UP: सांस थमने तक घोंपता रहा चाकू...खून का बदला खून, दिलचस्प है थप्पड़ की कहानी; आरोपी के मकान को जलाया था
Jaunpur News: जौनपुर में 20 माह बाद प्रतिशोध आग धधकी तो चर्चा फिर से शुरू हो गई। हत्यारोपी चिघड़ू के ही अंदाज में ही उसकी चाकू घोंप-घोंप नृशंस हत्या कर दी गई। चिघड़ू 28 अगस्त 2025 को जेल से बाहर आया था। तभी से इसकी प्लानिंग कर रहा था।
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UP Crime: जौनपुर के जलालपुर थानाक्षेत्र के संघईपुर (कादीपुर) गांव के 20 माह बाद प्रतिशोध की आग फिर धधक गई। रोहित हत्याकांड का बदला उसी अंदाज में उसके पक्ष के लोगों ने लिया। बदले की आग में झुलस रहे आरोपियों ने कानून हाथ में लिया और 20 माह पहले आशीष उर्फ चिघड़ू की हत्या कर दी।
जलालपुर थानाक्षेत्र के संघईपुर (कादीपुर) से लेकर सिरकोनी गांव तक कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। हर किसी के चेहरे पर डर साफ छलक रहा है। वह 23 सितंबर 2024 को हुई संघईपुर गांव में हुए रोहित चौहान (21) की हत्या की घटना को याद कर आपस में ही चर्चा कर रहे हैं। लेकिन, किसी को नजदीक आते देख चुप्पी साध ले रहे हैं।
बदले के लिए की थी रोहित की गला रेतकर हत्या
23 सितंबर 2024 को रोहित बगीचे में मोबाइल पर गेम खेल रहा था। उसी समय गांव का ही आशीष उर्फ चिघडू चौहान भी वहां पहुंच गया। आरोप है कि जब तक रोहित कुछ समझ पाता चिघडू ने मोबाइल पर गेम खेल रहे उसके सिर के बाल को पकड़ा और चाकू से गर्दन पर कई वार कर दिए थे। घटना के समय बगीचे में कई लोग मौजूद थे। अचानक हुई इस घटना को देखकर लोग भागने लगे। वहीं पर मौजूद गांव के एक युवक राजेश ने विरोध किया तो चिघडू उसकी तरफ चाकू लहराते हुए लपका था।
हालांकि उसके बाद भी राजेश ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी भाग निकला। दो भाई व एक बहन में सबसे छोटे रोहित की हत्या के पीछे की वजह लोग बताते हैं कि घटना के कई महीने पहले रोहित चौहान व चिघड़ू चौहान के पिता से गाली-गलौज हुई थी। रोहित ने चिघड़ू के पिता अरविंद को दो-तीन थप्पड़ भी मार दिया था। उसी रंजिश के चलते यह हत्या की गई थी।
घटना के बाद चिघड़े के घर में लगा दी थी आग
पुलिस ने मामले में अरविंद चौहान और उसके बेटे आशीष चौहान चिघड़ू को गिरफ्तार कर 24 सितंबर को जेल भेज दिया था। वहीं, घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने हत्यारोपी चिघड़ू के घर में आग लगा दी थी, जिसके बाद तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात की गई थी, जो अब इस घटना के बाद फिर तैनात की गई।
ननिहाल में रहता था चिघड़ू, जमानत पर जेल से आया था बाहर
ग्रामीणों के मुताबिक, आशीष उर्फ चिघड़ू मनबढ़ था। वह 28 अगस्त 2025 को जमानत पर बाहर आया था और ननिहाल मड़ियाहूं में रहता था। वह बुधवार को बाइक से गांव आया था। चर्चा है कि रोहित के घर के पास जाकर उल्टा सीधा बोल दिया था, जिसके बाद प्रतिशोध की ज्वाला भड़क गई।