं है तो वह करा ले अन्यथा उसे गैस से वंचित होना पड़ेगा।
5- चंदौली: जरूरत की दो तिहाई रसोई गैस की ही आपूर्ति, लग रहा तांता
इन दिनों ईरान-इस्राइल युद्ध के कारण मांग के अनुसार गैस की डिलीवरी क्षेत्रीय गैस एजेंसी को न होने के कारण भारत गैस एजेंसी के बुकिंग और वितरण केंद्र पर भीड़ लगी रही। गैस गोदाम पर भी लोगों का तांता लगा रहा। रसोई गैस की डिमांड की तुलना में दो तिहाई ही आपूर्ति मिल रही है। जबकि जिला पूर्ति अधिकारी का कहना है कि रसोई गैस की किल्लत नहीं है। लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। हालांकि लोगों का कहना है कि रसोई गैस के लिए पूरा दिन बर्बाद हो रहा है।
बुधवार को भारत गैस सर्विस केंद्र के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं। कई उपभोक्ता अपना काम छोड़कर लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटे। दुकान पर कार्यरत राजेश कुमार ने बताया कि वे छुट्टी लेकर गैस बुक कराने आए थे, लेकिन भीड़ के कारण उन्हें परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर स्थिति काफी खराब है।
उपभोक्ता अशोक कुमार ने वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त की। कहा कि त्योहारों के दौरान रसोई गैस के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। मनोहर कुमार, संतोष, हरिराम जैसे कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि आपूर्ति विभाग द्वारा जारी मोबाइल नंबर पर एजेंसी कर्मचारी सर्वर डाउन होने का हवाला देकर बुकिंग नहीं कर रहे हैं। इससे एक सिलिंडर के लिए लोगों का पूरा दिन बर्बाद हो रहा है, जिससे दिहाड़ी मजदूर और किसान विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं।
जिले में रसोई गैस की किल्लत नहीं है। लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। नियमित आपूर्ति की जा रही है। इस पूर्ति विभाग लगातार नजर रखे हुए है। कालाबाजरी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -मनीष विक्रम, जिला पूर्ति अधिकारी
6- गाजीपुर: व्यावसायिक गैस सिलिंडर की किल्लत, होटल-रेस्तरां संचालक परेशान
अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर अब जिले में भी दिखने लगा है। व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों की परेशानी बढ़ गई है। सहालग के इस सीजन में सिलिंडरों की कमी से उनके सामने कामकाज चलाने की चुनौती खड़ी हो गई है। कई संचालक फिलहाल कोयले की भट्ठी का सहारा लेकर काम चला रहे हैं। जिले में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आईओसीएल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की करीब 66 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनसे लगभग साढ़े सात लाख उपभोक्ता जुड़े हैं।
जिले में बड़ी संख्या में होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मिष्ठान भंडार, गेस्ट हाउस और जलपान की दुकानें चलती हैं, जिनका संचालन मुख्य रूप से व्यावसायिक गैस सिलिंडरों पर निर्भर है। बीते कुछ दिनों से गैस एजेंसियों पर सिलिंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण व्यावसायिक सिलिंडर मिलना मुश्किल हो गया है। इससे होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की चिंता बढ़ गई है।
कई स्थानों पर सहालग को देखते हुए मांगलिक कार्यक्रमों की बुकिंग पहले से हो चुकी है। ऐसे में गैस की कमी से आयोजन प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है। कई होटलों में आधुनिक किचन बने हुए हैं, जहां कॉमर्शियल सिलिंडर की खपत अधिक होती है। सिलिंडरों की कमी को देखते हुए कुछ संचालकों ने डीजल और कोयले की भट्ठी तैयार करवाई है, ताकि कामकाज प्रभावित न हो। व्यवसायियों का कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कारोबार पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
फिलहाल व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति प्रभावित है, जबकि घरेलू सिलिंडरों की आवश्यकता के अनुसार आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अनावश्यक रूप से परेशान न हों और घरेलू गैस के लिए बुकिंग कराकर सिलिंडर प्राप्त करें। -अनंत प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
7- जौनपुर: एजेंसी के चक्कर काट रहे लोग, 1300 रुपये में ब्लैक हो रहा सिलिंडर
जौनपुर जनपद में रसोई गैस की भारी किल्लत के चलते आम लोग परेशान होने लगे हैं। घरेलू और व्यावसायिक सिलिंडरों की कमी के कारण लोग गैस एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। कई क्षेत्रों में लोग डर के मारे अतिरिक्त सिलिंडर भरवाने में जुट गए हैं। वहीं आपूर्ति बाधित होने का फायदा उठाकर कुछ जगहों पर 1300 रुपये में सिलिंडर ब्लैक किए जा रहे हैं। जिले में कुल 93 गैस एजेंसियां हैं, जिनसे उज्ज्वला और सामान्य श्रेणी के लगभग आठ लाख उपभोक्ता जुड़े हैं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से किल्लत की खबरें आ रही हैं। मछलीशहर व मुफ्तीगंज में पिछले चार दिनों से गैस की किल्लत है।
लोग मजबूरी में ब्लैक में सिलिंडर खरीद रहे हैं। बदलापुर के मुरादपुर कोटिला स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम एजेंसी पर एक सप्ताह से स्टॉक खत्म है। जलालपुर व मड़ियाहूं में क्रमशव: प्रसाद गैस एजेंसी और कैलाश इंडेन गैस एजेंसी पर पिछले कई दिनों से गाड़ियां लोड न होने के कारण आपूर्ति ठप है। उपभोक्ता महेंद्र प्रसाद जैसे कई लोग पांच-पांच दिनों से भटक रहे हैं। एचपीसीएल कंपनी उपभोक्ताओं के मोबाइल पर मेसेज भेजकर रसोई गैस सिलिंडर की कमी न होने का दावा कर रही है। कंपनी का कहना है कि सोशल मीडिया पर ईंधन की कमी को लेकर फैलाए जा रहे दावे भ्रामक और निराधार हैं। ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है।
8- मऊ: खाते में सब्सिडी भेज बेच दिए सिंलिंडर, बुक कराने पहुंचने पर खुल रही पोल
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर घर की रसोई तक पहुंच गया है। घरेलू गैस सिलिंडर की सप्लाई जिले में कम हो गई है और दूसरी तरफ गैस एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की बी कतार लग रही है। एजेंसियों ने मौके फायदा उठाकर कालाबाजारी का नया तरीका शुरू कर दिया है। खपत की तुलना में कम आपूर्ति को देखते हुए होली से पहले ही एजेंसियों ने खेल शुरू कर दिया था। बिना सिलिंडर डिलीवरी के ही उनके खाते में सब्सिडी भेज दी गई है। होली से पहले ही करीब 12 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के सिलिंडर की एजेंसियों ने कालाबाजारी कर दी। सरकार ने भरे सिलिंडर के भंडारण पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है, ऐसा करने वालों के विरुद्ध एस्मा कानून के तहत कार्रवाई होगी।
अधिक मुनाफा के चक्कर में एजेंसी मालिक इसे नजर अंदाज कर रहे हैं। उपभोक्ताओं से स्टॉक समाप्त होने की बात कही जा रही है, लेकिन बिचौलियों के यहां भरपूर मात्रा में एलपीजी सिलिंडर पड़े हुए हैं। एजेंसियों से निराश लौटे उपभोक्ता 200 रुपये अधिक देकर सिलिंडर उठा रहे हैं। जिले में 30 एलपीजी गैस एजेंसियों पर करीब 4.50 लाख उपभोक्ता पंजिकृत हैं। जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता सिलिंडर के लिए पहुंच रहे हैं, वहां उन्हें चार पांच दिन पहले ही डिलिवरी हो जाने की जानकारी मिल रही है। एलपीजी की कमी को देखते हुए जिलापूर्ति अधिकारी ने चारों तहसीलों पर पूर्ति निरीक्षकों के नेतृत्व में भंडारण की निगरानी के लिए टीम गठित की है। इसके साथ ही एजेंसी संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर बिना ओटीपी भेजे एलपीजी नहीं देना है।
जिले में एलपीजी की कमी नहीं है, अफवाह के कारण लोग आने वाले दिनों की फिक्र करते हुए भरा सिलिंडर रखना चाह रहे हैं। जिसके चलते सामान्य दिनों से अधिक भीड़ एजेंसियों पर हो रही है। सिलिंडर भंडारण पर पूरी तरह रोक है। इसकी निगरानी के लिए चारों तहसीलों में पूर्ति निरीक्षकों के नेतृत्व में टीमें गठित की गई हैं। -राघवेंद्र कुमार सिंह, जिलापूर्ति निरीक्षक, मऊ
9- मिर्जापुर: घरेलू गैस की बढ़ी समस्या, कमर्शियल सिलिंडरों पर पाबंदी से होटल व्यवसाय पर संकट
ईंधन गैस की समस्या अब दिनों दिन बढ़ती जा रही है। आम उपभोक्ता तो परेशान है ही कमर्शियल सिलिंडरों पर पाबंदी से होटल व्यवसाय पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यदि यही स्थिति रही तो वे कुछ दिनों के बाद तालाबंदी के शिकार हो सकते हैं।
जिले में 45 एजेंसियां 5.20 लाख उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर का वितरण करती हैं। इसमें लगभग 200 होटल व बड़े रेस्टोरेंट भी शामिल हैं। इन जगहों पर कमर्शियल सिलिंडर का प्रयोग किया जाता है। इसी प्रकार ठेला वाले, खोमचा वाले, चाट तथा हलवाई आदि लोग भी कमर्शियल सिलिंडर का प्रयोग करते हैं। कमर्शिलय सिलिंडर पर पाबंदी लगने से होटल व बड़े रेस्टोरेंट संचालक तो अभी किसी प्रकार अपना काम चला रहे हैं लेकिन यदि शीघ्र ही इसकी व्यवस्था नहीं हुई तो वहां भी तालाबंदी की नौबत आ सकती है। जिले के होटल एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारी संतोष गोयल ने बताया कि अभी तो काम चल रहा है लेकिन खतरे की घंटी बज गई है और कुछ ही दिनों में तालाबंदी की नौबत आ सकती है।
25 दिनों की पाबंदी से 20 दिनों वाले परेशान
सरकार द्वारा रिफिल बुकिंग में 25 दिनों की पाबंदी लगाने से वे लोग परेशान हैं जो 20 दिनों बाद रिफिल बुक कराते थे। उनका कहना है कि पहले यह बाध्यता 15 दिनों की थी। इसलिए वे निश्चिंत होकर बैठे थे कि 20 दिनों बाद जैसे बुकिंग कराते थे, रिफिल बुक कराएंगे लेकिन इसी बीच 25 दिन की बाध्यता आ गई जिससे उनकी बुकिंग ही नहीं हो पा रही है। शोरुम व गोदाम कहीं भी वैसे गैस नहीं मिल रही है। घर में खाना बनाने की समस्या हो गई है। सर्वाधिक परेशानी रोजा रखने वालों को है। सहरी व इफ्तार की तैयारियों में ही काफी गैस खर्च हो जाती है अब कुछ ही दिनों बाद ईद का पर्व है। उसमें क्या होगा, यह परेशानी सबको खाए जा रही है।
10- सोनभद्र: सिलिंडर पाने की होड़ में पहुंचे गैस एजेंसी, सर्वर जाम, बुकिंग में देरी
रसोई गैस सिलिंडर पाने की होड़ ने उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ानी शुरू कर दी हैं। गैस एजेंसियों पर भीड़ जुटने लगी है। कोई बुकिंग के लिए जल्दी में है तो कोई केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराने में परेशान है। इसके चलते कंपनियों का सर्वर भी जवाब देने लगा है। बुधवार को जिले में कई गैस एजेंसियों पर उपभोक्ता सर्वर न चलने से परेशान दिखे।
सिलिंडर लेकर लोग अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। एजेंसी संचालकों की ओर से उन्हें पर्याप्त स्टॉक होने का हवाला देकर आश्वस्त किया जाता रहा, बावजूद लोग जैसे-तैसे जल्दी सिलिंडर पाने की जुगत में रहे। उधर, कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति में व्यवधान से होटल-रेस्टूरेंट संचालकों की दिक्कतें बढ़ने लगी है। उन्हें कारोबार ठप होने की चिंता सता रही है। रॉबर्ट्सगंज में विंध्य इंडेन गैस एजेंसी, रॉबर्ट्सगंज गैस एजेंसी और एचपीसीएल की हंसवाहिनी गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं की भीड़ सुबह से ही बनी रही।
सिलिंडर लेकर पहुंचे उपभोक्ताओं की शिकायत थी कि बुकिंग नहीं हो पा रही, जबकि उन्हें सिलिंडर की जरूरत है। एजेंसी के कर्मचारी भी सर्वर की खराबी से उलझे रहे। इसके चलते वितरण की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई। शिकायत पर जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव गुप्ता भी गैस एजेंसी पहुंचे और वितरण व्यवस्था पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कंपनी के प्रतिनिधियों से वार्ता कर तकनीकी दिक्कतों को शीघ्र दूर कराने को कहा। उधर, विंध्य इंडेन गैस एजेंसी से दो दिन बाद वितरण शुरू होने की खबर मिलते ही उपभोक्ता बड़ी संख्या में पहुंचे।
हाइडिल मैदान में लोग सिलिंडर लेकर खड़े रहे। वितरण वाहन पहुंचने के कुछ देर बाद ही सिलिंडर खत्म हो गया। बाद में एजेंसी पर भी उपभोक्ता पहुंचकर सिलिंडर के लिए पूछताछ करते रहे। ग्राहकों ने बताया कि नंबर पर बुकिंग नहीं हो रही। इससे दिक्कत आ रही है।
घरेलू गैस के उपभोक्ताओं को रसोई गैस की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए एजेंसी संचालकों व कंपनी प्रतिनिधियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। फिलहाल आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं है। लोग अफवाह में न पड़ें। संयम बरतें। कहीं कोई कालाबाजारी या जमाखोरी करता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। -ध्रुव गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी