सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Political Poster War in UP Akhilesh Government Lyari Raj Yogi as dhurandhar CM

यूपी में पोस्टर वार: अखिलेश सरकार ‘ल्यारी राज’, योगी ‘धुरंधर सीएम’; लोगों से पूछा- आपको क्या चाहिए? भड़की सपा

संवाद न्यूज एजेंसी, अंबारी/बिलरियागंज Published by: विकास कुमार Updated Wed, 08 Apr 2026 01:10 AM IST
विज्ञापन
सार


पोस्टरों में अखिलेश यादव की तस्वीर को फिल्म के विलेन ‘रहमान डकैत’ की शैली में प्रस्तुत किया गया है। नीचे साफ शब्दों में लिखा है ‘अखिलेश का ल्यारी राज’। वहीं, दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ की तस्वीर में उन्हें कन्या के पैर धोते हुए दिखाया गया है, जिसके साथ कैप्शन है ‘धुरंधर सीएम’। 

Political Poster War in UP Akhilesh Government Lyari Raj Yogi as dhurandhar CM
योगी आदित्यानाथ और अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर पोस्टर वार छिड़ गया है। जनपद के सिधारी थाना क्षेत्र के हरबंशपुर, फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर पुल पर और बिलरियागंज थाना क्षेत्र के स्थानीय बाजार में ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ संगठन के नाम से लगाए गए होर्डिंग्स ने समाजवादी पार्टी (सपा) में तीखा आक्रोश पैदा कर दिया है। इन पोस्टरों में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार 2012-17 की तुलना बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ में दिखाए गए पाकिस्तान के कराची स्थित ल्यारी इलाके के ‘ल्यारी राज’ से की गई है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘धुरंधर सीएम’ करार दिया गया है।

Trending Videos

पोस्टरों में अखिलेश यादव की तस्वीर को फिल्म के विलेन ‘रहमान डकैत’ की शैली में प्रस्तुत किया गया है। नीचे साफ शब्दों में लिखा है ‘अखिलेश का ल्यारी राज’। वहीं, दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ की तस्वीर में उन्हें कन्या के पैर धोते हुए दिखाया गया है, जिसके साथ कैप्शन है ‘धुरंधर सीएम’। योगी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए माफिया अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और मुकीम काला की मौत से संबंधित अखबारों की कटिंग्स भी चिपकाई गई हैं, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि योगी राज में माफिया तंत्र पर सख्त कार्रवाई हुई। पोस्टरों में सपा शासन काल के दौरान मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली में हुए दंगों का भी जिक्र किया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ ने इन घटनाओं को ल्यारी राज की तरह बताते हुए दावा किया है कि उस दौर में अपराध और अराजकता का बोलबाला था। पोस्टरों पर लिखा गया है कि सपा का ‘ल्यारी राज’ न भूले हैं और न भूलेंगे। वहीं, बिलरियागंज बाजार में नए चौक के पास लगे विवादित बैनर को लेकर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। मामले में पक्का पोखरा निवासी रामकरन यादव ने थाना बिलरियागंज में तहरीर दी है। आरोप है कि यह बैनर ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ संगठन से जुड़े आशुतोष सिंह, अभिनव तिवारी और गुलशन कुमार द्वारा लगाया गया था। सूचना मिलने के बाद बैनर को हटवा दिया गया। घटना को लेकर सपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गई। विरोध जताने वालों में राम विनय यादव, दिनेश यादव, मोहम्मद आरिफ खान, कोमल पासवान, राकेश विश्वकर्मा और आसिफ अहमद सहित कई लोग शामिल रहे। थानाध्यक्ष सुनील दुबे ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसे लेकर सपा के समर्थकों में काफी रोष है।

सपाईयों में गुस्सा, राजनीतिक बवाल
आजमगढ़। इन पोस्टरों के लगते ही सपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया है। कई सपाई नेताओं ने इसे ‘राजनीतिक साजिश’ और ‘फिल्म का गलत इस्तेमाल’ करार दिया है। सपा की ओर से इन पोस्टरों को फाड़ने या हटाने की मांग की जा रही है। वहीं, भाजपा समर्थक इसे ‘सच्चाई का आईना’ बता रहे हैं। फिल्म ‘धुरंधर’ हाल ही में रिलीज हुई है, जिसमें ल्यारी के गैंगस्टर ‘रहमान डकैत’ (अक्षय खन्ना अभिनीत) का किरदार प्रमुख है। फिल्म के कुछ दृश्यों और थीम को लेकर पहले से ही राजनीतिक चर्चाएं चल रही थीं। फूलपुर के इन पोस्टरों ने उस बहस को और तेज कर दिया है।

योगी बनाम अखिलेश : पुराना मुकाबला नया रूप
अंबारी। यह घटना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक मुकाबले को नया आयाम दे रही है। भाजपा की ओर से अक्सर सपा शासन को ‘गुंडाराज’ और ‘माफिया राज’ बताया जाता रहा है, जबकि सपा सरकार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। योगी सरकार ने माफियाओं पर ‘बुलडोजर एक्शन’ और एनकाउंटर की नीति को अपनी बड़ी उपलब्धि बताते हुए इसे जनता के सामने रखा है।

फूलपुर विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में इन पोस्टरों का स्थानीय स्तर पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। प्रशासन ने अभी तक इन पोस्टरों को हटाने या किसी कार्रवाई की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

विपक्षी दलों का कहना है कि फिल्म का राजनीतिक प्रचार के लिए इस्तेमाल लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है, जबकि समर्थक इसे ‘जनता की आवाज’ बता रहे हैं। चाहे जो भी हो, फूलपुर के जगदीशपुर पुल पर लगे ये होर्डिंग्स उत्तर प्रदेश की सड़कों पर सियासी तापमान एक बार फिर बढ़ा रहे हैं।

भाजपा के लोग इस तरह का दुष्प्रचार कर रहे हैं और नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं। जबकि इनके आधे से अधिक मंत्री, विधायक , एमपी, एमएलए अपराधी हैं। इनके सीएम पर 15 मुकदमे दर्ज हैं और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर भी मुकदमे दर्ज हैं। यह लोग उसे अपराधी बता रहे हैं जो आस्ट्रेलिया में पढ़ा है और इंजीनियर है। प्रदेश का मुख्यमंत्री रहते हुए वह काम किया जिसकी तारीफ पूरे देश में होती है। यह देश का दुर्भाग्य है कि यह लोग सत्ता में हैं। यह लोग दंगा कराते हैं, समाज में नफरत फैलाते हैं और जातियों को बांटने का काम करते हैं। लेकिन, जनता इनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी और 2027 में इसका जवाब देगी। -हवलदार यादव, जिलाध्यक्ष सपा।

जिले के चार थानों इलाके में लगा अखिलेश यादव का विवादित पोस्टर, भड़के सपाई, पुलिस ने हटवाया
जौनपुर के चार थाना इलाकों में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की आपत्ति जनक होर्डिंग्स और पोस्टर लगाया गया। यह होर्डिग्स और पोस्टर लगाए जाने की जानकारी होते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भड़क गए। वहीं, जानकारी होते ही पुलिस ने सभी स्थानों से होर्डिंग्स और पोस्टर हटवा दिए। दूसरी ओर कार्रवाई की मांग करते हुए सपा कार्यकर्ताओं ने संबंधित थानों में तहरीर दी है।

शहर में कोतवाली सिपाही पुलिस चौकी के सामने बिजली के पोल, नेवढि़या थाना इलाके, रामपुर थाना क्षेत्र के गोपालापुर तिराहे पर होर्डिग्स लगाई गई। इसी तरह तरह मड़ियाहूं क्षेत्र के सत्ती माता तिराहे और शिवपुर में दीवार पर एक-एक विवादित पोस्टर लगाए गए थे। सपा मुखिया अखिलेश यादव से जुड़े विवादित पोस्टर लगाए जाने को लेकर सपा कार्यकर्ताओं भड़क गए। वहीं, जानकारी होते ही संबंधित थाना पुलिस ने होर्डिग्स और पोस्टर को हटवाया,जिसके बाद मामला शांत हुआ। मड़ियाहूं में सपा नेता राजवीर यादव मौके पर पहुंचकर विरोध करते हुए पुलिस को सूचना दिए। मौके पर पहुंची पुलिस ने पोस्टर को तुरंत हटवा दिया। सपाइयों ने इसे विपक्ष की साजिश बताते हुए आपत्तिजनक पोस्टर लगाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने बताया कि यह साजिश है। इसकी घोर निंदा करते हैं। प्रकरण को लेकर एसपी से भी शिकायत की गई। साथ ही संबंधित थानों में कार्रवाई के लिए तहरीर भी दी गई है। केस दर्ज कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। आशंका है कि ऐसा करने वालों को कहीं न कहीं से सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed