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UP Crime: शादी से कम नहीं होती जुर्म की गंभीरता, कोर्ट ने दुष्कर्म के दोषी को सुनाई 20 साल की सजा
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।
Published by: Pragati Chand
Updated Wed, 08 Apr 2026 09:10 AM IST
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सार
Jaunpur News: जौनपुर जिले में पॉक्सो कोर्ट ने 15 वर्षीय किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने के दोषी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 15 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
जौनपुर जिले में नाबालिग बालिकाओं के संरक्षण और उनके अधिकारों को सर्वोपरि रखते हुए जौनपुर की अदालत ने नजीर पेश की है। अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट प्रथम) उमेश कुमार द्वितीय की अदालत ने मंगलवार को सरपतहां थाना क्षेत्र की 15 वर्षीय किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने के दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 15 हजार का जुर्माना भी लगाया, जुर्माना राशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
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अभियोजन के अनुसार, 17 जुलाई 2019 को आरोपी युवक पीड़िता को बहला-फुसलाकर उसके घर से भगा ले गया था। तलाश के बाद भी जब किशोरी नहीं मिली तो उसकी मां ने प्राथमिकी दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि आरोपी पीड़िता को मुंबई ले गया था, जहां उसने शादी कर ली। उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस मामले में पुलिस ने जांच कर चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी।
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सुनवाई के दौरान पीड़िता ने आरोपी से शादी होने के कारण अपने बयान बदल दिए और पक्षद्रोही घोषित हो गई। इसके बावजूद, अदालत ने स्पष्ट किया कि पॉक्सो एक्ट का मूल उद्देश्य 18 साल से कम आयु की बालिकाओं का संरक्षण करना है।
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अदालत ने फैसले में लिखा कि नाबालिग की सहमति से बनाया गया शारीरिक संबंध या विवाह, पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध की गंभीरता को खत्म नहीं करता। साक्ष्यों और कानून की मंशा को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा मुकर्रर की।