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Jhansi News: बंदी की तबीयत बिगड़ी, इलाज के दौरान मौत
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हमले के मामले में काट रहा था सात वर्ष की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला कारागार में निरुद्ध एक सजायाफ्ता बंदी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उपचार के लिए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान कानपुर स्थित अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
मोहल्ला तालाबपुरा निवासी मुन्ना सोनी उर्फ रामेश्वर (63) जिला कारागार में निरुद्ध था। जेलर आरएन गौतम के अनुसार 23 जनवरी को बैरक में अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। जेल प्रशासन द्वारा उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज ललितपुर ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। झांसी में हालत में सुधार न होने पर बंदी को उच्च हृदय रोग संस्थान (एलएलआर) कानपुर रेफर किया गया। 108 एंबुलेंस से जेल पुलिस की अभिरक्षा में उसे कानपुर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
जेलर ने बताया कि बंदी की बीमारी की जानकारी पूर्व में ही परिजनों को दी जा चुकी थी। इलाज के दौरान बंदी का पुत्र उसके साथ मौजूद था। मौत की सूचना मिलते ही परिजन कानपुर पहुंच गए।
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आईपीसी की धारा 326/34 में हुई थी सजा
मुन्ना सोनी उर्फ रामेश्वर के विरुद्ध वर्ष 2015 में कोतवाली सदर में मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। 26 नवंबर 2025 को न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 326/34 के तहत सात वर्ष का कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी। तभी से वह जिला कारागार में निरुद्ध चल रहा था।
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टैक्सी चालक पर हमले का था मामला
मोहल्ला तालाबपुरा निवासी मनीष जैन ने 7 जून 2015 को कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप था कि 5 जून 2015 की रात करीब 11:30 बजे पवन सोनी ने उससे टैक्सी मांगी थी। मना करने पर गाली-गलौज करते हुए पवन, मुन्ना सोनी और दो महिलाओं ने लाठी व लोहे की रॉड से हमला कर दिया।
बीच-बचाव में आए उसके भाई को भी पीटा गया, जिससे उसके सिर और मुंह में गंभीर चोटें आई थीं। घायल को जिला अस्पताल से भोपाल रेफर किया गया था। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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इलाज में लापरवाही के लगाए आरोप
ललितपुर। मृतक के दामाद देवेंद्र यादव ने जेल प्रशासन पर समय से इलाज न कराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ससुर को सजा सुनाए जाने के दूसरे दिन अधिवक्ता द्वारा न्यायालय के माध्यम से जेल प्रशासन को उनके हृदय रोग से संबंधित जानकारी दे दी गई थी और जेल में नियमित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया था। बावजूद समय रहते उपचार नहीं कराया गया। आरोप है कि स्वास्थ्य सुविधाओं में लापरवाही और इलाज में देरी के कारण ही बंदी की मौत हुई है। संवाद
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बंदी की हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल और हायर सेंटर कानपुर भेजा गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है। आगे की विधिक प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।
आरएन गौतम, जेलर, जिला कारागार
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला कारागार में निरुद्ध एक सजायाफ्ता बंदी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उपचार के लिए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान कानपुर स्थित अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
मोहल्ला तालाबपुरा निवासी मुन्ना सोनी उर्फ रामेश्वर (63) जिला कारागार में निरुद्ध था। जेलर आरएन गौतम के अनुसार 23 जनवरी को बैरक में अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। जेल प्रशासन द्वारा उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज ललितपुर ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। झांसी में हालत में सुधार न होने पर बंदी को उच्च हृदय रोग संस्थान (एलएलआर) कानपुर रेफर किया गया। 108 एंबुलेंस से जेल पुलिस की अभिरक्षा में उसे कानपुर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
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जेलर ने बताया कि बंदी की बीमारी की जानकारी पूर्व में ही परिजनों को दी जा चुकी थी। इलाज के दौरान बंदी का पुत्र उसके साथ मौजूद था। मौत की सूचना मिलते ही परिजन कानपुर पहुंच गए।
आईपीसी की धारा 326/34 में हुई थी सजा
मुन्ना सोनी उर्फ रामेश्वर के विरुद्ध वर्ष 2015 में कोतवाली सदर में मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। 26 नवंबर 2025 को न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 326/34 के तहत सात वर्ष का कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी। तभी से वह जिला कारागार में निरुद्ध चल रहा था।
टैक्सी चालक पर हमले का था मामला
मोहल्ला तालाबपुरा निवासी मनीष जैन ने 7 जून 2015 को कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप था कि 5 जून 2015 की रात करीब 11:30 बजे पवन सोनी ने उससे टैक्सी मांगी थी। मना करने पर गाली-गलौज करते हुए पवन, मुन्ना सोनी और दो महिलाओं ने लाठी व लोहे की रॉड से हमला कर दिया।
बीच-बचाव में आए उसके भाई को भी पीटा गया, जिससे उसके सिर और मुंह में गंभीर चोटें आई थीं। घायल को जिला अस्पताल से भोपाल रेफर किया गया था। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
इलाज में लापरवाही के लगाए आरोप
ललितपुर। मृतक के दामाद देवेंद्र यादव ने जेल प्रशासन पर समय से इलाज न कराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ससुर को सजा सुनाए जाने के दूसरे दिन अधिवक्ता द्वारा न्यायालय के माध्यम से जेल प्रशासन को उनके हृदय रोग से संबंधित जानकारी दे दी गई थी और जेल में नियमित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया था। बावजूद समय रहते उपचार नहीं कराया गया। आरोप है कि स्वास्थ्य सुविधाओं में लापरवाही और इलाज में देरी के कारण ही बंदी की मौत हुई है। संवाद
बंदी की हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल और हायर सेंटर कानपुर भेजा गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है। आगे की विधिक प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।
आरएन गौतम, जेलर, जिला कारागार
