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Kannauj News: बारिश ने 11 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, फसलों को भारी नुकसान
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कन्नौज। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण 24 घंटों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने ठंड के मौसम में 11 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मंगलवार की रात से 12 घंटे तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश से खेतों में पानी भर गया है। इससे आलू, सरसों और दलहनी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में 17 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जो सामान्य से पांच मिलीमीटर अधिक है। इस बेमौसम बरसात के कारण तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। साथ ही सात किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है।
ठंड में हुई अप्रत्याशित बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में जलभराव के कारण आलू की फसल सड़ने की आशंका बढ़ गई है, साथ ही झुलसा रोग लगने का खतरा भी सता रहा है। तिलहनी फसलों, विशेषकर सरसों और अरहर को भी काफी नुकसान हुआ है। जमीन गीली होने और तेज हवाओं के कारण कई जगह सरसों की फसल गिर गई है, जिससे उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की उम्मीद है। कृषि विभाग के अनुसार, जिले में 54 हजार हेक्टेयर में आलू और 17 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल बोई गई थी। बारिश और कोहरे की मार से अब तक 40 प्रतिशत आलू की बेलें मर चुकी हैं। सरसों में फूल झड़ने से भी उत्पादन घटने की आशंका है।
शहर में जलभराव, जनजीवन अस्त-व्यस्त
बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे आम लोगों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। रोडवेज बस स्टैंड परिसर, कलक्ट्रेट के पास गेट और तिर्वा क्रासिंग जैसे स्थानों पर पानी भर जाने से यात्रियों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। धीरा ताल के ओवरफ्लो होने से कृष्णानगर के निवासियों को भी दिक्कतें हुईं। मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिनों तक मौसम खराब रहने की आशंका जताई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
धुुंध के चलते धूप बेअसर
गुगरापुर। मंगलवार को मौसम का मिजाज बिगड़ने से रिमझिम बरसात होती रही। बादलों और धुंध के चलते धूप बेअसर रही। बुधवार को सुबह और शाम ठंड अधिक महसूस की गई। न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम 21 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर में कुछ देर के लिए सूरज बादलों के बीच चमका, लेकिन नमी और ठंडी हवा के कारण राहत नहीं मिल सकी। मौसम की इस आंखमिचौली से ग्रामीण इलाकों में लोग दिनभर गर्म कपड़ों में ही नजर आए।
वर्जन
आज से 11 साल पहले 2015 में 14 मिमी दर्ज की गई थी। इस बार इससे भी अधिक हुई है। अभी भी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है और जिले को यलो अलर्ट जारी किया गया है। तापमान पांच डिग्री गिरने से सर्दी का प्रकोप भी रहेगा।
-डॉ. अमरेंद्र कुमार, मौसम वैज्ञानिक
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शहर में जलभराव, जनजीवन अस्त-व्यस्त
बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे आम लोगों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। रोडवेज बस स्टैंड परिसर, कलक्ट्रेट के पास गेट और तिर्वा क्रासिंग जैसे स्थानों पर पानी भर जाने से यात्रियों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। धीरा ताल के ओवरफ्लो होने से कृष्णानगर के निवासियों को भी दिक्कतें हुईं। मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिनों तक मौसम खराब रहने की आशंका जताई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
धुुंध के चलते धूप बेअसर
गुगरापुर। मंगलवार को मौसम का मिजाज बिगड़ने से रिमझिम बरसात होती रही। बादलों और धुंध के चलते धूप बेअसर रही। बुधवार को सुबह और शाम ठंड अधिक महसूस की गई। न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम 21 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर में कुछ देर के लिए सूरज बादलों के बीच चमका, लेकिन नमी और ठंडी हवा के कारण राहत नहीं मिल सकी। मौसम की इस आंखमिचौली से ग्रामीण इलाकों में लोग दिनभर गर्म कपड़ों में ही नजर आए।
वर्जन
आज से 11 साल पहले 2015 में 14 मिमी दर्ज की गई थी। इस बार इससे भी अधिक हुई है। अभी भी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है और जिले को यलो अलर्ट जारी किया गया है। तापमान पांच डिग्री गिरने से सर्दी का प्रकोप भी रहेगा।
-डॉ. अमरेंद्र कुमार, मौसम वैज्ञानिक
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