{"_id":"69c44330638bab9ecc028640","slug":"police-station-entrances-have-become-junkyards-with-dilapidated-vehicles-parked-for-five-or-ten-years-jaunpur-news-c-189-1-svns1010-146096-2026-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaunpur News: थानों के प्रवेश द्वार बने कबाड़खाना, कहीं पांच तो कहीं दस वर्षों से खड़े खटारा वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaunpur News: थानों के प्रवेश द्वार बने कबाड़खाना, कहीं पांच तो कहीं दस वर्षों से खड़े खटारा वाहन
विज्ञापन
अलीनगर थाने के बाहर खड़ी कबाड़ गाड़ियां। संवाद
विज्ञापन
जिले के थानों और पुलिस चौकियों के प्रवेश द्वार कबाड़खाना बन गए हैं। कहीं पांच तो कहीं दस साल से खटारा वाहन खड़े हैं। इनमें कई वाहन जब्त है तो कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त है। इनके निस्तारण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो पा रही है। कई स्थानों पर खटारा वाहन खड़े-खड़े जंग खाकर जर्जर हो गए हैं। कई वाहन मिट्टी में धंस चुके हैं। कुछ स्थानों वाहन सड़क की पटिरियों पर खड़े हैं। इससे आवागमन बाधित हो रहा है। हादसे का खतरा भी बना हुआ है। इससे थानों की सुंदरता भी प्रभावित हो रही है।
सीन-1: अलीनगर थाने के पास रास्ता हो गया संकरा
चंदौली के अलीनगर थाने के मुख्य गेट पर बड़ी क्रेन, ट्रक, पिकअप और मैजिक समेत 15 से अधिक वाहन खड़े हैं। इनमें से अधिकांश वाहन पांच वर्ष से अधिक समय से खड़े हैं। कई वाहनों के टायर गल चुके हैं और वे पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। सड़क पर इन वाहनों के कब्जे से रास्ता संकरा हो गया है, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है।
सीन-2 : फुटपाथ पर भी खड़े कर दिए कबाड़ वाहन
मुगलसराय थाना क्षेत्र के जलीलपुर चौकी गेट पर दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो सहित चार-पांच ई-रिक्शा खड़े-खड़े कबाड़ बन चुके हैं। कबाड़ वाहनों से चौकी की सुंदरता प्रभावित हो रही है। सिक्स लेन के किनारे फुटपाथ पर भी कबाड़ वाहन खड़े हैं।
सीन-3: वाहनों में भर जाता है पानी : कंदवा थाने के बाहर करीब 10 वर्षों से तीन दुर्घटनाग्रस्त वाहन खड़े हैं। ये वाहन अब पूरी तरह कबाड़ बन चुके हैं और आसपास गंदगी फैला रहे हैं। बारिश में इनमें पानी भर जाता है, जिससे मच्छरों के बढ़ने का खतरा बना रहता है। थानाध्यक्ष राजीव कुमार मल्ल के अनुसार, ये वाहन विभिन्न मुकदमों से जुड़े हैं और न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण उनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और निर्देश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
सीन-4 : पटरियों पर खड़े वाहनों से खतरा
बलुआ थाने के पास सड़क किनारे खड़े दर्जनों सीज वाहन खड़े हैं। सड़क की पटरियों पर खड़े वाहनों से राहगीरों को दिक्कत हो रही है। पास में ही प्राइमरी स्कूल और इंटर कॉलेज है। सुबह के समय सैकड़ों छात्र-छात्राएं जोखिम लेकर गुजरते हैं। मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से यहां जाम लगता है। थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि अब तक 40 से अधिक वाहनों को हटाया जा चुका है और शेष को चार दिन के भीतर हटाने की प्रक्रिया जारी है।
सीन-5: चकिया कोतवाली
चकिया कोतवाली के बाहर भी जब्त वाहन खड़े हैं। कोतवाली गेट के पास एक ट्रक सहित करीब 6 वाहन खड़े हैं। वहीं परिसर के अंदर भी अलग-अलग मामलों में जब्त कई वाहन लंबे समय से खड़े हैं। कोतवाल अर्जुन सिंह ने बताया कि इन वाहनों को एक स्थान पर व्यवस्थित तरीके से रखने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत सभी जब्त वाहनों को एक सुरक्षित परिसर में शिफ्ट करने की तैयारी है, ताकि यातायात प्रभावित न हो और व्यवस्था बेहतर की जा सके।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
“अलीनगर थाने के बाहर वर्षों से खड़े ये वाहन प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाते हैं और आमजन के लिए खतरा बने हुए हैं।” — नुरुलहक सिद्दीकी, अलीनगर
“इन कबाड़ वाहनों को शीघ्र हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखा जाए, ताकि यातायात सुचारु हो सके और दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।” — गोविंद चंद्र भारती, अलीनगर
“10 वर्षों पहले जब्त किए गए वाहन अब पूरी तरह खटारा बन चुके हैं, लेकिन उन्हें हटाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।” — बाढू पहलवान, अलीनगर
“एक ही स्थान पर खड़े-खड़े जंग खा रहे ये वाहन अब मिट्टी में धंस चुके हैं और कई जगह सड़क तक फैल गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है।” — जितेंद्र यादव, अलीनगर
थाने के बाहर खड़े ट्रक से टकरा गई थी बाइक : पीडीडीयू नगर। अलीनगर थाना क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े जब्त वाहनों के कारण हादसे हो चुके हैं। करीब पांच वर्ष पूर्व परसिया निवासी श्यामा यादव बाइक से आते समय सड़क पर खड़े एक ट्रक से टकरा गए थे। इस दुर्घटना में उनका पैर की हड्डी टूट गई थी। इलाज के बाद भी उनका पैर पूरी तरह ठीक नहीं हुआ। इस घटना के बावजूद खटारा वाहनों को हटाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे भविष्य में भी ऐसे हादसों की आशंका बनी हुई है। संवाद
— अरुण कुमार सिंह, सीओ, पीडीडीयू नगर ने बताया कि ये वाहन विभिन्न मामलों से संबंधित हैं, जिनका निस्तारण न्यायालय के आदेश के बाद ही संभव है। वाहनों को रखने के लिए यार्ड का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके बनने के बाद समस्या का समाधान हो सकेगा।”
Trending Videos
सीन-1: अलीनगर थाने के पास रास्ता हो गया संकरा
चंदौली के अलीनगर थाने के मुख्य गेट पर बड़ी क्रेन, ट्रक, पिकअप और मैजिक समेत 15 से अधिक वाहन खड़े हैं। इनमें से अधिकांश वाहन पांच वर्ष से अधिक समय से खड़े हैं। कई वाहनों के टायर गल चुके हैं और वे पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। सड़क पर इन वाहनों के कब्जे से रास्ता संकरा हो गया है, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीन-2 : फुटपाथ पर भी खड़े कर दिए कबाड़ वाहन
मुगलसराय थाना क्षेत्र के जलीलपुर चौकी गेट पर दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो सहित चार-पांच ई-रिक्शा खड़े-खड़े कबाड़ बन चुके हैं। कबाड़ वाहनों से चौकी की सुंदरता प्रभावित हो रही है। सिक्स लेन के किनारे फुटपाथ पर भी कबाड़ वाहन खड़े हैं।
सीन-3: वाहनों में भर जाता है पानी : कंदवा थाने के बाहर करीब 10 वर्षों से तीन दुर्घटनाग्रस्त वाहन खड़े हैं। ये वाहन अब पूरी तरह कबाड़ बन चुके हैं और आसपास गंदगी फैला रहे हैं। बारिश में इनमें पानी भर जाता है, जिससे मच्छरों के बढ़ने का खतरा बना रहता है। थानाध्यक्ष राजीव कुमार मल्ल के अनुसार, ये वाहन विभिन्न मुकदमों से जुड़े हैं और न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण उनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और निर्देश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
सीन-4 : पटरियों पर खड़े वाहनों से खतरा
बलुआ थाने के पास सड़क किनारे खड़े दर्जनों सीज वाहन खड़े हैं। सड़क की पटरियों पर खड़े वाहनों से राहगीरों को दिक्कत हो रही है। पास में ही प्राइमरी स्कूल और इंटर कॉलेज है। सुबह के समय सैकड़ों छात्र-छात्राएं जोखिम लेकर गुजरते हैं। मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से यहां जाम लगता है। थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि अब तक 40 से अधिक वाहनों को हटाया जा चुका है और शेष को चार दिन के भीतर हटाने की प्रक्रिया जारी है।
सीन-5: चकिया कोतवाली
चकिया कोतवाली के बाहर भी जब्त वाहन खड़े हैं। कोतवाली गेट के पास एक ट्रक सहित करीब 6 वाहन खड़े हैं। वहीं परिसर के अंदर भी अलग-अलग मामलों में जब्त कई वाहन लंबे समय से खड़े हैं। कोतवाल अर्जुन सिंह ने बताया कि इन वाहनों को एक स्थान पर व्यवस्थित तरीके से रखने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत सभी जब्त वाहनों को एक सुरक्षित परिसर में शिफ्ट करने की तैयारी है, ताकि यातायात प्रभावित न हो और व्यवस्था बेहतर की जा सके।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
“अलीनगर थाने के बाहर वर्षों से खड़े ये वाहन प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाते हैं और आमजन के लिए खतरा बने हुए हैं।” — नुरुलहक सिद्दीकी, अलीनगर
“इन कबाड़ वाहनों को शीघ्र हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखा जाए, ताकि यातायात सुचारु हो सके और दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।” — गोविंद चंद्र भारती, अलीनगर
“10 वर्षों पहले जब्त किए गए वाहन अब पूरी तरह खटारा बन चुके हैं, लेकिन उन्हें हटाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।” — बाढू पहलवान, अलीनगर
“एक ही स्थान पर खड़े-खड़े जंग खा रहे ये वाहन अब मिट्टी में धंस चुके हैं और कई जगह सड़क तक फैल गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है।” — जितेंद्र यादव, अलीनगर
थाने के बाहर खड़े ट्रक से टकरा गई थी बाइक : पीडीडीयू नगर। अलीनगर थाना क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े जब्त वाहनों के कारण हादसे हो चुके हैं। करीब पांच वर्ष पूर्व परसिया निवासी श्यामा यादव बाइक से आते समय सड़क पर खड़े एक ट्रक से टकरा गए थे। इस दुर्घटना में उनका पैर की हड्डी टूट गई थी। इलाज के बाद भी उनका पैर पूरी तरह ठीक नहीं हुआ। इस घटना के बावजूद खटारा वाहनों को हटाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे भविष्य में भी ऐसे हादसों की आशंका बनी हुई है। संवाद
— अरुण कुमार सिंह, सीओ, पीडीडीयू नगर ने बताया कि ये वाहन विभिन्न मामलों से संबंधित हैं, जिनका निस्तारण न्यायालय के आदेश के बाद ही संभव है। वाहनों को रखने के लिए यार्ड का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके बनने के बाद समस्या का समाधान हो सकेगा।”