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Jaunpur News: टीम गांव-गांव जाकर हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन से करेगी जांच
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खेतासराय- हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के सामान। अस्पताल प्रशासन
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खेतासराय। टीबी मरीजों की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष पहल शुरू की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शाहगंज सोंधी की टीम हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के साथ गांव-गांव पहुंचकर संभावित मरीजों की जांच करेगी। इसमें टीबी संक्रमण की पहचान कर मरीजों को उपचार से जोड़ा जाएगा।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सूर्य प्रकाश यादव ने बताया कि ऐसे लोग जिन्हें लंबे समय से खांसी, बुखार, सीने में दर्द, वजन कम होना, सांस लेने में दिक्कत अथवा टीबी से संबंधित अन्य लक्षण हैं, उनका मौके पर ही एक्स-रे किया जाएगा। इसके अलावा जिन लोगों को टीबी होने की आशंका है, वे भी जांच का लाभ उठा सकते हैं। टीबी संक्रमित मरीजों की संख्या क्षेत्र में 150 के करीब है। इनका इलाज अस्पताल से चल रहा है जो रनिंग में हैं ऐसे परिवार के सदस्यों और उनके संपर्क में रहने वाले लोगों की भी विशेष रूप से जांच की जाएगी।
इससे संक्रमण की चेन को तोड़ने और परिवार के अन्य सदस्यों को बीमारी की चपेट में आने से बचाने में मदद मिलेगी। जांच के दौरान संदिग्ध पाए जाने वाले लोगों के बलगम और अन्य आवश्यक परीक्षण कराकर उन्हें राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि गांव स्तर पर पहुंचकर की जा रही यह जांच व्यवस्था टीबी मरीजों की जल्द पहचान में कारगर साबित होगी। समय पर रोग की पुष्टि होने से मरीजों का उपचार जल्दी शुरू हो सकेगा और संक्रमण फैलने की संभावना भी कम होगी।
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प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सूर्य प्रकाश यादव ने बताया कि ऐसे लोग जिन्हें लंबे समय से खांसी, बुखार, सीने में दर्द, वजन कम होना, सांस लेने में दिक्कत अथवा टीबी से संबंधित अन्य लक्षण हैं, उनका मौके पर ही एक्स-रे किया जाएगा। इसके अलावा जिन लोगों को टीबी होने की आशंका है, वे भी जांच का लाभ उठा सकते हैं। टीबी संक्रमित मरीजों की संख्या क्षेत्र में 150 के करीब है। इनका इलाज अस्पताल से चल रहा है जो रनिंग में हैं ऐसे परिवार के सदस्यों और उनके संपर्क में रहने वाले लोगों की भी विशेष रूप से जांच की जाएगी।
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इससे संक्रमण की चेन को तोड़ने और परिवार के अन्य सदस्यों को बीमारी की चपेट में आने से बचाने में मदद मिलेगी। जांच के दौरान संदिग्ध पाए जाने वाले लोगों के बलगम और अन्य आवश्यक परीक्षण कराकर उन्हें राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि गांव स्तर पर पहुंचकर की जा रही यह जांच व्यवस्था टीबी मरीजों की जल्द पहचान में कारगर साबित होगी। समय पर रोग की पुष्टि होने से मरीजों का उपचार जल्दी शुरू हो सकेगा और संक्रमण फैलने की संभावना भी कम होगी।